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गर्भावस्‍था में इन सौंदर्य उत्‍पादों के प्रयोग से बचें

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 13, 2015
गर्भवती महिलाओं को सौंदर्य प्रसाधनों के प्रयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। सौंदर्य प्रसाधनों में जहरीले रसायनों का मिश्रण होता है, जिससे गर्भवती महिला के साथ भ्रूण की सेहत पर नकारात्‍मक असर पड़ता है।
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    गर्भावस्‍था और सौंदर्य उत्‍पाद

    प्रसाधनों में कई तरह के रसायनों का प्रयोग होता है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को सौंदर्य़ प्रसाधनों के उपयोग में सावधानी बरतनी चाहिए। कोशिश करें कि वो प्राकृतिक प्रसाधनों का प्रयोग करें, जिससे उनको या उनके या उनके बच्चे को किसी तरह का नुकसान ना हो। इस स्लाइडशो के जरिए हम आपको उन प्रसाधनों के बारे में बता रहे हैं जिनका इस्‍तेमाल गर्भावस्‍था के दौरान करने से बचना चाहिए।
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    गर्भावस्‍था और सौंदर्य उत्‍पाद
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    परफ्यूम, फाउंडेशन और लिपस्‍टिक

    परफ्यूम और डियो में ऐसे 100 प्रकार के रसायन होते हैं जो आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं। ब्रांडेड लिपस्‍टिक्‍स में कम मात्रा में लेड पाया जाता है, जो चाय या कॉफी पीते वक्‍त शरीर के अंदर चला जाता है। यह मां के साथ बच्‍चे को भी नुकसान पहुंचा सकता है। फाउंडेशन मे भी लेड मिला हुआ होता है। लेड से मिसकैरेज होने की संभावना बढ़ जाती है।
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    परफ्यूम, फाउंडेशन और लिपस्‍टिक
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    हेयर डाई करने से बचें

    हेअर डाई जैसे उत्पादों में बहुतायत मात्रा में कृत्रिम रंगों का प्रयोग किया जाता है। इनमें मौजूद रसायनों से गंभीर किस्म के ददोरे और एलर्जिक रिएक्शन हो सकते हैं। अगर आप अपने बालों को डाई करवाना चाहती हैं तो प्रसव के बाद ही करायें। लेकिन अगर आपको किसी वजह से हेयर डाई कराना जरूरी हो तो दूसरे तिमाही में कराएं। हेयर डाई के कुछ ब्रांड्स में काफी खतरनाक रसायन होते हैं।
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    हेयर डाई करने से बचें
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    शैंपू का रखें ध्यान

    शैंपू में सोडियम लॉरियल सल्फेट होता है। यह व्‍यक्ति को समय से पहले बूढ़ा बना सकता है। कृत्रिम सुगंध का सौंदर्य प्रसाधनों में भारी उपयोग होता है। इससे त्वचा में खुजली हो सकती है, सिरदर्द हो सकता है तथा ददोड़े भी उठ सकते हैं। इसका एक साइड इफेक्ट घातक है और वह है त्वचा का रंग काला होना।
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    शैंपू का रखें ध्यान
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    पहले एक पैच टेस्ट लें

    नौ महीनों में गर्भवती महिलाओं के शरीर में तेजी से तीव्र परिवर्तन होते हैं, अतः शरीर एलर्जीक व संवेदनशील हो सकता है जोकि पहले नहीं था। इसलिए पैच टेस्ट, सौंदर्य उत्पादों के लिए एक सामान्य नियम है। बाजार में ऐसे कई सुरक्षित तथा प्राकृतिक विकल्प मौजूद हैं।
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    पहले एक पैच टेस्ट लें
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    करें प्राकृतिक सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल

    गर्भवती महिलाओं के लिए जैविक व प्राकृतिक सौंदर्य उत्पादों का इस्तमाल बिलकुल सही होगा। आप इन पदार्थों को इतना पसंद कर सकती हैं कि जीवन भर इन्हें इस्तेमाल करने का ऩिर्णय ले सकती हैं।
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    करें प्राकृतिक सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल
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    इन उत्पादों के प्रयोग से बचें

    गर्भवती महिलाओं को मेंहदी, चमेली और दालचीनी युक्त उत्पादों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। हालांकि, ये सभी प्राकृतिक अवयव हैं, लेकिन माना जाता है कि इन से रक्तचाप बढता है और प्रीनेटल डिलिवरी भी हो सकती है। अगर आप सामान्य प्रसव की कामना कर रही हैं तो शायद गर्भावस्था के अंतिम महीनों में ये आपके पक्ष में काम कर सकते हैं।
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    इन उत्पादों के प्रयोग से बचें
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    रेटिनॉल रसायन से बचें

    यह रसायन एंटी एजिंग क्रीम का केंद्रीय घटक है। इससे त्वचा की परतें उधड़ सकती हैं। वह चटख सकती है तथा खुजली चलने की भी आशंका बनी रहती है। गर्भवती अथवा गर्भधारण करने वाली महिलाओं को रेटिनॉल से बने उत्पादों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। रेटिनॉल से त्वचा सूर्य प्रकाश के प्रति अतिरिक्त संवेदनशील हो जाती है।
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    रेटिनॉल रसायन से बचें
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