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एनल सेक्स के बुरे प्रभाव

By:pradeep Singh, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 27, 2014
कुछ महिलाओं को गुदा संभोग पसंद आता है और वे इसका आनंद भी उठाती हैं। इसके अलावा पुरुष गुदा संभोग करने में अधिक आनंदित महसूस करते हैं। लेकिन, ऐसा करते समय कुछ जरूरी सुरक्षा बरती जानी चाहिए ताकि यौन रोग और संक्रमण का खतरा कम किया जा सके।
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    गुदा संभोग- सुरक्षा है जरूरी

    ऐसा नहीं है कि हर किसी को गुदा संभोग से चिढ़ होती हो, अथवा उसे वह पसंद न आता हो। कुछ महिलाओं को गुदा संभोग पसंद आता है और वे इसका आनंद भी उठाती हैं। इसके अलावा पुरुष गुदा संभोग करने में अधिक आनंदित महसूस करते हैं। लेकिन, ऐसा करते समय कुछ जरूरी सुरक्षा बरती जानी चाहिए ताकि यौन रोग और संक्रमण का खतरा कम किया जा सके। Image Courtesy- GettyImages.in

    गुदा संभोग- सुरक्षा है जरूरी
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    गुदा में कब होता है लुब्रिकेशन

    गुदा में योनि की भांति प्राकृतिक लुबिकेशन कम होता है। पेनिट्रेशन गुदा के भीतर के उत्तकों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे बैक्‍टीरिया और वायरस रक्‍त-संचार में शामिल हो सकते हैं। Image Courtesy- GettyImages.in

    गुदा में कब होता है लुब्रिकेशन
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    यौन संचारित रोग होने का खतरा

    इससे एचआईवी सहित कई अन्‍य यौन संचारित रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। शोधों द्वारा यह प्रमाणित हुआ है कि योनि संभोग की अपेक्षा गुदा संभोग से यौन रोग होने का खतरा 30 गुना बढ़ जाता है। इसके साथ ही ह्यूमन पेपिलोमावायरस से एनल वाट्स और कैंसर होने का खतरा होता है। लुब्रिकेशन के इस्‍तेमाल से लाभ तो होता है कि उत्‍तकों का छिलना पूरी तरह नहीं टाला जा सकता। Image Courtesy- GettyImages.in

    यौन संचारित रोग होने का खतरा
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    भीतरी उत्‍तक होते हैं नरम

    गुदा के भीतरी उत्‍तक बाहरी उत्‍तकों की भांति सुरक्षित नहीं होते। गुदा के बाहरी उत्‍तक मृत कोशिकाओं की कई परतों द्वारा सुरक्षित होते हैं, जिससे संक्रमण होने की आशंका बहुत कम हो जाती है। वहीं गुदा के अंदरूनी उत्‍तकों पर स्‍वाभाविक सुरक्षा नहीं होती। इससे उनके छिलने और संक्रमण का खतरा अधिक होता है। Image Courtesy- GettyImages.in

    भीतरी उत्‍तक होते हैं नरम
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    मल प्रक्रिया पर पड़ता है असर

    गुदा को कुदरती तौर पर मल सुरक्षित रखने के लिए बनी है। गुदा के चारों ओर वृत्‍ताकार मांसपेशियां होती हैं, जो मल त्‍यागने के बाद सख्‍त हो जाती हैं। जब मांसपेशियां सख्‍त होती हैं, तो पेनिट्रेशन मुश्किल व दर्दनाक हो सकता है। नियमित तौर पर गुदा संभोग करने से ये मांसेपशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे उसके लिए मल रोक पाना कठिन हो जाता है। हालांकि कीगल एक्‍सरसाइज से इन मांसपेशियों को मजबूत बनाया जा सकता है। Image Courtesy- GettyImages.in

    मल प्रक्रिया पर पड़ता है असर
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    पुरुषों को खतरा

    गुदा में कई बीमारियां फैलाने वाले बैक्‍टीरिया होते हैं, यदि दोनों साथियों में से किसी को भी यौन रोग न हो, तो भी गुदा संभोग से इसका खतरा बढ़ जाता है। यह खतरा अधिकतर मामलों में पुरुषों को ही होता है। योनि संभोग के बाद गुदा संभोग करने से योनि और यू‍रिनेरी ट्रेक्‍ट इंफेक्‍शन हो सकता है। Image Courtesy- GettyImages.in

    पुरुषों को खतरा
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    नया कंडोम

    गुदा संभोग के बाद बिना कंडोम बदले योनि संभोग न करें। यदि आप ऐसा करते हैं, तो योनि संक्रमण व यौन संचारित रोगों के खतरे को कम कर सकते हैं। यह सुरक्षित संभोग का तरीका है। Image Courtesy- GettyImages.in

    नया कंडोम
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    लुब्रिकेशन इस्‍तेमाल करें

    उत्‍तकों को छिलने से बचाने के लिए खूब लुब्रिकेशन का इस्‍तेमाल करें। इसके साथ ही ले‍टेक्‍स कंडोम का इस्‍तेमाल करें। इसके साथ ही वॉटर बेस कंडोम का इस्‍तेमाल करें। Image Courtesy- GettyImages.in

    लुब्रिकेशन इस्‍तेमाल करें
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    आराम करें

    गुदा मैथुन में पेनिट्रेशन से पहले थोड़ा शांत रहें। संभोग से पहले गर्म पानी से नहाना अथवा पेट के बल लेटना आपके लिए गुदा मैथुन को आसान बना सकता है। इससे दर्द और तकलीफ कम हो सकती है। Image Courtesy- GettyImages.in

    आराम करें
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    अधिक दर्द न झेलें

    यदि गुदा संभोग के बाद आपको दर्द हो अथवा सूजन की शिकायत हो, तो आपको भविष्‍य में गुदा संभोग करने से बचना चाहिए। इसके साथ ही फौरन चिकित्‍सीय सहायता भी लेनी चाहिए। इससे आप स्‍वयं को संक्रमण से बचा सकेंगे। Image Courtesy- GettyImages.in

    अधिक दर्द न झेलें
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