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शुगर का स्‍तर घट जाने से होते हैं ये नुकसान

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 09, 2015
शरीर में शुगर का स्‍तर असंतुलित होने से डायबिटीज की समस्‍या होती है, इसलिए शुगर का स्‍तर सही होना चाहिए नहीं तो इसके कारण शरीर में कई तरह की समस्‍यायें हो सकती हैं।
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    लो ब्लड शुगर

    मानव शरीर को एनर्जी ग्लूकोज से ही मिलती हैं, जो शुगर का ही एक रूप है। जब भी आप शुगर युक्त खाना लेते हैं तब पाचन तंत्र के द्वारा रक्त ग्लूकोज को सोखने लगता है और अतिरिक्त शुगर मसल्‍स और लीवर में जमा हो जाती है। लेकिन जब तनाव या ज्‍यादा एक्‍सरसाइज आदि के कारण ब्लड-शुगर का स्तर कम होने लगता है तब लीवर में जमा हुआ ग्लूकोज निकलने लगता है। लेकिन इस प्रकिया के सही तरीके से नहीं होने पर ब्लड-शुगर का स्तर कम हो जाता है और इस अवस्था को लो ब्लड शुगर या हाइपोग्लाइसेमिया कहते हैं।
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    लो ब्लड शुगर
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    लो ब्लड शुगर का असर

    कभी-कभी डायबिटीज से पीड़ि‍त व्‍यक्ति का ब्लड शुगर का स्तर अचानक कम हो जाता है। उस वक्त ब्लड-शुगर के स्तर को तुरन्त सामान्य स्थिति में लाना बहुत जरूरी होता है नहीं तो मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। डायबिटीज से पीडि़त लोगों को अपने साथ हमेशा 15 ग्राम कार्बोहार्इड्रेट वाले पदार्थ रखने चाहिये।
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    लो ब्लड शुगर का असर
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    डायबिटीज और लो ब्लड शुगर

    डायबिटीज पर नियंत्रण के लिये आहार, एक्‍सरसाइज और डायबिटीज प्रतिरोधी दवाओं के बीच संतुलन बनाना और उसे बनाये रखना बहुत जरूरी होता है। लेकिन पर्याप्त भोजन न कर पाने, अनपेक्षित एक्‍सरसाइज करने या नाश्ता करना भूल जाने पर इसका संतुलन बिगाड़ने से ब्लड शुगर कम हो सकती है, जिसे हाइपोग्लाइसेमिया कहते हैं। औसतन, टाइप 1 डायबिटीज से पीडि़त लोग जो इंसुलिन लेते हैं, हर हफ्ते एक या दो बार हाइपोग्लाइसेमिया का सामना करना पड़ता हैं। लेकिन ऐसा Type 2 डायबिटीज वाले लोग जो ओवल दवाएं लेते हैं में बहुत कम देखने को मिलता है।
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    डायबिटीज और लो ब्लड शुगर
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    लो ब्लड शुगर या हाइपोग्लाइसेमिया के लक्षण

    लो ब्‍लड शुगर के लक्षण विभिन्न मरीजों में विभिन्न प्रकार या एक ही मरीज में अलग-अलग समय पर अलग-अलग हो सकते हैं। इनमें प्रारम्भिक और देर से आने वाले लक्षण देखने को मिलते हैं। प्रारम्भिक लक्षण में जोर से भूख लगना, पसीना आना, शरीर में कंपन और घबराहट आदि शामिल है। जबकि देर से आने वाले लक्षणों में कमजोरी और चलने में लड़खड़ाहट, कम या धुंधला दिखाई देना, अचानक आंख के सामने अंधेरा छा जाना, भूलने या कंफ्यूजन की स्थिति, बेहोशी और मिर्गी जैसी स्थिति भी हो जाती है, जो काफी खतरनाक सकती है। कुछ लोगों में तो इसके प्रारंभिक लक्षण दिखते ही नहीं है।  
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    लो ब्लड शुगर या हाइपोग्लाइसेमिया के लक्षण
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    लो ब्लड शुगर के कारण और यह कब होता है

    लो ब्लड शुगर अधिकतर मध्य सुबह में खाने से ठीक पहले और मेहनतपूर्ण एक्‍सरसाइज के दौरान या उनके बाद होता है। कभी-कभी रात में सोते समय भी ऐसा हो सकता है। बहुत कम खाना या देर से खाना, अतिरिक्त नाश्ते के बिना अधिक एक्‍सरसाइज करना इसका मुख्‍य कारण है। इसके अलावा दवा की ज्यादा खुराक लेना या फिर तनाव भी लो ब्‍लड शुगर के कुछ कारण हैं।
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    लो ब्लड शुगर के कारण और यह कब होता है
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    हृदयघात का खतरा

    लो ब्लड शुगर से पीड़ित लोगों को इलाज में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इंपीरियल कॉलेज लंदन, क्यूआइएमआर बरोफर मेडिकल रिसर्च इंस्टीटय़ूट और नोवो नोरडिस्क ए/एस के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर वैज्ञानिकों ने यूके क्लीनिकल प्रैक्टिस रिसर्च से लिंक डाटाबेस के आंकड़ों की मदद से यह निष्कर्ष निकाला है। शोध में यह भी बताया गया है कि शुगर पीड़ित ऐसे मरीज जो लो ब्लड शुगर की चपेट में हैं, उनमें हृदयघात की आंशका अन्य लोगों के मुकाबले 60 प्रतिशत तक अधिक होती है।  लगभग दो प्रतिशत मामलों में यह मौत का कारण भी बन सकती है।
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    हृदयघात का खतरा
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    पाचन, एंडोक्राइन, और संचार प्रणालियों पर असर

    खाना खाने के बाद, आपका पाचन तंत्र कार्बोहाइड्रेट को तोड़कर आपके शरीर के लिए ग्‍लूकोज से ईंधन में बदलता है। जब आपके शुगर के स्‍तर में वृद्धि होती है, तो आपका अग्‍न्‍याश्‍य इंसुलिन नामक हार्मोंन का स्राव करता है। इंसुलिन ग्‍लूकोज की कोशिकाओं के द्धारा खून पूरे शरीर तक पहुंचाने में मदद करता है। और अगर आप डायबिटीज में इंसुलिन पर निर्भर करते हैं तो आपो सही काम करवाने के लिए इंसुलिन के बारे में सही जानकारी रखनी चाहिए। कोई भी अतिरिक्‍त ग्‍लूकोज स्‍टोर होने के लिए लीवर में चली जाती है। जब आप कुछ घंटों तक खाना नहीं खाते तो आपका ब्‍लड शुगर का स्‍तर नीचे चला जाता है। और अगर आपका अग्‍न्याशय स्‍वस्‍थ है तो यह ग्लूकागन नामक हार्मोन का स्राव करता है। यह बताता है कि यह प्रक्रिया लीवर में शुगर को संग्रहीत कर रहा है, और इसे ब्‍लड में स्राव कर रहा है।  
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    पाचन, एंडोक्राइन, और संचार प्रणालियों पर असर
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    सेंट्रर नर्वस सिस्‍टम पर असर

    शरीर की हर कोशिका को ठीक से काम करने के लिए शुगर की जरूरत है। यह ऊर्जा के शरीर की मुख्य स्रोत है। शुगर का लो लेवल सेंट्रर नर्वस सिस्‍टम के भीतर समस्याओं की एक किस्म पैदा कर सकता है। जिसमें प्रारंभिक लक्षणों में कमजोरी, रोशनी से सिरदर्द और चक्कर आना शामिल है। साथ ही आप नर्वस, उत्सुक या चिड़चिड़ा महसूस कर सकते हैं, और आपको भूख का अहसास भी हो सकता है। समन्वय, ठंड लगना, चिपचिपा त्वचा, और पसीने की कमी के जैसे लक्षण आम हैं। झुनझुनी या मुंह से सन्न ब्‍लड शुगर के लो संकेत हो सकते हैं। अन्य लक्षणों में दूरदृष्टि, सिर दर्द, और भ्रम शामिल हैं। साथ ही साधारण कार्यों के प्रदर्शन में भी कठिनाई का सामना हो सकता है। रात के दौरान ब्‍लड शुगर के स्‍तर के कम होने पर आपको बुरे सपने, सोते समय रोना या अन्य असामान्य व्यवहार भी हो सकता हैं।
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    सेंट्रर नर्वस सिस्‍टम पर असर
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