क्या क्राइम शो से और बढ़ जाता है क्राइम? जानें

By:Gayatree Verma , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 08, 2016

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

चाहे लाख कहें कि टीवी सीरियल्स हमारी हेल्प और हमारी आंखें खोलने के लिए दिखाए जाते हैं लेकिन इन दुर्घटनाओं पर नजर डालें तो ये बात उल्टी साबित होती है।
  • 1

    अपनों के प्रति विश्वास घटाते हैं क्राइम शो?

    अपराध के प्रति सतर्क करने के लिए टीवी पर आने वाले कई क्राइम शो कहीं अपराध में बढ़ोतरी का कारण तो नहीं बन रहे...??
    आज ये एक सवाल हर कोई अपने आप से और एक-दूसरे से पूछ रहा है। इतना ही नहीं इन शो में अक्सर रिश्तों में धोखाधड़ी दिखान, एक रिश्तेदार द्वारा दूसरे की हत्या करना या पति-पत्नी के रिश्तों में विश्वास का अभाव दिखाना कहीं न कहीं लोगों के मन में अपनों के प्रति अविश्वास पैदा करता है। इतना ही नहीं ये शो अक्सर ये दिखाकर कि अपराधी ने खउद को बचाने के लिए क्या-क्या जुगत भिड़ाई जैसी चीजें दिखाकर अपराधियों के लिए मार्गदर्शक का ही काम कर रहे हैं। कैसे? ऐसे...

  • 2

    जैसी संगति, वैसी दुर्गति

    ये उक्ति हफ्तों के सातों दिन टीवी पर आने वाले क्राइम शो पर सटीक बैठती है। क्योंकि अच्छे को अच्छा भले आकर्षित न करे, लेकिन बुरी बातें बुरों को अपनी तरफ जल्दी आकर्षित करती है। इन शोज में जुर्म करने के लिए सिम डिटेल्स, फोन डिटेल्स, कॉल डिटेल्स आदि का इस्तेमाल करके पुलिस अपराधी तक पहुंचती है। वास्तव में पुलिस इन डेटा का इस्तेमाल करे ना करे लेकिन अपराधियों को सीख मिल जाती है कि अपराध के दौरान फोन का इ्स्तेमाल बिल्कुल ना करें। उदाहरण- ऐसा ही कुछ दिल्ली के चांदनी महल इलाके में रहने वाले फरीद ने किया। उसने खुद कबूला था कि उसने ये सारी योजना क्राइम पेट्रोल देखकर बनाई थी। फरीद को जब अपनी पत्नी के पूर्व प्रेम के संबंध के बारे में पता चला तो उसने अपनी पत्नी की खाना बनाने वाले तवे और चाकू से गोदकर हत्या कर दी। कत्ल वाली रात फरीद अपने रिश्तेदारों के यहां रुका था जहां से चुपचाप वो अपने घर जाकर अपनी पत्नी का कत्ल करता है और वापस रिश्तेदारों के यहां आ जाता है। इस दौरान वो मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करता।

  • 3

    बेटियों के प्रति अविश्वास

    क्राइम शो के किसी-किसी मामले में दिखाया जाता है कि बेटी ने अपने प्रेमी के संग मिलकर परिवार वालों की हत्या कर दी। ये केस हजारों में से एक का होता है। जबकि हफ्ते में कई बार दिखाए जाने वाले ये केस घरावलों को यकीन दिलाने में कारगर होते हैं कि अगर लड़की फोन का इस्तेमाल कर रही है तो जरूर किसी लड़के से बात कर रही है। बस इसी के बाद शुरू होती है घरवालों की चौकीदारी और लड़की के बगावत की कहानी।

  • 4

    जुर्म करने के उपाय देना

    ये शोज़ ना केवल जुर्म करने के तरीके बताते हैं बल्कि उपाय भी देते हैं। इसके लिए नोएडा की फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक का उदाहरण काफी सटीक है। शिप्रा ने घर से भागकर खुद के अपहरण की साजिश रची। शिप्रा ने ये कदम जायदाद के विवाद को लेकर उठाया। पुलिस को भी शिप्रा की तलाश करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी और अंत में शिप्रा खुद ही परिवार व बच्चों की याद में वापस आ गई। वापस आने पर शिप्रा ने खुद कबूला कि उसने अपने अपहरण की कहानी क्राइम पेट्रोल को देखकर रची थी।

  • 5

    गलत सीख

    क्राइम शो इसलिए दिखाए जातें हैं ताकि उन्हें देखकर आपको उन अपराधों और अनजान खतरों के बारे में जानकारी मिल जाए जिनके बारे में आमतौर पर आप सोचते भी नहीं। इसका मकसद अपराधों और अनजान खतरों के प्रति आपको आगाह करना होता है।
    लेकिन कई बार ये शो अपराध से बचने के बारे में इतने विस्तार से बताते हैं कि आम लोगों अपराधियों से सचेत भले न हों लेकिन अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को उससे नए अपराध करने का आइडिया जरूर मिल जाता है। ऊपर बताए गए दोनों उदाहरणों से साफ पता चलता है कि कैसे टीवी पर आने वाले चर्चित क्राइम शो को देखकर एक पति को अपनी पत्नी की हत्या की योजना बनाने की सीख मिली और कैसे एक फैशन डिजाइनर को क्राइम शो देखकर अपनी ही किडनैंपिग की प्लानिंग करने का विचार आया।
    ऐसा नहीं है कि क्राइम शो जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं और समाज में अपराधियों की तादाद बढ़ाना चाहते हैं। लेकिन कई बार बिना किसी शो के समाज पर असर की पड़ताल किए महज टीआरपी के लिए उसे चलाना समाज को बहुत नुकसान पहुंचाता है, ऐसा ही कुछ हो रहा है टीवी पर आए क्राइम शो की बाढ़ से!

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर