हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

बहरेपन के लिए जिम्‍मेदार प्रमुख कारक

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 23, 2015
अचानक ऊंची आवाजें कान में पड़ने के कारण कान बंद हो जाना, माथे पर चोट लगना, कानों में मैल जमा हो जाने के साथ-साथ कई दूसरे कारण भी हैं जो बहरेपन के जिम्‍मेदार कारणों में से एक हैं।
  • 1

    बहरापन के जिम्‍मेदार कारण

    बहरेपन यानी सुनने में समस्‍या के लिए कई कारण जिम्‍मेदार हो सकते हैं। अचानक ऊंची आवाजें कान में पड़ने के कारण कान बंद हो जाना, माथे पर चोट लगने के साथ कान में मैल का जमा होना भी बहरेपन के जिम्‍मेदार कारणों में से एक है। यह बीमारी है जो अन्य कई कारणों से भी सकती है, जैसे- कान पकना या किसी प्रकार की कान की बीमारी होना आदि। कुनीन का अधिक मात्रा में सेवन करने के कारण भी यह रोग हो सकता है। इस इसमस्‍या से ग्रस्‍त होने पर रोगी बहरा हो सकता है या ऊंचा सुनने लगता है। आगे के स्‍लाइड में जानिये बहरेपन के लिए जिम्‍मेदार प्रमुख कारणों के बारे में।

    Image Source - Getty Images

    बहरापन के जिम्‍मेदार कारण
  • 2

    ईयरफोन का अधिक इस्‍तेमाल

    ईयरफोन का अधिक प्रयोग करने से भी बहरेपन की समस्‍या हो रही है। वर्तमान में युवाओं में ईयरफोन के प्रयोग का चलन अधिक बढ़ा है। तेज ध्वनि ईयर ड्रम को क्षति पहुंचा कर उसे पतला कर देती है। ईयरफोन से निकलने वाली तेज ध्वनि के कारण, शुरू में कानों की रोम कोशिकाएं अस्थायी रूप से क्षतिग्रस्त होती हैं। या एक कान में सुनाई देना बंद हो जाता है। लेकिन इस‍का अधिक प्रयोग करने से यह बहरेपन का कारण भी बन सकता है।

    Image Source - Getty Images

    ईयरफोन का अधिक इस्‍तेमाल
  • 3

    कान में संक्रमण

    कान में संक्रमण की समस्‍या भी हो सकती है। कान में आसानी से तरल पदार्थ प्रवेश कर सकता है, इसके कारण यह कान को संक्रमित कर देता है। कानों में संक्रमण के कारण खसरा, मम्‍स आदि बीमारियों के कारण भी सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए जब भी कान में पानी या दूसरा तरल पदार्थ चला जाये तब कानों को अच्‍छे से साफ जरूर कर लें।

    Image Source - Getty Images

    कान में संक्रमण
  • 4

    अधिक आवाज के कारण

    डीजे हो या पब जाना हो, घर में फंक्‍शन हो या घर के बाहर हर जगह कानफोड़ू आवाज सुनने को मिलता है। चिकित्सकों की मानें तो 100 डेसीबल तक की ध्वनि ही मनुष्य के लिए सुरक्षित रहता है। 125 डेसीबल से ऊपर की तेज आवाज खतरनाक हो जाता है। जबकि डीजे से निकलने वाला सामान्य आवाज 580 डेसीबल होता है, इससे कान की परत फट सकती है।

    Image Source - Getty Images

    अधिक आवाज के कारण
  • 5

    ट्यूमर के कारण

    कैंसर के लिए जिम्‍मेदार ट्यूमर हो या सामान्‍य ट्यूमर, इन दोनों के कारण सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। इन ट्यूमर के कारण कान की नसें प्रभावित होती हैं और यह बहरेपन के लिए जिम्‍मेदार हो सकती हैं। न्‍यूरोमा, पैरागैंग्‍लीयोमा और मेनिंजियोगा जैसे ट्यूमर के कारण भी सुनने की क्षमता प्रभावित होती है।

    Image Source - Getty Images

    ट्यूमर के कारण
  • 6

    चोट लगने के कारण

    अगर कान में किसी तरह की चोट लग गई है तो इसके कारण भी सुनने की क्षमता कम हो जाती है। जानलेवा घटना जैसे विस्फोट या वाहन चलाते समय कोई दुर्घटना घटित होने से कान में अचानक तेज दर्द हो तो हो सकता है कि कान के पर्दे में छेद हो गया हो। अगर दुर्घटना के समय तेज दर्द हो और फिर सुनाई पड़ना बंद हो जाए तो समझिए की कान के मध्य भाग को नुकसान पहुंचा है।

    Image Source - Getty Images

    चोट लगने के कारण
  • 7

    उम्र के कारण

    बढ़ती उम्र के कारण कई तरह की समस्‍यायें होती हैं, सामान्‍यतया बुजुर्गों को कम सुनाई पड़ने लगता है। कान की नसों में शिथिलता आ जाती है, इसके कारण सुनने में दिक्‍कत होती है। उम्र बढ़ने के साथ यह समस्‍या और भी बढ़ती जाती है।

    Image Source - Getty Images

    उम्र के कारण
  • 8

    दूसरे कारण

    सुनने की क्षमता के लिए कई दूसरे कारण भी जिम्‍मेदार होते हैं। अगर किसी बीमारी के उपचार के दौरान दवाओं का अधिक सेवन किय जाये तो इससे बहरेपन की समस्‍या हो सकती है। बहरेपन की समस्‍या आनुवांशिक भी हो सकती है, इसलिए बच्‍चे के पैदा होने के कुछ दिनों बाद ही उससे सुनने की क्षमता की जांच जरूर कराना चाहिए।

    Image Source - Getty Images

    दूसरे कारण
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर