एनर्जी बूस्टर से जुड़े मिथ और तथ्‍य

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Aug 12, 2014

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

लोग मानते हैं कि शरीर को यदि शरीर को एनर्जी बूस्टर दिये जाएं तो वह ज्यादा स्वस्थ और एक्टिव रहेगा, लेकिन ऐसा नहीं है, लोगों में एनर्जी बूस्टर से जुडे कई मिथ हैं, जिनको दूर करना उनके लिए लाभदायक होगा।
  • 1

    मिथ और फैक्ट्स

    कई लोगों की ऐसी मान्यता है कि डिटॉक्स अापकी ऊर्जा बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। और सूपरफूड थकान को दूर कर सकते हैं। लेकिन कई वैज्ञानिक सबूत इन मान्यताओं को सिरे से नकारते हैं। तो चलिये जानें एनर्जी बूस्टर से जुड़े कुछ मिथ और फैक्ट्स।  
    Image courtesy: © Getty Images

  • 2

    पानी से डिटॉक्सिकेशन

    मिथ : एक दिन में आठ गिलास से अधिक पानी पीना चाहिए।
    तथ्‍य: शरीर में तरल की जरूरत कई कारकों पर निर्भर करती है। यदि कोई ज्यादा काम करता है, तो उसे ज्यादा तरल की जरूरत होती है। वहीं यदि कोई तरल से भरपूर फल और सब्जियां लेता है, तो उसे कम पानी की जरूरत होती है। ऐसे में जरूरी नहीं कि आठ गिलास पानी से ही उसके शरीर को जरूरत के पानी की पूर्ति होगी।
    Image courtesy: © Getty Images

  • 3

    सुपरफूड

    मिथ : केवल सुपरफूड खाने से ही सेहत बनती है।
    तथ्‍य: न्यूजपेपर, मैग्ज़ीन और इंटरनेट पर आप आए दिन सुपरफूड के चमत्कारों के बारे में सुन सकते हैं। सुपरफूड जैसे अजवाइन, ब्रोकोली, चुकंदर का रस, जैम, पॉपकॉर्न व अनाज आदि को सुपरफूड नाम दे दिया गया है। ये सेहत के लिए लाभदायक होते हैं लेकिन सुपरफूड की कोई आधिकारिक परिभाषा नहीं है। इसलिए यूरोपियन यूनियन ने बिना अनुसंधान किसी भी उत्पाद पैकेजिंग पर इस शब्द के उपयोग को प्रतिबंधित किया है।
    Image courtesy: © Getty Images

  • 4

    एनर्जी ड्रिंक्स

    मिथ : एनर्जी ड्रिंक्स शरीर की ऊर्जा को बढ़ाते हैं।
    तथ्‍य: एनर्जी ड्रिंक्स के मिश्रित लाभ होते हैं। ऊर्जा पेय शुगर और कैफीन से भरे होते हैं (कोला की एक कैन से कभी-कभी दो गुना अधिक कैफीन वाले)। ये पेय निश्चित रूप से आपको अस्थायी ऊर्जा तो देते हैं। लेकिन ये अस्थायी होता है और अन्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। सादा पानी एक एनर्जी ड्रिंक की तुलना में बेहतर है। वहीं त्वरित ऊर्जा के लिए फल या नाश्ता जैसे केला बेहतर विकल्प है।
    Image courtesy: © Getty Images

  • 5

    रेड वाइन

    मिथ : रेड वाइन के सेवन से याद्दाश्त बढ़ती है
    तथ्‍य: कुछ शोध कहते हैं कि रेड वाइन का संतुलित मात्रा में सेवन आपकी याद्दाश्त बढ़ा सकता है। लेकिन यदि आप एक बार में 300 मिलीलीटर से ज्यादा रेड वाइन का सेवन करते हैं तो यह आपके दिमाग के लिए उतनी ही हानिकारक भी हो साबित हो सकती है।
    Image courtesy: © Getty Images

  • 6

    विटामिन्स

    मिथ :  यदि आप हमेशा थके-थके रहते हैं तो आपको अधिक विटामिन की जरूरत है।
    तथ्‍य: विटामिन बी या आयरन को ऊर्जा में वृद्धि के लिए इस्तेमाल किया जाता है।  विटामिन बी या आयरन की कमी कमजोरी का कारम बन सकती है, लेकिन सही खान-पान के माध्यम से शरीर में इन दोनों की पूर्ति हो जाती है। इसलिए आमतौर पर अलग से विटामिन लेने की जरूरत नहीं होती है।
    Image courtesy: © Getty Images

  • 7

    ज्यादा फाइबर

    मिथ : कब्ज की समस्या से निजात पाने के लिए खाने में बहुत ज्यादा फाइबर लेना चाहिए।
    फैक्ट: हां ये बात सच है कि कब्ज में उच्च फाइबर वाले आहार की सलाह दी जाती है। लेकिन चोकर युक्त अनाज के अधिक सेवन से कब्ज की समस्या ज्यादा हो सकती है। अघुलनशील फाइबर जैसे आयरन कुछ खनिज तत्वों के अवशोषण में रुकावट डाल सकता है। सामान्यतः ऐसे में फलों और सब्जियों में पाए जाने वाले घुलनशील फाइबर लेना फायदेमंद होता है। विशेषतौर पर सूखे फल। Image courtesy: © Getty Images

  • 8

    विटामिन और खनिज

    मिथ :  विटामिन और मिनरल सप्लिमेंट्स तनाव पर काबू पाने में मदद करते हैं।
    तथ्‍य:  विटामिन सी ऑक्सिडेटिव तनाव के प्रभावित करता है लेकिन दैनिक तनाव में इसकी भूमिका को लेकर अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। केवल अत्यधिक तनाव, जैसे गंभीर बीमारी या शल्य चिकित्सा में अतिरिक्त विटामिन मदद कर सकता है।
    Image courtesy: © Getty Images

  • 9

    सभी ड्रिंक्स का एक सा प्रभाव

    मिथ : सभी एनर्जी बूस्टर का शरीर पर एक जैसा प्रभाव होता है।
    तथ्‍य: ऐसा नहीं है, अलग-अलग तरह के एनर्जी बूस्टर में अलग-अलग गुण व तत्व मौजूद होते हैं। किसी में कैफीन की मात्रा अलग होती है तो किसी में शुगर की। इन सभी का शरीर पर प्रभाव भी इनकी क्वालिटी पर निर्भर करता है।
    Image courtesy: © Getty Images

Related Slideshows
  • कार्ब्‍स से जुड़े 7 मिथ और तथ्‍य को जानेंकार्ब्‍स से जुड़े 7 मिथ और तथ्‍य को जानें

    कार्ब्‍स को लेकर लोगों के मन में कई प्रकार के मिथ है! आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से हम आपको ऐसे ही कुछ कार्ब्‍स संबंधित मिथ के बारे में बताते हैं, जिनकी सच्‍चाई वास्‍तव में कुछ और ही है।

    read more
  • पाचन से जुड़े ये 7 मिथ पाचन से जुड़े ये 7 मिथ

    पाचन से जुडें कुछ बातों को जानना थोड़ा कठिन होता है। इसलिए हमारे मस्तिष्‍क में पाचन तंत्र को लेकर कई प्रकार के मिथ बने रहते हैं।

    read more
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर