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क्या आप इको सेक्स के लिए तैयार हैं

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Apr 23, 2014
बेडरूम का लगाव और आपसी प्यार आपके रिलेशनशिप के लिये ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिये भी स्‍वस्‍थ हो सकता है। आइए जाने कुछ टिप्स जिससे आप अपनी लव और सेक्स लाइफ को इको-फ्रेंडली बना सकते है।
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    इको फ्रेंडली

    आजकल हम तमाम चीजों में इको फ्रेंडली की तलाश कर रहे हैं फिर वह चाहे कार हो या फिर घर में जलाने वाले बल्‍ब। तो क्‍यों न हम अपने सेक्‍स लाइफ को भी इको सेक्‍स बना लें। बेडरूम का लगाव और आपसी प्यार आपके रिलेशनशिप के लिये ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिये भी स्‍वस्‍थ हो सकता है। आइए जाने कुछ टिप्स जिससे आप अपनी लव और सेक्स लाइफ को इको-फ्रेंडली बना सकते है।

    इको फ्रेंडली
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    इको सेक्‍स

    कई संभावित तरीकों से हम यौन गातिव‍िधियों के दौरान कार्बन फुटप्रिंट को कम कर सकते हैं। इसे ही इको सेक्‍स कहते हैं। आप में से कुछ लोग कार्बन के बारे में सोच रहे होगें। कल्पना? सच में? अन्य उत्सर्जन के रूप में बेडरूम के बारे में चिंता करने की ज़रूरत होती है? इको सेक्‍स हमारा ध्‍यान इस ओर लाता है कि यौन गातिविधियां के दौरान कार्बन फुटप्रिंट की मात्रा पर नियंत्रण पर्यावरण के लिए योगदान कर सकती है।

    इको सेक्‍स
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    कार्बन फुटप्रिंट

    कार्बन फुटप्रिंट का अर्थ किसी एक संस्था, व्यक्ति या उत्पाद द्वारा किया गया कुल कार्बन उत्सर्जन होता है। यह उत्सर्जन कार्बन डाइऑक्साइड या ग्रीनहाउस गैसों के रूप में होता है। कार्बन फुटप्रिंट का सबसे बड़ा कारण मानव की इच्छा ही होती है। इसके साथ ही एक अन्य बड़ा कारण घर में प्रयोग होने वाली विद्युत भी है। वैज्ञानिकों के अनुसार मानव की लगभग सभी आदतें, जिनमें खानपान से लेकर पहने जाने वाले कपड़े तक शामिल हैं, उसके कार्बन फुटप्रिंट का कारण बनते हैं।

    कार्बन फुटप्रिंट
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    इको सेक्‍स के उपाय

    लुबिक्रेंट और कंडोम में इस्‍तेमाल होने वाला केमिकल, चादर और गद्दे में इस्‍तेमाल होने वाली सामग्री, मूड बनाने के लिए मोमबत्ती का इस्‍तेमाल। यह सभी चीजें कार्बन फूटप्रिन्‍ट छोड़ती है। और जब यह कार्बन उत्‍सर्जन की बात आती है तो बेडरूम का आकार से कोई फर्क नहीं पड़ता है। इसलिए हमें इको सेक्‍स को अपनाना चाहिए। जी हां, अब समय है अपनी सेक्स लाइफ को मोर ग्रीन करने का।

    इको सेक्‍स के उपाय
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    इको-फ्रेंडली वस्त्र

    सबसे पहले हम शुरुआत करते हैं इको-फ्रेंडली वस्‍त्रों से। सेक्‍स में अंर्तवस्‍त्रों का अपना ही महत्‍व होता है। आजकल के अंडर गार्मेंट्स भी इको फ्रेंडली होने लगे हैं। इसे बनाने के लिए हेम्प सिल्क, ऑर्गैनिक कॉटन, बांस और कई इको फ्रेंडली फाइबर्स का इस्‍तेमाल होता है। इसलिए इको सेक्‍स का मजा लेने के लिए खरीदारी करते समय हमेशा इन्हीं को पहली पसंद बनायें।

    इको-फ्रेंडली वस्त्र
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    लुब्रिकेंट्स

    सेक्‍स के दौरान बहुत सारे परफ्यूम और लुब्रिकेंट्स का इस्‍तेमाल आपको नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए प्राकृतिक लुब्रिकेंट्स जैसे ऑलिवऑयल, हिबिसकस आदि का इस्‍तेमाल करें। इसके अलावा कई कंपनियों ने ऐसे लूब्रिकेंट्स बनाना शुरू किया है, जिसमें पेट्रो-केमिकल्स नहीं होता है। ऐसे लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल कर आप पर्यावरण को बेहतर बनाने में योगदान कर सकते हैं।

    लुब्रिकेंट्स
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    बांस की चादरों का इस्‍तेमाल

    स्टेफ़नी आईरिस वेइस, इको सेक्स के लेखक के अनुसार, चादरों के बीच ग्रीन होना, अपने प्रेम जीवन को टिकाऊ बनाने, यौन गतिविधि के दौरान कार्बन पदचिह्न को कम करने और इको सेक्‍स के विस्‍तार में मदद करता है। सेक्‍स के दौरान कमरे की रौनक बढ़ाने के लिये बांस की चादरों का इस्‍तेमाल करें। यह सिल्की बैम्बू फेब्रिक के साथ बनाई जाती है और इसमें किसी भी तरह नुकसानदायक कैमिकल नहीं होते।

    बांस की चादरों का इस्‍तेमाल
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    कंडोम

    बाजार में आजकल विभिन्‍न प्रकार के कंडोम की भरमार है। लेकिन यह उपयोग के बाद पूरी तरह से नष्‍ट न होने के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके विपरीत अगर आप शीपस्किन कंडोम का इस्तेमाल करते हैं तो यह बेहतर है, क्योंकि यह बायोडिग्रेडबल होता है।

    कंडोम
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    तोहफे में फूल दें

    अगर आप अपने पार्टनर को तोहफा देना चाहते हैं तो फूलों से बेहतर कोई उपहार हो ही नहीं सकता है। इसके लिए लोकल फूल बेहतर होते है। क्योंकि, ये फूल ज्यादा स्वच्छ होते हैं और खतरनाक और जीवाश्म वाले खाद की मदद से तैयार नहीं किए जाते हैं।

    तोहफे में फूल दें
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    ऑर्गेनिक वाइन

    इको सेक्‍स का मजा लेने के लिए वाइन अच्‍छा उपाय है। लेकिन ऑर्गेनिक वाइन को पहली पसंद बनाये। क्योंकि ऑर्गेनिक वाइन हमेशा विकसित अंगूरों से ही बनती है जिसमें किसी भी प्रकार के केमिकल इस्‍तेमाल नहीं किया जाता है।

    ऑर्गेनिक वाइन
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    सेक्स ट्वॉय

    आजकल कंपनियां भी इस ओर ज्यादा ध्यान दें रही है इसीलिये सेक्स ट्वॉय इंडस्ट्री ने अब ऐसे मैटेरियल से वाइब्रेटर बनाने शुरू किए हैं, जिनमें लेटेक्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होते और पर्यावरण के अनुकूल भी हैं।

    सेक्स ट्वॉय
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