पित्ती के लिए आजमायें ये घरेलू उपचार

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 26, 2015

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वैसे तो पित्ती की समस्‍या 3 घंटे या 3 दिन तक रहने के बाद अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन इस समस्‍या का उपचार कराना जरूरी होता है क्‍योंकि उपचार न कराने पर दाने तो शांत हो जाते हैं, परन्तु शरीर के दूषित द्रव जिसकी गर्मी के कारण यह समस्‍या होती है, वे बाहर नहीं निकल पाते।
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    पित्ती के लिए घरेलू उपचार

    शरीर में मौजूद वात, कफ और पित्त तीन तरह के दोष होते है। जब शरीर में पित्त की मात्रा अधिक हो जाती है या किसी कारण से शरीर में पित्त बढ़ जाता है तो उससे उत्पन्न होने वाली समस्‍या का पित्ती का उछलना कहते हैं। पित्त से उत्पन्न विकार गर्मी के रूप में शरीर से बाहर निकलता है, जिससे शरीर पर कभी-कभी लाल रंग के चकत्ते या दाने उभर आते हैं। यह समस्‍या वैसे तो 3 घंटे या 3 दिन तक रहने के बाद अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन इस समस्‍या का उपचार कराना जरूरी होती है क्‍योंकि उपचार न कराने पर दाने तो शांत हो जाते हैं, परन्तु शरीर के दूषित द्रव जिसकी गर्मी के कारण यह समस्‍या होती है, वे बाहर नहीं निकल पाते। आप घरेलू उपायों द्वारा इसका उपचार कर सकते हैं।
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    ठंडा सेक

    अगर आप ठंड के कारण होने वाली पित्‍ती से परेशान हैं तो आप ठंडे पानी के सेक को करें। ठंडा सेक रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ता है और केमिकल हिस्टामिन का अतिरिक्त निर्वहन बंद करने में मदद करता है। इसके साथ ही पित्‍ती में खुजली होने पर इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए, पानी के टब में दलिया का आधा कप डालकर स्नान करें।
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    बेकिंग सोडा

    पित्‍ती को दूर करने के लिए बेकिंग सोडा बहुत ही लोकप्रिय घरेलू उपाय है। अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण यह सूजन और खुजली को दूर करने में मदद करता है। एक कटोरी में बेकिंग सोडा के दो चम्मच ले और इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी को मिलायें। इसे अच्‍छे से मिलाकर पेस्‍ट तैयार करें। इस पेस्‍ट को खुजली से आराम पाने के लिये और खीझ को रोकने के लिये पित्ती से प्रभावित हिस्‍से पर लगायें।
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    सेब का सिरका

    एप्पल साइडर सिरका पित्ती के लिए एक और अच्छा उपाय है। इसके एंटी-हिस्टामिन गुण सूजन को जल्‍द दूर करने में मदद करता और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया को विनियमित करता है। इसके अलावा यह समग्र त्वचा के स्वास्थ्य को ठीक करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गुनगुने पानी से भरे एक बाथटब के गर्म पानी में सेब सिरके के दो कप मिलाये। फिर इस पानी में प्रभावित हिस्‍से को 15 से 20 मिनट के लिए भिगो दें। इसके अलावा आप सेब के सिरके और समान मात्रा में पानी को मिलाकर प्रभावित त्‍वचा को दिन में दो या तीन बार धोने के लिए इस्‍तेमाल करें।
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    हल्दी

    हल्‍दी अपने एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुणों के कारण जानी जाती है और शरीर के प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेंटरी कर्टिकोस्टेरॉइड्स को प्रोत्‍साहित करने में मदद करती है। यह पित्‍ती के लिए बहुत ही प्रभावी प्राकृतिक एंटी-हिस्‍टामिन और एंटीऑक्‍सीडेंट है, और त्‍वचा रोगों में होने वाली सूजन को दूर करने में मदद करती है। पित्‍ती की समस में गर्म दूध या पानी गिलास में हल्‍दी पाउडर की आधा चम्‍मच मिलाकर दिन में दो बार लें।
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    ओटमील

    ओटमील पित्‍ती को दूर करने में बहुत अच्‍छी तरह से काम करता है। इसमें मौजूद, एंटी-इर्रिटेटिंग, एंटी-इंफ्लेमेटरी और सूदिंग गुण खुजली से राहत प्रदान करने और आपकी त्‍वचा को जल्‍द ठीक करने में मदद करते हैं। एक कप बेकिंग सोडा को एक कप ओटमील को गुनगुने पानी से भरे बाथटब में मिला दें। इन दोनों को अच्‍छी तरह से मिला लें, और कम से कम 15 मिनट के लिए इस पानी में नहाये। समस्‍या के ठीक होने तक इस सूदिंग बॉथ का आनंद लें।
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    अदरक

    'आश्चर्यजनक दवा' के रूप में जानी जाने वाली अदरक, अपने मजबूत एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-हिस्‍टामिन गुणों के कारण पित्‍ती के इलाज के लिए भी इस्‍तेमाल की जाती है। असल में, अदरक जीन को लक्ष्य और सूजन पैदा करने वाल एंजाइम को ट्रिगर कर त्वचा के रक्त परिसंचरण में सुधार और सूजन और खुजली से राहत देने में मदद करती है। ब्राउन शुगर के एक चौथाई कप और एक चम्‍मच ताजा अदरक को तीन चौथाई कप सिरके में मिलाकर कुछ मिनट के लिए उबाल लें। इस मिश्रण में से थोड़ा सा मिश्रण लेकर उसमें पानी मिलाकर त्‍वचा में पित्‍ती वाले स्‍थान पर दिन में कई बार लगाये।
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    एलोवेरा

    एलोवेरा जैल पित्ती के लिए एक और प्राकृतिक उपाय है। प्रभावित त्‍वचा पर इस जैल को लगाने से इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण लालिमा, सूजन और खुजली कम करने में मदद करते है। इसके अलावा जब इस जैल को आंतरिक रूप से लिया जाता है तो यह प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने और भड़काऊ विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में मदद करता है। प्रभावित त्वचा पर ताजा एलोवेरा जैल को लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से इसे साफ कर लें। जब तक आपकी त्वचा पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती, इस उपाय को दिन में कई बार करें।
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