ट्रिकोमोनिसिस के कारण और इलाज

By: ओन्लीमाईहैल्थ लेखक, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jan 06, 2014

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ट्रिकोमोनिसिस एक यौन संचारित रोग है, जो महिलाओं को अधिक प्रभावित करता है। हालांकि इस रोग का इलाज पूरी तरह संभव है, लेकिन इसे सही समय पर पहचानना जरूरी है।
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    ट्रिकोमोनिसिस

    ट्रिकोमोनिसिस एक यौन संचारित रोग है। यह ट्रिकोमोनस वेगिनलिस ऑर्गेनिज्‍म के कारण होता है। महिलायें इस बीमारी से अधिक पीडि़त होती हैं। हालांकि, पुरुषों में यह रोग अपनी महिला साथियों के साथ यौन संबंध बनाने से हो सकता है।

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    कितना सामान्‍य है ट्रिकोमोनिसिस

    ट्रिकोमोनिसिस महिलाओं में होने वाला सबसे सामान्‍य, नैदानिक यौन संचारित रोग है। यानी इस रोग का इलाज संभव है। एक अनुमान के अनुसार इस रोग के 74 लाख नये मामले, जिनमें महिलायें और पुरुष दोनों शामिल हैं, सामने आते हैं।

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    ट्रिकोमोनिसिस के लक्षण

    पुरुषों को आमतौर पर ट्रिकोमोनिसिस के लक्षण नजर नहीं आते। उन्‍हें इस रोग के बारे में तब तक नहीं पता चलता जब तक उनकी साथी को इलाज की जरूरत नहीं पड़ती।

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    कैसे पहचानें ट्रिकोमोनिसिस

    पुरुषों में ट्रिकोमोनिसिस के लक्षणों में लिंग के भीतर जलन, हल्‍का स्‍खलन, मूत्र और स्‍खलन के दौरान जलन होना आदि, जैसे सामान्‍य लक्षण नजर आते हैं।

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    महिलाओं में लक्षण

    कई महिलाओं में योनि से अति दुर्गंध के साथ स्राव होना, मूत्र त्‍याग करते समय दर्द होना, योनि में जलन और खुजली होना, संभोग करते समय असहजता महसूस होना और कुछ दुर्लभ मामलों में पेट की‍ निचली मांसपेशियों में दर्द होना। महिलाओं में आमतौर पर ये लक्षण रोग  होने के पांच से 28वें दिन के भीतर नजर आते हैं।

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    कैसे होता है ट्रिकोमोनिसिस का निदान

    ट्रिकोमोनिसिस का निदान करने के लिए डॉक्‍टर शारीरिक और प्रयोगशाला में जांच करता है। प्रयोगशाला में जांच के लिए योनि द्रव की आवश्‍यकता पड़ती है। इसमें उस परजीवी का पता लगाया जाता है जिसके कारण यह रोग हुआ है। पुरुषों में इस परजीवी का पता लगाना महिलाओं के मुकाबले मुश्किल होता है।

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    कैसे होता है ट्रिकोमोनिसिस का इलाज

    इसके लिए एक एंटीबॉयोटिक दवा दी जाती है। अपने डॉक्‍टर को यह जरूर बता दें कि कहीं आप गर्भवती तो नहीं। क्‍योंकि इस दवा से गर्भस्‍थ शिशु को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए कभी भी अपने डॉक्‍टर से यह बात न छुपायें।

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    अपने साथी की भी करायें जांच

    महिला साथी के साथ ही पुरुष साथी की भी जांच की जानी चाहिए। ताकि, अगर उसे रोग हो तो उसका इलाज किया जा सके और वह रोगी न हो, तो भविष्‍य में उसे यह रोग होने से बचाया जा सके।

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    सेक्‍स से दूरी रखें

    ट्रिकोमोनिसिस के रोगियों को चाहिए कि इलाज पूरा होने तक वे सेक्‍स से दूरी बनाकर रखें। इससे संक्रमण के और फैलने का खतरा कम हो जाता है। जब तक आप या आपके साथी में इस रोग के लक्षण पूरी तरह समाप्‍त नहीं हो जाते, सेक्‍स से परहेज करें। डॉक्‍टर की सलाह के बिना दवा का सेवन बंद न करें।

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    ट्रिकोमोनिसिस का इलाज न करवायें तो

    गर्भवती महिलायें यदि ट्रिकोमोनिसिस का इलाज न करवायें तो इससे गर्भस्‍थ शिशु को खतरा हो सकता है। इससे बच्‍चे का जन्‍म समय से पहले हो सकता है। इसके साथ ही संक्रमण के कारण महिला को एचआईवी होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। ऐसे में यह रोग उससे उसके साथी को भी हो सकता है।

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    ट्रिकोमोनिसिस के संक्रमण को कैसे रोकें

    इस रोग से बचने के लिए बिना कण्‍डोम के सेक्‍स न करें। अपने साथी के प्रति वफादार रहें। अगर आप संक्रमित हैं या आपको इस बात का अंदेशा है, तो डॉक्‍टर से संपर्क करे। इसके साथ ही अपने साथी को भी डॉक्‍टर के पास जरूर ले जाएं।

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