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गर्भनिरोध से जुड़े मिथ

By:Pradeep Saxena, Onlymyhealth Editorial Team,Date:May 23, 2014
काफी समय से गर्भनिरोध के तरीकों का प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन आज भी गर्भनिरोध को लेकर लोगों के मन में बहुत से मिथ है। गर्भनिरोधक से जुडी कुछ आम भ्रांतियों इस प्रकार है।
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    गर्भनिरोध से जुड़े मिथ

    गर्भनिरोध के तरीकों का महत्‍व हमेशा से रहा है। काफी समय से गर्भनिरोध के तरीकों का प्रयोग किया जा रहा है। समय के साथ इनके तरीकों में बदलाव जरूर आया हैं। माना जाता है कि आज की पीढी को सेक्स और गर्भनिरोध के बारे में पहले के मुकाबले ज्यादा जानकारी है। लेकिन सेक्सोलॉजिस्ट के अनुसार, लोगों में सेक्स के प्रति एक्सपोजर बढा है, लेकिन नहीं कहा जा सकता कि ज्यादातर लोगों को इस विषय की जानकारी होती है। सच तो यह है कि आज भी गर्भनिरोध को लेकर लोगों के मन में बहुत से मिथ है। गर्भनिरोधक से जुडी कुछ आम भ्रांतियों इस प्रकार है। image courtesy : getty images

    गर्भनिरोध से जुड़े मिथ
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    मिथ: गर्भनिरोधक गोली से वजन बढ़ता है।

    तथ्य: यह एक गोली से संबंधित आम मिथ हैं। गोली लेने से कुछ महिलाओं का वजन बढ़ सकता हैं। लेकिन सबके साथ ऐसा हो जरूरी नहीं है। गोली में मौजूद एस्‍ट्रोजन कुछ महिलाओं में वॉटर रिटेंशन के कारण फूला हुआ महसूस करा सकती हैं। लेकिन आमतौर पर यह समस्‍या अपने आप दूर हो जाती है। इसके अलावा गोली में पाया जाने वाला प्रोजेस्टिन भूख को बढ़ता है, जिसके परिणामस्‍वरूप वजन बढ़ता है। image courtesy : getty images

    मिथ: गर्भनिरोधक गोली से वजन बढ़ता है।
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    मिथ : इंटरकोर्स के फौरन बाद नहाने से गर्भ नहीं ठहरता।

    तथ्य: सच्चाई इस से बिलकुल अलग है। इंटरकोर्स के बाद यूरिनेशन या शावर लेने का शुक्राणु द्वारा अंडे को फर्टिलाइजेशन से कोई संबंध नहीं है। एग फर्टिलाइजेशन के लिए केवल एक शुक्राणु की जरूरत होती है। इंटरकोर्स के दौरान कभी भी एग फर्टिलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। नहाने या पेशाब से शुक्राणु को बाहर नहीं किया जा सकता। image courtesy : getty images

    मिथ : इंटरकोर्स के फौरन बाद नहाने से गर्भ नहीं ठहरता।
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    मिथ : गर्भनिरोधक गोलियों से कैंसर हो सकता है।

    तथ्य: गर्भनिरोधक गोलियों को कैंसर से जोड़ा नहीं जा सकता है। हाल ही में हुए शोधों से पता चला है कि गर्भनिरोधक गोलियां स्तन कैंसर के विकसित होने के जोखिम को, यदि कोई हो, तो कम करती है। वास्तव में, गर्भनिरोधक गोलियां लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक गर्भाशय के कैंसर से अंडाशय के कैंसर का खतरा कम करती है। image courtesy : getty images

    मिथ : गर्भनिरोधक गोलियों से कैंसर हो सकता है।
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    मिथ: पी‍रियड स्किप करने के‍ लिए गर्भनिरोधक गोलियां।

    तथ्य: कई महिलाओं पीरियड को स्किप करने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का इस्‍तेमाल करती हैं। लेकिन यह एक मिथ हैं कि पीरियड की अवधि में होने वाले मासिक प्रवाह को 3 महीने गर्भनिरोधक गोली लेने से स्किप किया जा सकता हैं। लेकिन ऐसा करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता हैं। इससे पीरियड के दौरान ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होती है। image courtesy : getty images

    मिथ: पी‍रियड स्किप करने के‍ लिए गर्भनिरोधक गोलियां।
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    मिथ: गर्भनिरोधक का साल में एक बार इस्‍तेमाल ना करना।

    तथ्य: अक्‍सर लोगों को मनाना हैं कि सभी प्रकार के गर्भनिरोधक का कम से कम साल में एक बार इस्‍तेमाल करना बंद करना देना चाहिए, क्‍योंकि हमारी शरीर को आराम की जरूरत होती है। यह मिथ हैं क्‍योंकि शरीर के किसी भी बिंदु पर गोली लेने से रोकने की जरूरत नहीं है। image courtesy : getty images

    मिथ: गर्भनिरोधक का साल में एक बार इस्‍तेमाल ना करना।
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    मिथ : सेक्स के बाद महिला के ऊपर होने से गर्भधारण नहीं होता।

    तथ्य: सेक्स पोजीशंस को लेकर हमारे समाज में कई प्रकार की गलत धारणाएं हैं, यह भी उनमें से एक है कि सेक्स के बाद खड़े होने या महिला के ऊपर होने से गर्भधारण नहीं होता। लेकिन शुक्राणु बहुत तेज गति से शरीर में प्रवेश करते हैं, इसलिए इस तरह के तरीके कारगर नहीं होते। image courtesy : getty images

    मिथ : सेक्स के बाद महिला के ऊपर होने से गर्भधारण नहीं होता।
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    मिथ: दो कंडोम पहनने से दोगुना सुरक्षा मिलती है।

    तथ्य: अधिक कंडोम पहनने से आपको मदद नहीं मिल सकती है, बल्कि यह आपके यौन संबंध और अधिक जोखिम भरा बना सकते हैं। दो कंडोम का प्रयोग दो कंडोम के बीच घर्षण का कारण और इसके फटने की संभावना को बढ़ा देता हैं। image courtesy : getty images

    मिथ: दो कंडोम पहनने से दोगुना सुरक्षा मिलती है।
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    मिथ: आपातकालीन गर्भनिरोधक के कारण गर्भपात।

    तथ्य: कुछ लोग इस बात को लेकर भ्रमित हैं कि आपातकालीन गर्भनिरोधक दवा गर्भपात की गोलियां हैं, लेकिन ऐसा नहीं हैं। सभी आपातकालीन गर्भनिरोधक ओवुलेशन में देरी से गर्भावस्‍था को रोकता है जिससे अंडे और शुक्राणु आपस में नहीं मिल पाते। image courtesy : getty images

    मिथ: आपातकालीन गर्भनिरोधक के कारण गर्भपात।
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    मिथ: महिलाओं के सुरक्षित दिनों में गर्भधारण नहीं होता।

    तथ्य: यह मानना कि सुरक्षित दिनों में बिना किसी गर्भनिरोधक के सेक्‍स करने से गर्भधारण नहीं होता, बिल्‍कुल गलत हैं क्‍योंकि सुरक्षित दिनों में महिला गर्भवती हो सकती है। ओवुलेशन और सुरक्षित अवधि का अनुमान बहुत ही मुश्किल काम है। ओवुलेशन के दिन हर महिला के अंदर भिन्न होते हैं भले ही हर महीने, चक्र नियमित हो। image courtesy : getty images

    मिथ: महिलाओं के सुरक्षित दिनों में गर्भधारण नहीं होता।
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    मिथ: ऑर्गेज्म न होने से गर्भधारण नहीं होता।

    तथ्य: ज्‍यादार महिलाओं का मानना हैं कि अगर वह ऑर्गेज्‍म को प्राप्‍त नहीं करती हैं तो गर्भधारण से बच सकती है। लेकिन मेडिकल साइंस इस धारणा को पूरी तरह नकारती है। उनके अनुसार ऑर्गेज्म का संबंध सेक्स को इंजॉय करने से होता है। गर्भधारण से इसका कोई संबंध नहीं है। ऑर्गेज्म के बिना भी एक महिला सेक्स संबंधों के बाद गर्भवती हो सकती है। image courtesy : getty images

    मिथ: ऑर्गेज्म न होने से गर्भधारण नहीं होता।
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    मिथ: सेक्‍स के बाद कूदने से गर्भधारण नहीं होता है।

    तथ्य: यह एक मिथ हैं कि सेक्‍स के बाद कूदने से शुक्राणु महिला के शरीर के बाहर आ जाते हैं। और इस तरह से करने से गर्भावस्था को रोका जा सकता हैं। लेकिन यह सही नहीं है क्‍योंकि शुक्राणु बहुत अधिक गतिशील होते हैं और कूदने से उनको अंडे के संपर्क में आने से नहीं रोका जा सकता। image courtesy : getty images

    मिथ: सेक्‍स के बाद कूदने से गर्भधारण नहीं होता है।
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    मिथ: स्‍तनपान के दौरान गर्भधारण नहीं होता।

    तथ्य:  यह मिथ हैं कि स्‍तनपान के दौरान गर्भधारण नहीं होता। स्‍तनपान के दौरान शरीर में जो हॉर्मोंस बनते हैं, उनके कारण ऑव्यूलेशन कुछ टाइम के लिए बंद हो जाता है। लेकिन यह बात हर महिला पर समान रूप से लागू नहीं होती। इसलिये सेक्स करने से गर्भनिरोधक का इस्‍तेमाल जरूर करें। image courtesy : getty images

    मिथ: स्‍तनपान के दौरान गर्भधारण नहीं होता।
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