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जख्‍मों की शुरूआती देखभाल

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:May 17, 2014
चोट लगने के बाद संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जरूरी है कि आप उस चोट का प्राथमिक उपचार करें, इससे चोट जल्‍दी ठीक हो सकता है।
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    जख्‍म होने के बाद

    अक्‍सर आपको चोट लग जाती है और इसके कारण घाव हो जाता है। अगर आपने तुरंत इसका उपचार नहीं किया तो इस चोट के कारण ब्‍लीडिंग हो सकती है और जख्‍म बढ़ भी सकता है। इतना ही नहीं इस मामुली चोट के कारण टिटनेस भी हो सकता है, इ‍सलिए इसे बिलकुल भी नजरअंदाज न करें। और जख्‍म के लिए तुरंत प्राथमिक उपचार पर ध्‍यान दें।

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    जख्‍म होने के बाद
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    क्‍यों जरूरी है प्राथमिक देखभाल

    अगर आपको चोट लगती है तो सबसे पहले यह देखें कि घाव का दायरा बड़ा है या छोटा। अगर आपके पास फर्स्‍ट एड किट है तो तुरंत उसे चोट पर लगाइए। इससे संक्रमण फैलने की संभावना कम होती है। साथ ही आपकी चोट आसानी से ठीक भी हो जाती है।

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    क्‍यों जरूरी है प्राथमिक देखभाल
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    खून को रोकें

    चोट लगने के बाद चोट वाली जगह से खून निकलने लगता है। अगर शरीर से ज्‍यादा ब्‍लीडिंग हो जाये तो व्‍यक्ति की मौत भी हो सकती है। इसलिए सबसे पहले खून को रोकने की कोशिश कीजिए। इसके लिए आप बैंडेज या फिर कॉटन का सहारा ले सकते हैं।

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    खून को रोकें
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    घाव को साफ कीजिए

    जिस जगह पर चोट के कारण जख्‍म हुआ है, वहां गंदगी और कीटाणु फैल जाते हैं और इनके कारण ही संक्रमण फैलने की संभावना भी रहती है। इसलिए ब्‍लीडिंग रोकने के काद घाव को साफ कीजिए। घाव को साफ पानी से धोयें। साबुन का प्रयोग बिलकुल न करें, इसके कारण खुजली हो सकती है।

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    घाव को साफ कीजिए
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    एंटीबॉयटिक लगायें

    चोट को साफ करने के तुरंत बाद उस पर एंटीबॉयटिक क्रीम का प्रयोग कीजिए, क्रीम की एक मोटी परत घाव पर लगाइये। इस चोट पर किसी सामान्‍य क्रीम का प्रयोग बिलकुल न करें, क्‍योंकि इसके कारण संक्रमण हो सकता है। इसके लिए एंटीबॉयटिक क्रीम और एंटीबॉयटिक मलहम ही प्रयोग करें।

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    एंटीबॉयटिक लगायें
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    घाव को ढंकें

    जिस जगह पर घाव के कारण जख्‍म हुआ है उसे खुला न छोड़ें, उस जगह को कॉटन की पट्टी से ढंक दीजिए। इससे बाहरी बैक्‍टीरिया उस घाव पर नहीं जा सकते। जख्‍म को ढंकने से आपका घाव जल्‍दी ठीक होने में मदद मिलती है।

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    घाव को ढंकें
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    पट्टियों को बदलते रहें

    जख्‍म होने के बाद एक बार आपने जो पट्टी लगा दी उसे बदलते रहिये। जब भी आपको लगे कि पट्टी सूख गई है, तो उसे बदल दीजिए। सामान्‍यतया चोट के लिए 24 घंटे बाद पट्टी बदलने की सलाह दी जाती है। अगर आपको पट्टी में समस्‍या हो रही है तो मेडिकल स्‍टोर पर मिलने वाले बैंडेज का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यह आसानी से लग भी जाता है।

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    पट्टियों को बदलते रहें
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    गहरी चोट के लिए टांके

    अगर चोट गहरी है तो उसमें आसानी से ब्‍लीडिंग बंद नहीं होती है, बहते खून को रोकने के लिए टांके लगाने की जरूरत होती है। अगर चोट गहरी है तो उसपर तुरंत टांके लगाइये।

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    गहरी चोट के लिए टांके
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    घाव के लक्षणों को देखें

    अगर आपकी चोट आसानी से ठीक नहीं हो रही है तो चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए। इससे पहले अपने चोट की प्रकृति को समझिये, चोट पर पड़ने वाले चकत्‍ते, बढ़ते हुए दर्द, आदि को देखते हुए चिकित्‍सक से सलाह अवश्‍य लीजिए।

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    घाव के लक्षणों को देखें
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    टिटनेस की सूई

    वैसे सामान्‍यतया चिकित्‍सक भी सलाह देते हैं कि हर व्‍यक्ति को प्रत्‍येक 10 साल पर टिटनेस के टीके लगवाने चाहिए। लेकिन अगर आपको गहरी चोट लगी है तो टिटनेस की सूई जरूर लगवायें। यह घाव को संक्रमित होने से बचाता है।

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    टिटनेस की सूई
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