हिंदु मान्‍यता के अनुसार चोटी रखने के फायदों के बारे में जानें

By:Devendra Tiwari , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 29, 2016

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

पुराने समय से ऋषि-मुनी को सिर पर चोटी रखने की परंपरा है, यह मान्‍यता से दिमाग स्थिर रहता है। क्रोध नहीं आता है और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है। मानसिक मजबूती मिलती है और एकाग्रता बढ़ती है। आइए जानें चोटी रखने से आपको और कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं
  • 1

    चोटी रखने के फायदे

    पुराने समय से ऋषि-मुनी के साथ महिलाओं और पुरुषों को भी सिर पर चोटी रखने की परंपरा चली आ रही है। आज भी कई लोग रखते हैं। इस संबंध में मान्यता है कि जिस जगह पर चोटी रखी जाती है, उस जगह दिमाग की सारी नसों का केंद्र होता है। यहां चोटी रहती है तो दिमाग स्थिर रहता है। क्रोध नहीं आता है और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है। मानसिक मजबूती मिलती है और एकाग्रता बढ़ती है। आइए जानें चोटी रखने से आपको और कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं।
    Image Source : Getty

  • 2

    मस्तिष्‍क का केंद्र

    सिर में जिस स्‍थान पर चोटी रखी जाती है अर्थात् सिर के सभी बालों को काटकर बीचोबीच के स्‍‍थान के बाल को छोड़ दिया जाता है। इस स्‍थान के ठीक 2 से 3 इंच के नीचे आत्‍मा का स्‍थान होता है। भौतिक विज्ञान के अनुसार, य‍ह मस्तिष्‍क का केंद्र है और विज्ञान के अनुसार यह शरीर के अंगों, बुद्धि और मन को नियंत्रित का स्‍थान भी है। इसलिए हमारे ऋषियों-मुनियों ने सोच-समझकर चोटी रखने की प्रथा की शुरूआत की थी।  
    Image Source : Getty

  • 3

    सकारात्‍मक और आध्‍यात्मिक विचारों का ग्रहण

    इस स्थान पर चोटी रखने से मस्तिष्क का संतुलन बना रहता है। चोटी सुषुम्ना नाड़ी को हानिकारक प्रभावों से तो बचाती ही है, साथ में ब्रह्मांड से आने वाले सकारात्मक तथा आध्यात्मिक विचारों को ग्रहण भी करती है।
    Image Source : Getty

  • 4

    नकरात्‍मक वातावरण से रक्षा

    पुरुषों की तुलना में महिलाओं का मस्तिष्क अधिक संवेदनशील होता है। इसी कारण वातावरण की नकारात्मक एनर्जी का सीधा असर महिलाओं पर तुरंत होता है। सिर पर चोटी होने से नकारात्मक वातावरण से मस्तिष्क की रक्षा होती है। हमारे मस्तिष्क के दो भाग होते हैं। दोनों भागों के जुड़ने की जगह वाला हिस्सा बहुत संवेदनशील होता है। अधिक ठंड या गर्मी से इस भाग को सुरक्षित रखने के लिए भी चोटी बनाई जाती है।
    Image Source : Getty

  • 5

    आत्‍मशक्ति बढ़ती है

    योग शास्त्र में इडा, पिंगला और सुषुम्ना नाड़ियों की चर्चा होती है। इनमें सुषुम्ना ज्ञान और क्रियाशीलता की नाड़ी है। यह स्पाईनल कॉड से होकर मस्तिष्क तक पहुंचती है। जिस स्थान पर ये नाड़ी मस्तिष्क से मिलती है, उसी स्थान पर चोटी बांधी जाती है। चोटी बांधने से मस्तिष्क की एनर्जी की रक्षा होती है और आत्मशक्ति बढ़ती है।
    Image Source : Getty

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर