ये चीजें बना सकती हैं आपको इंफर्टाइल

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 31, 2015

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एक अनुमान के मुताबिक भारत में लगभग 18 फीसदी दंपत्ति नपुंसकता के शिकार हैं, इन सबके पीछे नियमित दिनचर्या और खानपान में अनियमितता के अलावा कई छोटी-छोटी बातें भी जिम्‍मेदार हैं, कहीं आप भी इन आदतों के आदी तो नहीं!
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    इंफर्टिलिटी के कारण

    विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की एक रिपोर्ट की मानें तो भारत में 1.90 करोड़ इनफर्टाइल अर्थात नपुंसक दंपत्ति हैं और इनमें से केवल 0.1 प्रतिशत ही आईवीएफ से बच्‍चे पैदा कर पाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत में 18 फीसदी दंपत्ति शादी की उम्र में ही नपुंसकता का शिकार हो जाते हैं। इसके पीछे तेजी से हो रहे शहरीकरण, मिलावट की वजह से तमाम रासायनों का शरीर में जाना, तनाव, जरूरत से ज्‍यादा काम, अनियमित लाइफस्‍टाइल और देर से शादी होना तथा कुछ अन्य बड़े कारण हो सकते हैं। तो चलिये विस्तार से जानें क्या हैं इंफर्टाइल बनाने वाले कारण।
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    शिफ्ट में काम करना

    न्‍यूयॉर्क स्थित आईलैंड ज्‍युविश मेडिकल सेंटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक जो महिलाएं नाइट शिफ्ट या अलग-अलग शिफ्ट में काम करती हैं, उनमें मासिक धर्म अनियमित हो सकता है, जिसकी वजह से महिलाओं को कंसीव करने में समस्या हो सकती है। वहीं ब्रिटेन के यूरोपियन सोसाइटी ऑफ ह्यूमन रिप्रोडक्‍शन एंड एंब्रयोलॉजी की रिपोर्ट के मुताबिक शिफ्ट में काम करने ज्‍यादा वर्कलोड व तनाव लेने वाली महिलाओं में बांझपन की शिकार होने का खतरा रहता है।
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    बहुत ज्‍यादा मेकअप

    यूएस हेल्‍थ एंड न्‍यूट्रीशन सर्वे की 2010 में आयी रिपोर्ट में पाया गया कि जिन महिलाओं ने जरूरत से ज्‍यादा मेकअप किया वे भी बांझपन का शिकार हुईं। इसके पीछे के चिकित्‍सीय कारण वे केमिकल पाये गये जो आमतौर पर क्रीम-पॉवडर में उपयोग किये जाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कंपनियां गोरा करने व त्वचा निखारने वाली क्रीम में ऐसे केमिकल इस्‍तेमाल किये जाते हैं, जो थॉयरॉइड का कारण बन सकते हैं। और थॉयराइड से ग्रस्थ महिलाओं को  कंसीव करने में समस्या आती है।
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    डाइटिंग की लत

    किसी भी महिला को प्रेगनेंट होने के लिए ठीक डाइट की जरूरी होती है। और वे महिलाएं जो ठीक से आहार नहीं लेती या फिगर मेनटेन करने के लिये बहुत ज्यादा डाइटिंग करने लगती हैं, उन्हें आगे चलकर कंसीव करने में समस्‍या आ सकती है।
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  • 5

    शराब और धूम्रपान की लत

    चाहे महिलाएं हों या पुरुष, धूम्रपान शराब का अधिक सेवन करने से भी उर्वरकता में समस्या आ सकती है। शराब के ज्यादा सेवन से महिलाओं में फीटल अल्‍कोहल सिंड्रोम बीमारी हो जाती है, जिसके कारण महिलाओं के गर्भाशय में अंडे बनने बंद हो जाते हैं। वहीं पुरुषों में नशा करने से शुक्राणुओं की गुणवत्ता खराब होती है।
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    एस्टेरॉयड्स का सेवन

    अगर आप जिम ज्‍वाइन करके आरलोल्ड जैसी बॉडी बनाने की चाहत में दबा कर एस्टेरॉयड्स ले रहे हैं, तो आज ही बंद कर दीजिये, क्‍योंकि यह आपको नपुंसक भी बना सकते हैं। इसके अधिक सेवन से शुक्राणु का बनना कम हो सकता है।
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    जननांगों की समस्‍यायें

    ऐसा कोई भी काम, जिससे लिंग तक ज्‍यादा गर्मी पहुंचती है, उससे स्‍पर्म काउंट कम हो जाता है और व्यक्ति नपुंसकता का शिकार हो जाता है। अक्‍सर फैक्‍ट्री में भट्ठी के पास काम करने वाले पुरुष, या देर तक गोद में लैपटॉप रखकर काम करने वाले लोग नपुंसकता का शिकार हो सकते हैं।
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    बहुत अधिक साइकिल चलाना

    हर रोज लंबी दूरी तक या कई-कई घंटे साइकिल चलाने से जननांग के पास का हिस्‍सा गर्म हो जाता है, जिस कारण से इरेक्‍टाइल डिस्फेक्शन अर्थात लिंग में कड़ा पन नहीं आ पाता है और व्यक्ति नपुंसकता का शिकार हो सकता है।
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    देर से शादी होना

    काफी उमर होने पर शादी करने की वजहसे भी भारतीय महिला और पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। करियर पर ध्यान देना जरूरी है, लेकिन शादी में ज्यादा देरी करना ठीक नहीं होता है।
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