हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

सावधानी से कराये ये 5 डेंटल ट्रीटमेंट

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 26, 2015
अगर आप अपने दाँतो की अच्छे से देखभाल नहीं करते तो दाँतो एवं मसूडों में होने वाली बीमारियाँ आपके दाँतो को समय से पहले खत्म कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर आप इसके इलाज को लेकर सावधानी भी जरूर बरतें।
  • 1

    दाँतों की देखभाल करना जरूरी क्यों

    अपने दांतों का ख़्याल रखना बेहद ज़रूरी है। नियमित तौर पर दांतों के डॉक्टर (डेन्टिस्ट) से चेकअप करवाना, ब्रश करना और फ्लॉसिंग दांतों की देखभाल में शामिल है।दांत और मुंह की समस्या इस बात का संकेत भी देते हैं कि आपके शरीर में कहीं और कोई समस्या है। बैक्टीरिया कड़ी सतह यानी हमारे दाँतो पर चिपकते हैं तो एक अदृश्य सतह, जिसको कि प्लेक कहते हैं, हमारे दांतों के चारों ओर बना देते हैं |
    ImageCourtesy@gettyimages

    दाँतों की देखभाल करना जरूरी क्यों
  • 2

    दांतो के ट्रीटमेंट मे सावधानी

    दांतों की देखभाल करने मे सबसे जरूरी दांतो की बीमारियों के बारे मे आवश्यक जानकारी रखना। अक्सर हम दांतों मे दर्द या कैविटी लगने के कारण डॉक्टर की सलाह पर इलाज करा लेते है। लेकिन ये तरीका सही नहीं है। कई बार ये इलाज अनावश्यक भी होते है। इसके बारे मे जानकारी का अभाव आपको परेशानी मे डाल सकता है। इसलिए अपने इलाज के बारे में पूरी जानकारी जरूर लें।
    ImageCourtesy@gettyimages

    दांतो के ट्रीटमेंट मे सावधानी
  • 3

    दांतो की सफाई

    स्वस्थ दांतो के लिए उनकी सफाई रखना बहुत जरूरी होता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप जब भी अपने रेगुलर चेकअप के लिए जाए तो दांतों की स्केलिंग करा दें। इससे भी दांत खराब हो जाते है। दांतों पर टार्टर की सफाई के लिए स्केलिंग करानी चाहिए। अगर आपके डॉक्टर स्केलिंग करने के लिए कहते है तो उनसे कहिए कि आपको टार्टर दिखाएं। अगर आपको लगता है कि सफाई की जरूरत है तभी कराएं। दांतो की स्केलिंग साल के अंतर पर ही कराएं।
    ImageCourtesy@gettyimages

    दांतो की सफाई
  • 4

    एक्सरे की जरूरत

    एक्स रे से मुंह के अंदर की हड्डियां भी दिख जाती हैं। इससे केविटी का पता चल जाता है। एक्स रे निकालने के लिए डेन्टिस्ट आपके मुंह के अंदर एक स्पेशल फिल्म डालकर एक्स रे मशीन का इस्तेमाल करता है। डेंटिस्ट आम तौर पर चार एक्स रे निकालते हैं और आप कुछ ही मिनट में उन्हें देख भी सकते हैं।अगर आप अपने दांतों के डॉक्टर को बार-बार बदलते है तो ज्यादा एक्सरे कराने की संभावना है। ज्यादा एक्सरे से ब्रेन ट्युमर होने का खतरा होता है।
    ImageCourtesy@gettyimages

    एक्सरे की जरूरत
  • 5

    बच्चों को एनेस्थेसिया

    बच्चों का इलाज करते समय अक्सर डॉक्टर अक्सर उन्हे एनेस्थेसिया देते है ताकि बच्चों का ज्यादा परेशानी ना हो। लोकल एनेस्थेसिया  मरीज को असहनीय दर्द से बचने के लिए दिया जाता है। लेकिन अगर कोई मेजर ट्रीटमेट ना हो तो कोशिश करे कि बिना एनेस्थेसिया दिये ही उसका इलाज हो।एनेस्थेसिया की अनावश्यक मात्रा कई बार जानलेवा साबित होती है।  एक सफल ऑपरेशन के लिए एक कुशल एनेस्थेसियोलॉजिस्ट का होना आवश्यक है।
    ImageCourtesy@gettyimages

    बच्चों को  एनेस्थेसिया
  • 6

    जानें रूट कैनाल

    रूट कैनाल एक ऐसा इलाज है जसमें क्षतिग्रस्त या संक्रमित दांत को निकालने के जगह उसकी मरम्मत की जाती है। शब्द "रूट कैनाल" दांत की जड़ के अंदर की कैनाल्स (canals) की सफाई से आता है। अक्सर हम सोचते है कि रूट कैनाल की जगह दवाईयों का सेवन नहीं कर सकते है। पर दवाई से केवल आपका दर्द कम जाएगा, अंदर का संक्रमण नहीं खत्म होगा। रूट कैनाल कराने से पहले डॉक्टर से इसके बारे मे विस्तार से जानकारी लें। अपने अपने दांतों की स्थिति के अनुसार ही इलाज कराएं।
    ImageCourtesy@gettyimages

    जानें रूट कैनाल
  • 7

    डेंटल क्राउन

    यदि कोई दाँत कहीं से थोड़ा सा झड़ या टूट गया है या दाँत का रंग बदल गया हो तो दाँत पर खोल चढ़ाने के अलावा एक पतली सी परत भी चढ़ाई जा सकती है । जिसकी मोटाई सामान्य: 3-5 मिलीमीटर की होती है। इसे एक गोंद से दाँत पर चिपका दिया जाता है।इसके लिए दाँत को सुन्न करने की आवश्यकता ना होती है ।  ये स्थायी नहीं होता है। समय समय पर इसे दोबारा कराना पड़ता है। इन सब बातों की जानकारी लेने के हाद ही आप डेंटल क्राउन लगवाएं।
    ImageCourtesy@gettyimages

    डेंटल क्राउन
  • 8

    अपने खाने को ध्यान पूर्वक चुने

    स्नैकस खाने से जितना बच सकें बचना चाहिए कयोंकि स्नैक्स में प्रयुक्त मसाले बहुत जल्दी ही दांतों में प्लेक को बनने  में मदद करते हैं जिससे जल्दी ही दाँतो में कैविटी हो जाती है। चॉकलेट खाने से बचना चाहिए। चीज़ और दूध स्वस्थ दांतों के लिए अच्छे होते हैं। मीठा कम खाना चाहिए। हरी सब्जियाँ खानी चाहियें। सोडा या जूस के स्थान पर पानी पीना चाहिए क्योंकि फलों के जूस में भी एसिड्स और शुगर होते हैं जोकि दांतों को नुकसान पहुंचाते हैं।
    ImageCourtesy@gettyimages

    अपने खाने को ध्यान पूर्वक चुने
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर