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जब सीने में हो दर्द तो अपनायें ये घरेलू उपाय

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Dec 24, 2014
सीने में दर्द के कारणों में हृदय समस्‍याओं से लेकर सामान्य खांसी और फ्लू तक भिन्न-भिन्‍न हो सकते हैं। एक बार यह जानने के बाद कि दर्द के कारणों में दिल संबंधी गंभीर समस्‍या शामिल नहीं है। आप सीने में दर्द के इलाज के लिए कुछ घरेलू उपचारों का सहारा ले सकते हैं।
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    दर्द की अनदेखी न करें!

    सीने में दर्द हमेशा हृदय संबंधी समस्‍याओं के कारण नहीं होता है। इसके लिए कई अन्‍य कारण भी हो सकते हैं। हालांकि, सीने में दर्द महसूस होने पर हमेशा चिकित्‍सक से सलाह लेने के लिए कहा जाता है ताकी सीने में दर्द के सही कारणों के बारे में जानकारी हासिल की जा सकें। आमतौर पर सीने में होने वाले इस दर्द को 'एंजाइना' कहा जाता है, जिसे मेडिकल भाषा में एंजाइना पेक्टोरिस कहा जाता है। कोरोनरी डिजीज के चलते दिल तक पहुंचने वाले रक्त की मात्रा कम होने पर एंजाइना की समस्या होती है। सीने में दर्द की कभी भी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। एक बार यह जानने के बाद कि दर्द के कारणों में दिल संबंधी गंभीर समस्‍या शामिल नहीं है। आप सीने में दर्द के इलाज के लिए कुछ घरेलू उपचारों का सहारा ले सकते हैं।
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    दर्द की अनदेखी न करें!
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    लहसुन

    लहसुन समग्र स्‍वास्‍थ्‍य के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है, विशेष रूप से हृदय समस्‍याओं के इलाज के लिए तो लहसुन बहुत ही फायदेमंद होता है। लहसुन में पाये जाने वाले कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, थियामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन और विटामिन सी के कारण इसे विटामिन और मिनरल का भंडार कहा जाता है। इसके अलावा इसमें आयोडीन, सल्‍फर और क्‍लोरीन भी पाया जाता है। यह खांसी, अस्‍थमा और कफ आदि के कारण होने वाले सीने में दर्द को दूर करने में मदद करता है। लहसुन की केवल एक कली को नियमित रूप से लेने से कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम और धमनियों की दीवारों पर पट्टिका का निर्माण रोका जा सकता है, जो एंजाइना या सीने में दर्द का एक प्रमुख कारण है।    
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    लहसुन
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    अदरक की जड़

    अदरक की जड़ विभिन्न स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के इलाज के लिए बहुत पुराना उपाय है। यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं जैसे एसिडिटी, सर्दी और फ्लू और सूजन और गर्भावस्‍था के दौरान होने वाली उल्‍टी और मतली के लिए बहुत ही उपयोगी उपाय है। जब भी आप सीने में दर्द का अनुभव करें तो सूजन को कम करने और खांसी से राहत पाने के लिए अदरक की जड़ की चाय का सेवन करें। इसके अलावा इससे बनी चाय हार्टबर्न के कारण होने वाले सीने में दर्द को दूर करने में भी मददगार होती है।
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    अदरक की जड़
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    हल्दी

    एक मसाले के रूप में हल्दी का इस्‍तेमाल व्यापक रूप से एशियाई व्यंजनों में किया जाता है और जड़ी बूटी के रूप में इसका इस्‍तेमाल आयुर्वेद और चीनी दवाओं में एंटी-इंफ्लेमेंटरी रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। हल्दी में पाये जाने वाले करक्यूमिन नामक तत्‍व के कारण इसका इस्‍तेमाल पेट फूलना, घाव, सीने में दर्द आदि जैसे विभिन्न रोगों के इलाज के लिए किया जाता है। अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों से दिल की रक्षा के लिए करक्यूमिन बहुत प्रभावी है। यह तत्‍व कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण रोकने में मदद करता है जो रक्‍तवाहिकाओं को नुकसान पहुंचाकर धमनियों की दीवारों पर प्‍लॉक को मजबूत बनाता है।
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    हल्दी
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    पवित्र तुलसी

    तुलसी को पवित्र तुलसी के रूप में जाना जाता है, पवित्र तुलसी एक प्रभावी एंटी-बैक्‍टीरियल जड़ी-बूटी और एंटी इफ्लेमेंटरी प्रभाव का कारण बनती है। इसमें मौजूद पोषक तत्‍व दिल के लिए आवश्‍यक होते हैं। तुलसी में पाया जाने वाला वाष्‍पशील तेल को युगेनॉल के नाम से बुलाया जाता है। इसमें शरीर में साइक्लोऑक्सिजनेज नामक एंजाइम की गतिविधि को ब्लॉक करने की क्षमता होती है। एंटी-इफ्लेमेंटरी गुणों के कारण तुलसी दर्द से राहत देने के साथ सूजन को दूर करने में भी मदद करती है।
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    पवित्र तुलसी
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    अल्फा-अल्‍फा

    इस जड़ी बूटी में औषधीय गुणों के साथ प्रोटीन और विटामिन ए, विटामिन बी 1, विटामिन बी 6, विटामिन सी, विटामिन ई, और विटामिन के होता है। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, पोटेशियम, कैरोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन डी और के रूप में सी, बी, नियासिन, राइबोफ्लेविन भी होता हैं। इन घटकों के कारण यह अल्फा-अल्‍फा को विभिन्न रोगों के इलाज की एक बहुमूल्य जड़ी बूटी बनाते हैं। जड़ी बूटी में पाये जाने वाले एंजाइम गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं के कारण होने वाले सीने में दर्द को दूर करने में मदद करते हैं।
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    अल्फा-अल्‍फा
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    गुड़हल

    हिबिस्कस में बहुतायत में एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी, विशेष रूप से फ्लेवोनॉयड मुक्त कणों को बेअसर कर पूरे स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने में करता हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट धमनियों में वसा के संचय को कम कर हृदय की समस्याओं और सीने में दर्द को रोकने में मदद करता है। साथ ही इस जड़ी बूटी में भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला विटामिन सी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं विशेष रूप से अगर आपको सर्दी और फ्लू से ग्रस्त होने पर खांसी और सीने में तेज दर्द होता है। हिबिस्कस चाय खांसी, सीने में दर्द, गले में खराश और अन्य सांस की समस्याओं को दूर करने में मददगार होती हैं।
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    गुड़हल
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    अनार का जूस

    कई अध्‍ययनों के अनुसार, अनार हृदय समस्‍याओं को दूर करने में बहुत उपयोगी होता है। यह तनाव को कम कर धमनियों की दीवारों को होने वाले नुकसान और एलडीएल के ऑक्सीकरण को रोकने में मदद करता है। स्ट्रोक और परिधीय रोग के कारण धमनियों संकरी के होने के कारण होने वाली समस्‍याओं को दूर करने में मदद करता है। इन सभी समस्‍याओं के शुरुआती लक्षण के रूप में सीने में दर्द होता है। अनार के जूस के नियमित सेवन से इसमें मौजूद प्रभावी एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इफ्लेमेंटरी गुण सीने में दर्द को रोकने में मदद करता है।
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    अनार का जूस
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