व्‍यायाम से कम करें कैंसर का खतरा

By:Bharat Malhotra, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Aug 22, 2014

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व्‍यायाम से न केवल आपका वजन कम होता है और आप सेहतमंद रहते हैं। बल्कि कई शोध यह भी प्रमाणित करते हैं कि यह आपको कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाने में भी सहायक होते हैं।
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    व्‍यायाम और कैंसर में संबंध

    व्‍यायाम सभी प्रकार के कैंसर के खिलाफ रक्षा-कवच की तरह काम करता है। कैंसर से होने वाली करीब एक तिहाई मौतें मोटापे और आरामतलब जीवनशैली के कारण होती हैं। इसमें कोलोन और स्‍तन कैंसर भी शामिल हैं, जो अमेरिका में सबसे सामान्‍य कैंसर में शामिल हैं। Image Courtesy- getty images

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    जीवनशैली और कैंसर में संबंध

    कर्इ लोग दिल की बीमारियों से बचने के लिए व्‍यायाम करते हैं। लेकिन, व्‍यायाम कैंसर से बचाने में भी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है। जानकारों का कहना है कि ज्‍यादातर कैंसर अनुवांशिक नहीं होते। इनके पीछे जीवनशैली संबंधी कारक उत्‍तरदायी होते हैं। Image Courtesy- getty images

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    व्‍यायाम कम करे मोटापा और स्‍तन कैंसर का खतरा

    दो दर्जन से ज्‍यादा शोध में यह बात सामने आयी है कि व्‍यायाम करने वाली महिलाओं को स्‍तन कैंसर होने का खतरा, निष्क्रिय जीवन जीने वाली महिलाओं की अपेक्षा 30 से 40 प्रतिशत तक कम होता है। इसमें महिलाओं का हॉर्मोन एस्‍ट्रोजन महती भूमिका निभाता है। जिन महिलाओं के रक्‍त में एस्‍ट्रोजन का स्‍तर अधिक होता है, उन्‍हें स्‍तन कैंसर होने का खतरा अधिक होता है। क्‍योंकि व्‍यायाम करने से एस्‍ट्रोजन का स्‍तर कम हो जाता है इसलिए महिलाओं को स्‍तन कैंसर होने का खतरा भी घट जाता है। इसके साथ ही व्‍यायाम इनसुलिन जैसे कैंसर के अन्‍य कारकों को भी कम करता है। Image Courtesy- getty images

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    बुजुर्ग महिलाओं को भी खतरा

    यहां तक कि बूढ़ी महिलाओं को भी एस्‍ट्रोजन के बारे में सोचने की जरूरत होती है। मेनापोज के बाद वसा कोशिकायें इस हॉर्मौन का निर्माण करती हैं। जो महिलायें एक्‍सरसाइज करती हैं उनमें वसा कम होती है इसलिए एस्‍ट्रोजन का निर्माण भी कम होता है। दुनिया भर की महिलाओं में स्‍तन कैंसर सबसे अधिक देखा जाता है। ऐसे में महिलायें व्‍यायाम के जरिये स्‍तन कैंसर के संभावित खतरे को कम कर सकती हैं। Image Courtesy- getty images

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    कोलन कैंसर को हरायें

    अकेले अमेरिका में हर साल करीब 50 हजार लोग कोलोन कैंसर के कारण अपनी जान गंवाते हैं। तीन दर्जन से अधिक शोध में यह बात सामने आयी कि व्‍यायाम करने से कोलोन कैंसर का खतरा 20 फीसदी तक कम हो जाता है। इसके फायदे महिलाओं और पुरुषों दोनों को होते हैं। हालांकि, पुरुषों में व्‍यायाम के फायदे ज्‍यादा देखे जाते हैं। वर्जिश करने से पाचन अम्‍ल और अन्‍य कारकों पर भी सकारात्‍मक असर पड़ता है। और ऐसा माना जाता है कि ये कारक भी कोलोन कैंसर के संभावित कारण हो सकते हैं। एक्‍सरसाइज करने से मोटापा कम होता है, इनसुलिन का स्‍तर स्थिर रहता है इससे भी कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है। ताजा शोध में भी यह बात सामने आयी है कि शारीरिक गतिविधि डीएनए को सुधारती है जिससे कोलोन कैंसर का खतरा कम होता है। Image Courtesy- getty images

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    कितना व्‍यायाम है काफी

    जानकार मानते हैं कि हफ्ते के अधिकतर दिन 30 मिनट का व्‍यायाम करना चाहिये। हालांकि अगर आप ज्‍यादा से ज्‍यादा लाभ हासिल करना चाहते हैं तो आपको रोजाना एक घंटा व्‍यायाम करने का लक्ष्‍य बनाना चाहिये। मध्‍यम व्‍यायाम जैसे तेज चलना और साइकिल चलाना आदि भी काफी है। हालांकि अगर आप ज्‍यादा लाभ प्राप्‍त करना चाहते हैं तो आपको थोड़े कड़े व्‍यायाम करने चाहिये। Image Courtesy- getty images

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    बैठे न रहें

    यह कहना आसान है और करना बहुत मुश्किल। रोजाना आधे घंटे का व्‍यायाम जिसमें पैदल चलना, धीरे-धीरे तैरना, साइकिल चलाना आदि से आप अपने व्‍यायाम की शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा आप लिफ्ट या एक्‍सकलेटर के स्‍थान पर सीढ़ियों का इस्‍तेमाल करें। रात के खाने के बाद जरा यूं ही टहल लिया करें। आप चाहें तो दोस्‍तों या परिवार के लोगों के साथ लंच के समय व्‍यायाम कर सकते हैं। डांस भी कसरत का एक अच्‍छा और मनोरंजक विकल्‍प है। अपने को-वकर्स को बार-बार ईमेल भेजने से अच्‍छा है कि आप उनके पास उठकर जायें। Image Courtesy- getty images

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    खेलें और मजा लें

    पैरों में पेडोमीटर पहनें और देखें कि आप कितने कदम रोज चलते हैं। रोजाना पिछले दिन से ज्‍यादा पैदल चलने का प्रयास करें। आप किसी खेल टीम का हिस्‍सा भी बन सकते हैं। इससे आपको व्‍यायाम के लाभ भी मिलेंगे और साथ ही आपका मनोरंजन भी होगा। Image Courtesy- getty images

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