एक्‍सरसाइज के लिए जरूरी है ये 11 मोटिवेशन ट्रिक्‍स

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Dec 05, 2014

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शरीर को फिट रखने के लिए नियमित व्‍यायाम बहुत जरूरी है, लेकिन अगर आप व्‍यायाम करने से बचते हैं, तो खुद को उत्‍प्रेरित करने की जरूरत है, तो क्‍यों न व्‍यायाम के लिए मोटिवेशन ट्रिक्‍स आजमायें।
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    एक्‍सरसाइज के लिए मोटिवेशन ट्रिक्‍स

    नियमित व्‍यायाम न केवल आपको फिट रखता है बल्कि सामान्‍य और खतरनाक बीमारियों से भी बचाता है। रोज व्‍यायाम करने से मांसपेशियां मजबूत रहती हैं। दिल को मजबूत बनाने और दिल संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए व्‍यायाम बहुत जरूरी है। सामान्‍यतया लोग रोज व्‍यायाम करने से जी चुराते हैं, इससे बचते हैं। जबकि वर्तमान में अस्‍वस्‍थ खाने और देर तक कुर्सी पर बैठकर काम करने की वजह से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है और हम बीमारियों की गिरफ्त में आसानी से चले जा रहे हैं। इसलिए अगर आप भी रोज व्‍यायाम से जी चुराते हैं तो खुद को प्रेरित करने के लिए कुछ तरीके जरूर आजमायें।
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    समय का रोना

    देर रात तक कार्यालय में काम करने, देर तक होने वाली पार्टियों के बाद देर से सोने के कारण सुबह हम जब उठने के साथ ही हम खुद को उसी दिनचर्या में पाते हैं। ऐसे में हमारे पास इतना भी समय नहीं होता कि 30-40 मिनट वर्कआउट को दे पायें। ऐसे में हम सयम का रोना रोते हैं और व्‍यायाम नहीं करते। जबकि अगर खुद को ऊर्जावान रखना है, काम को सही तरीके से निपटाना है तो सुबह के वक्‍त व्‍यायाम के लिए समय जरूर निकालें।
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    व्‍यायाम को नजरअंदाज न करें

    व्‍यायाम को नजरअंदाज करना यानी बीमारियों को न्‍योता देना। वास्‍तव में व्‍यायाम हमारे दिल और धमनियों के लिए बहुत ही उपयोगी और शक्तिशाली दवा की तरह है। रोज व्‍यायाम करने से दिल और दिमाग स्‍वस्‍थ रहते हैं। नियमित व्‍यायाम करने से शरीर में रक्‍त का संचार आसानी से होता है और इसके लिए दिल को अधिक मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ती है। इसलिए व्‍यायाम को नजरअंदाज तो बिलकुल न करें।
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    5 मिनट की वॉक

    अमेरिकन हॉर्ट एसोसिएशन की मानें तो हम सामान्‍यतया एक सप्‍ताह में 150 मिनट तक वर्कआउट करने की योजना बनाते हैं, लेकिन इस लक्ष्‍य तक पहुंचने में असफल रहते हैं। इस लक्ष्‍य को पाने के लिए अगर आपके पास समय नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं है। जब भी मौका मिले चलने की आदत डालें। सुबह उठकर केवल 5 मिनट चलें, हो सके तो ब्रिस्‍क वॉक करें। कार्यालय से निकलने के बाद बस स्‍टॉप तक पैदल जायें, थोड़ा अधिक चलने के लिए 2-3 स्‍टॉप के बाद बस पकड़ें। इससे आपका दिल मजबूत रहेगा और आप व्‍यायाम भी कर लेंगे।
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    व्‍यायाम के साथ टीवी देखें

    सामान्‍यतया हम रोज 2 घंटे तक टीवी देखते हैं, इससे डायबिटीज के साथ आंखें भी कमजोर होने लगती हैं। अगर आप टीवी देखना नहीं छोड़ सकते हैं तो व्‍यायाम करना कैसे छोड़ रहे हैं। बाहर जाने का समय नहीं है तो घर में टीवी देखते हुए 20-30 मिनट तक व्‍यायाम करें, इससे आपका कोई कार्यक्रम भी नहीं छूटेगा और व्‍यायाम भी हो जायेगा।
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    अपने बारे में सोचना बंद करें

    आप हर वक्‍त अपने आराम के बारे में सोचते हैं, इसके लिए छोटी-छोटी शारीरिक गतिविधियों को नकारते भी हैं। जबकि टुकड़ों में व्‍यायाम करके भी आप खुद को फिट रख सकते हैं। शॉपिंग के बाद अपनी ट्रॉली को कार के पास न छोड़ें, उसे वापिस करके आयें, सब्‍जी लेने के लिए पैदल जायें, घर के आसपास की गंदगी खुद से साफ कीजिए। इनसे आपको शुकून के साथ फिटनेस भी मिलेगी।
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    एलीवेटर नहीं सीढ़ी

    मायो क्‍लीनिक द्वारा किये गये शोध की मानें तो सीढि़यों की बजाय एलीवेटर का प्रयोग करके आप रोजाना 111 कैलोरी बचाते हैं, यह ऐसी बचत है जो फायदे की जगह नुकसानदेह है। जितना अधिक कैलोरी खर्च करेंगे उतना ही बीमारियों से बचाव होगा, और शरीर पर अतिरिक्‍त चर्बी नहीं जमेगी। इसलिए जब भी सीढि़यों और एलीवेटर में एक चुनने की बात आये तो सीढि़यों का ही प्रयोग करें।
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    इंतजार जो बन जाये व्‍यायाम

    हम रोज किसी न किसी का इंतजार करते हैं, तो क्‍यों न इस समय का सदुपयोग किया जाये। अगर आप बैंक में बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, ऑफिस के मीटिंग रूम में भी इंतजार कर रहे हैं, डॉक्‍टर की क्‍लीनिक में अपनी बारी की प्रतिक्षा में हैं, बस स्‍टैंड पर दोस्‍त का इंतजार कर रहे हैं, तो इसे इंतजार को व्‍यायाम बना डालिये। अगर इस काम में आप 10-20 मिनट बैठकर बिताते हैं तो इस समय का सदुपयोग करें और थोड़ा टहलें। टहलने से भी दिल मजबूत होता है।
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    इस तरह से टहलें

    अगर दो लोग मीटिंग रूम में बैठकर बात कर रहे हैं तों तो टहलते हुए करें, चाय बैठकर पीने से अच्‍छा है टहलते हुए पियें। लंच और डिनर के बाद 10 मिनट टहलने के लिए निकालें। अपने घर के पास वाले बस स्‍टैंड पर उतरने से अच्‍छा है एक स्‍टैंड पहले उतरकर टहल लें। फोन पर बात करते हुए बेड या कुर्सी का प्रयोग क्‍यों कर रहे हैं, टहलते हुए भी आसानी से बात की जा सकती है।
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    शेप में आने के बाद

    सामान्‍यतया लोग वजन कम करने और वजन को बढ़ाने के लिए 6-8 महीने का समय निर्धारित करते हैं, और जैसे ही वे शेप में आते हैं फिर से व्‍यायाम भूलकर दूसरे कामों में खुद को व्‍यस्‍त कर लेते हैं। ड्यूक शोधकर्ताओं की मानें तो यह दिल के लिए बहुत नुकसानदेह है, लगातार 8 महीने तक व्‍यायाम करने के बाद इसे नजरअंदाज करने से दिल के बीमारियों के होने का खतरा अधिक हो जाता है। इसलिए शेप में आने या अपना लक्ष्‍य पाने के बाद व्‍यायाम छोड़ें नहीं।
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    विटामिन वाई है जरूरी

    अगर आपको लगता है कि योगा करने से उतना फायदा नहीं होता है जितना जिम जाने या दूसरे व्‍यायाम से, तो आप गलत हैं। अगर आप 15-20 मिनट तक योग करते हैं, तो यह विटामिन की तरह काम करता है। इससे दिल की बीमारियां नहीं होती और रक्‍तचाप भी सामान्‍य रहता है। शरीर को लचीला बनाने, संतुलन बनाने, सांसों की समस्‍या दूर करने के लिए योगासन कीजिए।
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    सुबह-सुबह ही करें व्‍यायाम

    व्‍यायाम के लिए सुबह का सयम ही उपयुक्‍त है, इसके कई फायदे हैं। सुबह व्‍यायाम करना शाम या रात के व्‍यायाम से अधिक फायदेमंद और इससे आपको अधिक फायदा भी मिलता है। व्‍यायाम करने के बाद 6 से 8 घंटे आप अधिक ऊर्जावान रहते हैं और इसी समय तक आपका दिमाग भी अधिक सक्रिय रहता है। ये वही समय है जब आप अपना बहुमूल्‍य समय कार्यालय में बिताते हैं, जरूरी काम निपटाते हैं। इसलिए सुबह-सुबह ही व्‍यायाम के लिए वक्‍त निकालें।
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