प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने के कारण और इलाज

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 06, 2014

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

प्रोस्टेट पुरुषों में पाई जाने वाली एक ग्रंथि है, जो वास्‍तव में कई छोटी ग्रंथियों से मिलकर बनी होती है। इस स्‍लाइड शो में इसी ग्रंथि के कारण और इलाज के बारे में विस्‍तार से जानकारी दी जा रही हैं।
  • 1

    प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना

    प्रोस्टेट पुरुषों में पाई जाने वाली एक ग्रंथि है, जो वास्‍तव में कई छोटी ग्रंथियों से मिलकर बनी होती है। यह ग्रंथि पेशाब के रास्‍ते को घेर कर रखती है और उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट ग्रंथि के ऊतकों में गैर-नुकसानदेह ग्रंथिकाएं विकसित हो जाती है। जिसके कारण धीरे-धीरे ग्रंथि के आकार में वृद्धि होने लगती है, और समस्या तब उत्पन्न होती है जब प्रोस्टेट का आकार इतना बढ़ जाता है कि मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ने लगता है।

  • 2

    सर्दियों में समस्‍या का बढ़ना

    सर्दियों में कम पानी पीने के कारण प्रोस्‍टेट ग्रंथि की समस्‍या बढ़ जाती है। सर्दियों में पानी कम पीने के कारण यूरीन की थैली में एकत्र यूरीन की मात्रा बढ़ जाती है। इसके कारण यूरीन की नली में संक्रमण या यूरीन रुकने की समस्‍या हो जाती है।

  • 3

    प्रोस्‍टेट ग्रंथि बढ़ने के कारण

    बढ़ती उम्र, आनुवाशिक और हार्मोनल प्रभाव जैसे कई कारण से प्रोस्‍टेट ग्रंथि बढ़ने लगती हैं। इसके साथ ही औद्योगिक कारखानों में काम करने वाले लोग भी इस समस्‍या से ग्रस्‍त हो सकते हैं। इस रोग के होने की आशकाएं ऐसे लोगों में विभिन्न रसायनों और विषैले तत्वों के सपर्क में आने के कारण बढ़ जाती हैं।

  • 4

    प्रोस्‍टेट ग्रंथि बढ़ने के लक्षण

    प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर बार-बार यूरीन करने की फिलिंग, यूरीन का जल्दी नहीं निकलना, कुछ देर से निकलना तथा यूरीन की धार पतली होना शमिल हैं। साथ ही धार का बीच-बीच में टूटना, यूरीन का रुक जाना और यूरीन करने में दर्द का अनुभव होना इसके लक्षण होते है।

  • 5

    किडनी पर असर

    प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर अगर यूरीन मूत्राशय के अंदर देर तक रुका रहता है तो कुछ समय के बाद किडनी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगता है। इसके कारण किडनी की यूरीन बनाने की क्षमता कम होने लगती है और किडनी यूरिया को पूरी तरह शरीर के बाहर निकाल नहीं पाती। इन सब के कारण ब्‍लड में यूरिया बढ़ने लगता है, जो शरीर के लिए नुकसानदेह होता है।

  • 6

    प्रोस्‍टेट ग्रंथि बढ़ने का इलाज

    प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने की समस्या का समाधान दो तरीकों से संभव होता है। पहला, टी.यू.आर.पी. सर्जरी और दूसरा, प्रोस्टेटिक आर्टरी इंबोलाइजेशन सर्जरी द्वारा। इस सर्जरी के बाद सभी दवाओं को बंद कर सिर्फ कुछ खास दवाएं ही दी जाती हैं।

  • 7

    दवाओं से इलाज

    प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर मरीज को चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता होती है। यूरीन की थैली के लगातार भरे रहने से किडनी पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे किडनी के खराब होने का खतरा पैदा हो जाता है। रोग की प्रारंभिक अवस्था में दवाओं द्वारा ग्रंथि को बढ़ने से रोकने का प्रयास किया जाता है।

  • 8

    शल्यक्रिया

    कुछ लोगों को दवाइयों से कोई लाभ नहीं होता है इसलिए शल्‍यक्रिया के द्वारा प्रोस्टेट ग्रंथि को निकाला जाता है। आधुनिक तकनीक लेजर प्रोस्टेक्टॉमी से प्रोस्टेट ग्रंथि की चिकित्‍सा बहुत ही कम चीर-फाड़ व रक्त-स्राव द्वारा की जाती हैं।

  • 9

    लेजर प्रोस्टेक्टॉमी

    लेजर प्रोस्टेक्टॉमी में लेजर किरणों के द्वारा प्रोस्टेट ग्रंथि के उस हिस्से को काटकर अलग कर दिया जाता है जिससे यूरीन नली का मार्ग अवरूद्ध होता है। इस पद्वति से फाइबर ऑप्टिक टेलीस्कोप दूरबीन को रोगी के मूत्रद्वार से मूत्राशय की ओर डाला जाता है। यहां प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़े हुए हिस्से को काटकर निकाल दिया जाता है।

  • 10

    सर्जरी के फायदे

    य‍ह चिकित्‍सा एक दिन की शल्यक्रिया होती है। सुबह ऑपरेशन कराने के बाद शाम तक मरीज अपने घर जा सकता है। यह शल्य क्रिया आसपास स्थित सामान्य ऊतकों को कोई क्षति नहीं पहुंचती हैं। प्रोस्टेट ग्रंथि के लेजर सर्जरी से निकालने के बाद पेशाब करने की आवृत्ति बढ़ती है, तीव्र इच्छा व मूत्राशय पूरा खाली न होने जैसी शिकायतें दूर हो जाती हैं और यूरीन का प्रवाह  भी ठीक हो जाती है।

  • 11

    किसी भी समस्‍या का न होना

    प्रोस्टेट ग्रंथि के स्राव से शुक्राणुओं को पोषण और सुरक्षा मिलती है। लेकिन शल्यक्रिया द्वारा ग्रंथि को निकाल दिए जाने पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पडता क्योंकि प्रोस्टेट के अलावा सेमाइनल वेसिकल्स भी इस कार्य को करती है। इसलिए इस पद्वति का आप बिना किसी डर के करवा सकते हैं।

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर