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अर्थराइटिस से जुड़े आठ आश्‍चर्यजनक तथ्‍य

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 10, 2014
अर्थराइटिस जोड़ों से संबंधित बीमारी है, इसमें असहनीय पीड़ा होता है, उम्रदराज लोगों के साथ यह युवाओ और बच्‍चों को भी हो सकती है, इसके कई आश्‍चर्यजनक तथ्‍यों से अनजान हैं आप।
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    अर्थराइटिस

    अर्थराइटिस यानी गठिया हड्डियों से संबंधित बीमारी है। सामान्‍यतया गठिया उम्रदराज लोगों में होने वाली बीमारी है, लेकिन अनियमित दिनचर्या और खानपान में पौष्टिक तत्‍वों की कमी के कारण युवाओं में भी यह समस्‍या हो रही है। अर्थराइटिस में असहनीय पीढ़ा होती है। ठंड के मौसम में इसका दर्द और भी बढ़ जाता है। अर्थराटिस से जुड़े कुछ आश्‍चर्यजनक तथ्‍य भी हैं जिनके बारे में आप शायद नहीं जानते हैं।

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    अर्थराइटिस
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    मधुमक्‍खी का डंक

    अर्थराइटिस के उपचार के लिए मधुमक्‍खी और सांप के जहर से आराम मिलता है। ब्राजील में 2010 में हुए एक शोध की मानें तो मुधमक्‍खी के डंक से निकलने वाले जहर से रुमेटाइड आर्थराइटिस के लक्षण और इसका दर्द कम होता है।

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    मधुमक्‍खी का डंक
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    हाथ, कूल्‍हे और घुटने

    लोगों को लगता है कि ऑस्टियोअर्थराइटिस केवल हाथों, कूल्‍हों और घुटनों को प्रभावित करता है। जबकि अगर ऑस्टियो अर्थराइटिस 60 और 70 साल के बाद हो तो यह तलवों और टखनों को भी प्रभावित करता है।

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    हाथ, कूल्‍हे और घुटने
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    जानवरों को भी होता है

    अर्थराटिस की बीमारी केवल मानवों में ही नहीं होती है, यह जानवरों को भी होती है। कुत्‍ते, बिल्‍ली और अन्‍य जानवरों को यह समस्‍या होती है और इसके लक्षण पुरुषों के लक्षण की तरह होते हैं। जानवरों में सबसे ज्‍यादा ऑस्टियोअर्थराइटिस होता है। जबकि कुत्‍ते और बिल्‍ली में रुमेटाइड अर्थराइटिस भी हो सकता है।

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    जानवरों को भी होता है
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    गाउट भी अर्थराइटिस का प्रकार है

    गाउट की समस्‍या भी अर्थराइटिस से जुड़ी है, वास्‍तव में यह गठिया का ही प्रारुप है। गाउट जोड़ों में यूरिक एसिड अधिक जमा होने के कारण होता है। जिन लोगों को गाउट की समस्‍या होती है उन्‍हें अर्थराइटिस होने की संभावना अधिक होती है।

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    गाउट भी अर्थराइटिस का प्रकार है
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    चोट से बढ़ता है खतरा

    अगर आपको चोट लग जाती है तो इससे अर्थराइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है। जोड़ों में दर्द के कारण सबसे अधिक ऑस्टियोअर्थराइटिस होने की संभावना रहती है। अगर युवाओं में जोड़ों में चोट लग जाये तो उन्‍हें गठिया होने का खतरा 6 गुना बढ़ जाता है।

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    चोट से बढ़ता है खतरा
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    बच्‍चों को भी होता है

    अर्थराइटिस की समस्‍या न केवल उम्रदराज लोगों को होती है बल्कि यह बच्‍चों को भी हो सकती है। जुवेनाइल रुमेटाइ‍ड अर्थराइटिस बच्‍चों में होने वाली सामान्‍य समस्‍या है। 1 से 3 साल के बच्‍चों को यह समस्‍या हो सकती है और यह 8 से 12 साल के बच्‍चों को भी प्रभावित कर सकती है। लड़कों की तुलना में लड़कियों में गठिया होने की संभावना दोगुनी होती है।

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    बच्‍चों को भी होता है
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    यह आधुनिक बीमारी नहीं है

    अगर आपको लगता है कि गठिया एक आधुनिक समस्‍या है तो आप गलत हैं। अर्थराइटिस बहुत पुरानी समस्‍या है और बहुत पहले से यह लोगों को प्रभावित करती आयी है। सामान्‍यतया अर्थराइटिस को 5 लाख साल पुरानी बीमारी माना जा रहा है।

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    यह आधुनिक बीमारी नहीं है
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    वातावरण से उपचार नहीं होता

    अगर आपको लगता है कि गठिया होने के बाद अगर आप दूसरे माहौल में जाते हैं और इससे इसका उपचार संभव हो सकता है, तो आप गलत हैं। गठिया से पीढि़त लोगों को लगता है कि ठंडे वातावरण के कारण गठिया होता है और गरम वातावरण में जाने से यह ठीक हो सकता है। यह गरम और ठंडे दोनों तरह के वातावरण में होता है।

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    वातावरण से उपचार नहीं होता
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