हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

अवसाद का आपके रिश्‍तों और सेक्‍स संबंधों पर असर

By:Bharat Malhotra, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 17, 2014
अवसाद में अकसर लोगों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रहता। अधिक दुख, बहुत अध‍िक रोना, चिढ़चिढ़ापन, गुस्सा व अन्य भावनायें प्रकट होती हैं। इस स्‍लाइड शो से आप जान सकते हैं कि अवसाद का आपके रिश्‍तों और सेक्‍स संबंधों पर क्‍या असर पड़ता हैं।
  • 1

    अवसाद का रिश्तों पर असर

    अवसाद का आपके र‍िश्ते पर कितना असर पड़ता है यह हर व्यक्‍ति‍ और अवसाद की गंभीरता पर निर्भर करता है। अवसाद में अकसर लोगों को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रहता। अधिक दुख, बहुत अध‍िक रोना, चिढ़चिढ़ापन, गुस्सा व अन्य भावनायें प्रकट होती हैं।

    अवसाद का रिश्तों पर असर
  • 2

    सेक्स और परफॉरमेंस

    अवसाद के दौरान मस्त‍िष्क में किस प्रकार की रासायनिक प्रतिक्रियायें होती हैं, इस बारे में अधि‍क शोध नहीं हुए हैं और साथ ही सेक्स पर अवसाद के असर के बारे में भी हम ज्यादा नहीं जानते हैं। लेकिन, यह जरूर मालूम है कि अवसाद महिलाओं और पुरुष दोनों की सेक्स लाइफ को जरूर प्रभाव‍ित करता है।

    सेक्स और परफॉरमेंस
  • 3

    अवसाद का असर

    जिन कामों को करने के लिए शरीर को ऊर्जा और शक्ति की जरूरत होती है, अवसाद उन पर विपरीत असर डालता है। इसमें सेक्स भी शामिल है। यह बात सही है कि अवसाद से ग्रस्त कई लोगों का मन सेक्स से ऊब जाता है।

    अवसाद का असर
  • 4

    स्तंभन दोष

    संभोग के दौरान लिंग में पर्याप्त उत्तेजना के न होने को स्तंभन दोष कहा जाता है। अवसाद स्तंभन दोष का एक प्रमुख कारण माना जाता है। अवसाद के कारण व्यक्त‍ि की जीवनशैली पर काफी विपरीत असर पड़ता है, जिसका असर उसके सेक्स जीवन पर भी नजर आता है।

    स्तंभन दोष
  • 5

    सेक्स में अरूचि

    अवसाद के कारण इनसान का मन किसी काम में नहीं लगता। वह समाज और परिवार से अलग होकर रहने लगता है। धीरे-धीरे इसका असर उसकी सेक्स लाइफ पर पड़ने लगता है। वह स्वयं को मानसिक और शारीरिक रूप से भी सेक्स के लिए तैयार नहीं कर पाता।

    सेक्स में अरूचि
  • 6

    फायदा भी

    हालांकि, हर बार अवसाद का सेक्स पर विपरीत असर पड़े, ऐसा नहीं होता। कुछ लोग अवसाद में होने के बाद भी सामान्य सेक्स जीवन व्यतीत करते हैं। यहां तक कि कई लोगों के लिए सेक्स अवसाद को दूर करने में काफी मदद करता है। यह उन्हें आराम और संतुष्ट‍ि प्रदान करता है।

    फायदा भी
  • 7

    थकान का संबंध

    अवसाद से व्यक्त‍ि को थकान और निराशा रहती है, इसका संबंध कामेच्छा और उत्तेजना संबंधी परेशानियों से हो सकता है, वहीं महिलाओं को सेक्स के प्रति अरूचि और ऑर्गेज्म तक पहुंचने में परेशानी होती है।

    थकान का संबंध
  • 8

    कुछ लोग टूट जाते हैं

    अवसाद के कारण कुछ लोग बुरी तरह टूट जाते हैं। इस दौरान ज्यादातर लोगों की सोच नकारात्मक हो जाती है और ेसे लोग खुश रह ही नहीं पाते। अपने आसपास का खुशनुमा माहौल भी उन्हें परेशान व दुखी रखता है।

    कुछ लोग टूट जाते हैं
  • 9

    महिलाओं और पुरुषों में अलग असर

    पुरुष और महिलायें अवसाद में अलग तरह से प्रतिक्रिया देते हैं। पुरुष जहां एक ओर अध‍िक गुस्सैल हो जाते हैं, वहीं महिलायें अवसाद के दौरान दुख में डूबकर अकेले रहती हैं। अवसाद के दौरान व्यक्त‍ि अकसर ऐसा बर्ताव करता है, जो वह शायद सामान्य तौर पर न करे।

    महिलाओं और पुरुषों में अलग असर
  • 10

    अवसाद में साथी की भूमिका

    अवसादग्रस्त व्यक्त‍ि का बर्ताव काफी अलग हो जाता है, ऐसे में उसके साथी की भूमिका काफी बढ़ जाती है। अवसादग्रस्त व्यक्त‍ि को आपके साथ और समर्थन की जरूरत होती है। इससे उसे इस परेशानी से निकलने में मदद मिलती है।

    अवसाद में साथी की भूमिका
  • 11

    बातचीत करते रहें

    अवसाद से परेशान इनसान को अकेला न छोड़ें। संवाद की प्रक्रिया चलती रहनी चाहिए। संवाद से किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। एकाकीपन से व्यक्त‍ि अध‍िक परेशान रहता है।

    बातचीत करते रहें
  • 12

    इलाज है मौजूद

    अवसाद के लक्षण नजर आते ही आपको चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। अवसाद दूर होने पर ये सभी लक्षण भी दूर हो जाते हैं। सेक्स में रूचि जागना अवसाद दूर होने के पहले लक्षणों में है।

    इलाज है मौजूद
  • 13

    पोस्टपार्टम डिप्रेशन

    पोस्टपार्टम डिप्रेशन का असर महिलाओं पर पड़ता है। बच्चे के जन्म का असर एक स्वस्थ रिश्ते पर भी पड़ता है। बच्चे के जन्म के बाद जीवन में आने वाले कई परिवर्तन रिश्तों के लिए नयी चुनौतियां पैदा हो जाती हैं। इसका असर सेक्स और र‍िश्तों दोनों पर पड़ता है।

    पोस्टपार्टम डिप्रेशन
Load More
X