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इन कोड्स से जानें प्‍ला‍स्टिक सेहतमंद है या नहीं

By:Devendra Tiwari , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Aug 03, 2015
पॉलीथिन बैग का प्रयोग हम रोज करते हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं प्‍लास्टिक हमारे सेहत के लिए नुकसानदेह है या फायदेमंद यह प्‍लास्टिक पर ही लिखे कोड से पता चलता है, आइए हम आपको बताते हैं प्‍लास्टिक सेहतमंद है या नहीं।
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    प्‍लास्टिक सेहतमंद या नहीं

    प्‍लास्टिक यानी पॉलीथिन बैग का प्रयोग हम रोज करते हैं और शायद यह हमारे दिनचर्या का एक हिस्‍सा भी बन गया है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं प्‍लास्टिक हमारे सेहत के लिए नुकसानदेह है या फायदेमंद यह प्‍लास्टिक पर ही लिखे कोड से पता चल जाता है। मिनरल वाटर की बोतल से लेकर शैम्पू बोतल व दूसरे प्‍लास्टिक बैग्स तक को कभी उलट-पलट कर देखिए, कहीं न कहीं आपको कुछ नंबर्स नजर आएंगे। इन नंबरों के जरिए आप जान सकते हैं कि आप जो प्लास्टिक इस्तेमाल कर रहे हैं, वह आपके लिए कितना सुरक्षित है। आइए हम बताते हैं कैसे करें इनकी पहचान।

    प्‍लास्टिक सेहतमंद या नहीं
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    रेजिन कोड्स बताते हैं

    प्लास्टिक की वस्‍तुओं पर रिसाइकिलिंग के लोगो (बायीं तरफ) के अंदर कुछ नंबर लिखे होते हैं। ये बताते हैं कि आइटम (वह चाहे बोतल, डिब्बा, खिलौना आदि हो) किस प्रकार के प्लास्टिक से बना है। खरीदने से पहले इन कोड्स को देखकर प्‍लास्टिक की पहचान आसानी से की जा सकती है।

    रेजिन कोड्स बताते हैं
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    पीईटी या पीईटीई (PET/PETE)

    इसका मतलब है कि अगर आपके पॉली बैग में ये कोड है तो इस आइटम को गर्म न करें। लंबे समय तक इस्तेमाल न हुई बोतल/डिब्बा भी खतरनाक हो सकता है। क्‍योंकि जब आप इनको गरम करते हैं तब उच्च तापमान पर एंटीमॉनी एलिमेंट पिघलता है। इसके कारण उल्टी व अल्सर हो सकता है। इस तरह के प्‍लास्टिक का इस्तेमाल वाटर, सोडा, शैम्पू, माउथवॉश, जूस, आदि की बोतलों में होता है।

    पीईटी या पीईटीई (PET/PETE)
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    एचडीपीई (HDPE)

    इस कोड वाले प्लास्टिक आइटम्स का इस्तेमाल सुरक्षित होता है। क्‍योकि यह स्वास्थ्य पर सीधा असर नहीं डालता। इसका इस्तेमाल मिल्क जग, जूस, डिटरजेंट, टॉयलेट क्लीनर, मोटर ऑयल और शैम्पू की बोतलों में होता है।

    एचडीपीई (HDPE)
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    वी या पीवीसी (V/PVC)

    इस कोड वाले बर्तनों, डिब्बों या पैकिंग का प्रयोग खाने-पीने के लिए बिलकुल न करें। पीवीसी की कई किस्में आती हैं, जिनमें से फूड पैकिंग के लिए सुरक्षित किस्म पहचानना मुश्किल है। इसके कारण सिरदर्द, चक्कर और किडनी में जलन हो सकती है। इसका इस्तेमाल विंडो क्लीनर, पाइप, डिटरजेंट व कुकिंग ऑयल, बोतल और मेडिकल इक्विपमेंट्स में किया जाता है।

    वी या पीवीसी (V/PVC)
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    एलडीपीई (LDPE)

    इस तरह के कोड वाले प्लास्टिक का इस्‍तेमाल सुरक्षित माना जाता है। लेकिन इसे गर्मी से बचाकर रखने की जरूरत होती है। इससे बने आइटम्स में फूड रख सकते हैं। सामान्य तापमान पर रखने से यह सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाता। इसका इस्तेमाल शॉपिंग बैग, कैच-अप बोतल, कपड़ों और सामान्य इस्तेमाल की पॉलीथीन में किया जाता है।

    एलडीपीई (LDPE)
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    पीपी (PP)

    इस कोड वाले प्लास्टिक की चीजों को खाने की चीजों को पैक करने के लिए किया जाता है और यह सुरक्षित भी है। क्‍योंकि इस प्रकार का प्लास्टिक उच्च तापमान पर भी नहीं पिघलता है। इस किस्म का उपयोग गर्म खाद्य पदार्थों की पैकिंग, दवाई की शीशियों व उनके ढक्कन आदि में होता है।

    पीपी (PP)
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    ओ (O) यानी अन्य

    इस तरह के कोड वाले आइटम का इस्‍तेमाल खतरनाक होता है। क्‍योंकि यह कई तरह के प्लास्टिक मिश्रण से बनता है और इससे निकलने वाले केमिकल्स हॉर्मोंस पर असर डालते हैं। इसका प्रयोग तेल की टंकियों, बुलेट प्रूफ मैटेरियल, डीवीडी, आईपॉड, कम्प्यूटर केस और मजबूत प्लास्टिक में किया जाता है।

    ओ (O) यानी अन्य
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    इनको भी जानें

    अगर किसी प्लास्टिक आइटम पर कोई कोड्स न हों तो उसे न खरीदें। वह सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। पीईटी व एचडीपीई कोड वाले प्लास्टिक आइटम्स को प्राथमिकता दीजिए। सीडी-डीवीडी की जगह ऑनलाइन म्यूजिक/वीडियो का चुनाव अधिक करें।

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