यौन संचारित रोगों के शुरुआती लक्षण

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 04, 2014

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वैसे तो सभी यौन संचारित रोगों के लक्षण अलग-अलग होते हैं, लेकिन इसके सामान्य लक्षणों में यूरीन में जलन, जननांगों में छाले, मस्से, त्वचा पर ददोरे, लिंग या योनि में से स्खलन और पेट में दर्द शामिल हैं।
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    एसटीडी के शुरुआती लक्षण

    यौन संचारित रोगों के लक्षण रोग लगने के दिनों, हफ्तों या महीनों के बाद ही उत्पन्न होते हैं। कुछ स्त्री-पुरुषों में तो इसके कोई भी लक्षण नहीं दिखते पर उनको एसटीडी होता है और वे इसे दूसरों को लगा सकते हैं। वैसे तो सभी यौन संचारित रोगों के लक्षण अलग-अलग होते हैं लेकिन इसके सामान्य लक्षणों में यूरीन में जलन, जननांगों में छाले, मस्से, त्वचा पर ददोरे, शिश्न या योनि में से स्खलन और पेट में दर्द शामिल हैं।

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    क्लैमिडिया के लक्षण

    महिलाओं और पुरुषों में क्‍लैमिडिया के शुरुआती लक्षणों में योनि से पीला, चिपचिपा, मवाद जैसा अधिक स्राव, लिंग से स्राव, यूरीन करते समय दर्द या अधिक यूरीन का आना, अंडकोषों में दर्द या सूजन, सेक्स करते समय दर्द या असामान्य रक्तस्राव गुदा से पीले या मवाद जैसे स्राव का आना आदि लक्षण होते हैं।

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    गोनोरिया के लक्षण

    आमतौर पर गोनोरिया गले, मूत्र नली, योनि और गुदा को संक्रमित कर सकता है। योनि या लिंग से अधिक या पीला रंग का स्राव, योनि से तेज बदबू, यूरीन और संभोग करते समय दर्द, अंडकोषों में दर्द या सूजन, सेक्स के बाद ब्‍लड आना, गुदा में खुजली या खून या मवाद जैसा स्राव, मलत्याग में परेशानी और पेट में दर्द आदि गोनोरिया के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

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    ट्रिकोमिनासिस के लक्षण

    ट्रिक परजीवी में आमतौर पर योनि, मूत्रमार्ग, गर्भाशय ग्रीवा, मूत्राशय को प्रभावित करता है। पुरुषों में यह मूत्रमार्ग और लिंग की त्‍वचा के नीचे विकसित होता है। इसके शुरुआती लक्षणों में महिलाओं और पुरुषों को योनि और लिंग से स्राव, योनि से तेज बदबू, यूरीन और सेक्‍स करते समय दर्द, योनि या लिंग के आसपास खुजली आदि।

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    कैन्डिडा के लक्षण

    आमतौर पर कैन्डिडा या यीस्ट से संक्रमित लोगों में कोई लक्षण नज़र नहीं आते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में इनके लक्षण दिखाई पड़ने की आशंका अधिक होती है। इसके शुरुआती लक्षणों में यीस्ट संक्रमण में योनि और लिंग के आस-पास जलन, खुजली, लालिमा और सूजन, योनि और लिंग से गाढ़ा स्राव और बदबू, यूरीन या सेक्‍स करते समय दर्द आद‍ि लक्षण होते हैं।

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    एचआईवी के लक्षण

    एचआईवी के शुरुआती लक्षणों में असुरक्षित सेक्स करने के बाद आम सर्दी-ज़ुकाम, फ्लू, असुरक्षित सेक्स करने के तीन से छह हफ्तों बाद बुखार, सिर दर्द, छाले, दस्त या गला खराब जैसे हो सकते हैं। इसीलिए अधिकांश लोगों को पता नहीं चल पाता कि वे एचआईवी से संक्रमित हो गए है।

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    हेपिटाइटिस-बी के लक्षण

    हेपिटाइटिस-बी से संक्रमित लगभग सभी व्‍यक्तियों में इसके लक्षण नजर आते हैं। आमतौर पर संक्रमित होने के छह हफ्तों से छह महीने के भीतर हेपिटाइटिस-बी संक्रमण के लक्षण नजर आने लगते हैं और पुरुषों और महिलाओं दोनों में इसके लक्षण  एक जैसे होते हैं। इसकी शुरुआत फ्लू जैसे लक्षणों से होती है, साथ ही बुखार और थकान भी होती है। कुछ लोगों को भूख न लगने और वजन घटने के साथ-साथ मितली, उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं।

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    सिफिलिस के शुरुआती लक्षण

    सिफिलिस के शुरुआती लक्षण संक्रमण होने के तीन महीनों के अन्‍दर ही नजर आने लगते हैं। महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही इसके लक्षण एक जैसे होते है। इनमें उनके जननांगों पर बिना दर्द वाले दाने निकालते हैं। यह दाने आमतौर पर जननांग के बाहरी हिस्से, सर्विक्स, गुदा और लिंग पर दिख सकते हैं।

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    जेनिटल हर्पीज के शुरुआती लक्षण

    हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस द्वारा संक्रमित होने के पहले एक से तीन हफ्तों के अंदर फ्लू जैसे लक्षण नजर आते हैं। इन लक्षणों में बुखार, थकान, ग्रंथियों में सूजन और पीठ के निचले हिस्से में दर्द शामिल होता है। इसके अलावा जननांगों, गुदा, नितम्बों या जांघों के ऊपरी हिस्से के आस-पास घाव या छाले भी हो सकते हैं।

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    ह्यूमन पेपीलोमा वाइरस के शुरुआती लक्षण

    ह्यूमन पेपीलोमा संक्रमण के शुरुआती लक्षणों में जननांगों पर मस्से हो जाते है। यह मस्‍से अक्सर त्‍वचा के रंग के ही होते हैं। उनमें खुजली हो सकती है अथवा वे बिना दर्द वाले हो सकते हैं। इसमें दाने योनि के ऊपरी हिस्से, योनि के अंदर, लिंग, अंडकोषों की थैली, सर्विक्स और गुदा के आस-पास हो सकते हैं।

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