डायटिंग के दौरान की जाने वाली सामान्‍य गलतियां

By:Bharat Malhotra, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Apr 25, 2014

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कई बार डायटिंग के बाद भी वजन नहीं कम होता। इसकी बड़ी वजह है कि हम डायटिंग के दौरान अपने आहार के प्रति अधिक लापरवाह हो जाते हैं। जानिये क्‍या हैं वे कारण जिनके चलते डायटिंग के बाद भी आपका वजन बढ़ता रहता है।
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    जो काम न करे उस डायट प्‍लान को छोड़ दें

    अगर डायटिंग के बाद भी आपका वजन कम नहीं हो रहा है, तो हो सकता है कि आपको अपने आहार में ही कुछ बदलाव करने की जरूरत हो। जानकारों का कहना है कि डायटिंग नाकामयाब होने का बड़ा कारण यह होता है कि कई बार लोग डायटिंग के दौरान सामान्‍य से अधिक कैलोरी का सेवन करने लगते हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि हम यह तो जानते हैं कि हमें वजन कम करना है, लेकिन हम यह नहीं जानते कि वजन कम करने के लिए हमें क्‍या करना चाहिए। आइए देखें कि कहीं आप भी वजन कम करने के लिए की जाने वाली डायटिंग में इस प्रकार की तो गलतियां नहीं करते। Image courtesy: Getty Images

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    भोजन फटाफट समाप्‍त करने की जल्‍दी

    यदि आप भोजन जल्‍दी-जल्‍दी खत्‍म करने की कोशिश करते हैं, तो आप पतले नहीं हो सकते। यदि आप किसी प्रतियोगिता का हिस्‍सा नहीं हैं, तो आपको भोजन जल्‍द समाप्‍त करने की कोई जरूरत नहीं है। काम की आपाधापी में जल्‍दी-जल्‍दी खाना हमारी आदत बन चुका है। जो हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छी नहीं है। जरूरी है कि आप भोजन के हर कौर का आनंद उठायें और धीरे-धीरे खायें। पेट भरा होने के संकेत मस्तिष्‍क तक पहुंचने में 20 मिनट का समय लगता है। तो यदि हम जल्‍दी-जल्‍दी खाते हैं, तो मस्तिष्‍क तक संकेत पहुंचने से पहले ही हम ओवरइटिंग कर चुके होते हैं। Image courtesy: Getty Images

  • 3

    भोजन छोड़ तरल पदार्थों पर जाना

    डायटिंग का अर्थ यह नहीं होता कि आप भोजन से परहेज कर कुछ भी पीने लग जाएं। तरल पदार्थों में मौजूद कैलोरी को हम अकसर नजरअंदाज कर देते हैं। स्‍मूथी, एल्‍कोहल चीनी, क्रीम, कृत्रिम मिठास वाले जूस और चाय आदि में मौजूद कैलोरी हमारा वजन कम नहीं होने देती। एक हालिया शोध में यह बात सामने आयी है कि अमेरिकी लोगों के रोजमर्रा के कैलोरी उपभोग का 21 फीसदी हिस्‍सा तरल पदार्थों से आता है। ऐसे तरल पदार्थों से दूर रहें जिनमें अधिक मात्रा में कैलोरी होती है। इसके स्‍थान पर पानी, स्किम मिल्‍म, क्‍लब सोडज्ञ और कम मात्रा में शुद्ध जूस का सेवन करें। शराब का सेवन भी कम मात्रा में ही करें।  Image courtesy: Getty Images

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    नाश्‍ता न करना

    शोध में यह बात साबित हुई है कि नाश्‍तान न करने वाले लोगों का वजन, नाश्‍ता करने वाले लोगों की अपेक्षा अधिक होता है। डायटिंग करने वाले अधिकतर लोगों को यह भ्रम होता है कि नाश्‍ता अथवा कोई अन्‍य भोजन छोड़ना उन्‍हें अतिरिक्‍त कैलोरी उपभोग से बचाता है। ज‍बकि वैज्ञानिक शोध इस बात को प्रमाणित कर चुके हैं कि जो लोग दिन का कोई भी भोजन छोड़ते हैं, वे अगले भोजन में आवश्‍यकता से अधिक कैलोरी का उपभोग कर लेते हैं। तो, दिन का कोई भी भोजन न छोड़ें और नाश्‍ता तो कभी नहीं। Image courtesy: Getty Images

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    अधिक खाना

    रेस्‍तरां में खाने की आदत ने हमें खाने के बड़े हिस्‍से का आदी बना दिया है। आमतौर पर घर पर बनी रोटी व अन्‍य आहार हम अल्‍प मात्रा में ही प्‍लेट में डालते हैं। लेकिन, रेस्‍तरां में ऐसा नहीं होता। इस आदत के चलते हम प्‍लेट में अधिक भोजन परोसने लगते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि हम जरूरत से ज्‍यादा खाने लगते हैं और हमारा वजन कम होने के स्‍थान पर बढ़ने लगता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आपको अपने प्‍लेट में कुछ जरूर छोड़ना चाहिए या फिर छोटे आकाकर की प्‍लेट और कटोरियों का इस्‍तेमाल करना चाहिए। Image courtesy: Getty Images

  • 6

    यूं ही खाना

    खाने की बर्बादी रोकने के नाम पर हम न सिर्फ अपनी प्‍लेट का खाना खत्‍म करते हैं, बल्कि दूसरों की प्‍लेट से भी भोजन खाने लगते हैं। लेकिन, अगर आप वजन कम करने के कार्यक्रम को फॉलो कर रहे हैं, तो आपका ध्‍यान केवल वहीं होना चाहिए। थोड़ा-थोड़ा करके ही आप काफी मात्रा में अतिरिक्‍त कैलोरी का उपभोग कर लेते हैं। Image courtesy: Getty Images

  • 7

    हाई कैलोरी टॉपिंग्‍स

    कहने को आप वेजिटेबल सलाद खा रहे हैं और उसके ऊपर क्रीम डाल ली, तो फायदा क्‍या हुआ। यदि आपके आहार का यही तरीका रहा तो आप कभी भी पतले नहीं हो पाएंगे। अब मर्जी आपकी है कि आप लो-फैट क्रीम टॉपिंग डालें या फिर सिर्फ वेजिटेबल सलाद ही खायें। Image Courtesy: Getty Images

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    जूस का अधिक सेवन

    डायटिंग के दौरान जूस का सेवन करना अच्‍छा आइडिया हो सकता है, क्‍योंकि जूस में हैम्‍बर्गर की तरह कैलोरी नहीं होती। वे कुदरती होते हैं। लेकिन, सच्‍चाई यह है कि फलों का रस उतना फायदेमंद नहीं होता, जितना आप समझते हैं। कई मायनों में ये फल और शक्‍कर मिले पानी की तरह ही होते हैं। अधिकतर पैक फ्रूट जूस में कृत्रिम शर्करा मिलायी जाती है, वे पूरी तरह से कुदरती नहीं होते। उनमें मिले कैमिकल्‍स फलों का स्‍वाद तो देते हैं, लेकिन पोषण नहीं। Image courtesy: Getty Images

  • 9

    लेबल पढ़े बिना खरीदारी करना

    जब आप डायटिंग कर रहे हों, तो आपको अपने आहार के बारे में अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आपको पैकेड फूड के लेबल पर लिखी हर जानकारी को ध्‍यान से देखना और समझना चाहिए। क्‍योंकि अधिकतर लोगों को पोषक तत्‍वों के बारे में जानकारी नहीं होती और कंपनी द्वारा दी जा रहीं भ्रामक जानकारियों के जाल में फंस जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप न केवल पैकेट पर लिखे तत्‍वों के बारे में पढ़ें बल्कि उन्‍हें समझें भी। हां, इसमें समय तो लगता है, लेकिन सवाल आखिर आपकी सेहत का है। Image courtesy: Getty Images

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    साबुत अनाज का ज्‍यादा सेवन

    परिष्‍कृत गेहूं के दुष्‍प्रभावों को लेकर हम काफी सजग रहते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि साबुत अनाज पूरी तरह से स्‍वस्थ होता है। जिस अनाज से केवल गेहूं का आटा बनाने की बात कही जाती है उसे पहले काफी महीन पीसा जाता है। यह आटा बहुत तेजी से पचता है, जिससे रक्‍त शर्करा बढ़ने की आशंका होती है। Image courtesy: Getty Images

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