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अपेंडिक्‍स के बारे में जानें जरूरी तथ्‍य

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Dec 12, 2014
अपेंडिक्स आंत का एक टुकड़ा होता है। इसे डॉक्टरी भाषा में एपिन्डिसाइटिस भी कहते हैं। मरीज के लिए ही नहीं डॉक्टरों के लिए भी एक समस्या है क्‍योंकि यह सुनिश्चित करना कठिन होता है कि दर्द अपेंडिक्स का है भी या नहीं।
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    अपेंडिक्‍स का दर्द

    अपेंडिक्स आंत का एक टुकड़ा होता है। इसे चिकित्‍सीय भाषा में एपिन्डिसाइटिस भी कहते हैं। मरीज के लिए ही नहीं डॉक्टरों के लिए भी एक समस्या है क्योंकि इसका इलाज इतना आसान नहीं। और तो और इसमें यह सुनिश्चित करना भी कठिन होता है कि दर्द अपेंडिक्स का है भी या नहीं।
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    अपेंडिक्‍स का दर्द
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    क्‍या है अपेंडिक्‍स

    अपेंडिक्स छोटी और बड़ी आंतों के बीच की कड़ी है, जो शहतूत के आकार की होती है। यह आंतों से बाहर की ओर निकली रहती है। पहले इसकी उपयोगियता या अनुपयोगियता के बारे में जानकारी नहीं थी। अक्सर चिकित्सक पेट दर्द होने पर अपेंडिक्स को हटा देने में ही भलाई समझते थे, इससे मरीजो को कोई समस्या नहीं आती है। फिर भी पूरी तरह परीक्षण किए बगैर मामूली से या अन्य किसी कारण से होने वाले पेटदर्द के निदान के लिए इस अवशेषी अंग को निकाल फेंकना गलत है।
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    क्‍या है अपेंडिक्‍स
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    शरीर के लिए जरूरी होता है अपेंडिक्‍स

    चिकित्सकों ने अपेंडिक्स पर शोध के बाद पाया कि एक स्वस्थ्य शरीर के लिए अपेंडिक्‍स का होना जरूरी है। इसमें मनुष्य के पाचन प्रणाली के लिए अच्छे बैक्टेरिया को जमा करके रखने वाली थैली होती है। जब हमारे शरीर के बैक्टेरिया में लम्‍बे समय से रोगों के कारण कमी हो जाती है तो अपेंडिक्स का काम पाचन प्रणाली को सुदृढ़ रखना होता है।
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    शरीर के लिए जरूरी होता है अपेंडिक्‍स
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    अपेंडिक्‍स के कारण

    अपेंडिक्‍स के कारणों में लम्बे समय तक कब्ज का रहना, पेट में पलने वाला परजीवी व आंतों के रोग इत्यादि से अपेंडिक्स की नाली में रुकावट आ जाती है। ऐसे भोजन का सेवन करना जिसमें फाइबर बहुत ही कम या बिल्कुल न हो, भी इस समस्या को निमंत्रण दे सकता है। जब यह अपेंडिक्स में लगातार रुकावट की स्थिति बनी रहे तो सूजन और संक्रमण के बाद यह फटने की स्थिति में हो जाती है। फटने पर यह पेट और रक्‍त में संक्रमण फैला सकता है। फिर तो यह बहुत ही भयावह हो सकता है।
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    अपेंडिक्‍स के कारण
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    अपेंडिक्स के लक्षण

    दो वर्ष से कम आयु के बच्चों में यह अपेंडिक्स बहुत कम होता है, मगर इसके बाद पच्चीस वर्ष तक की आयु के किसी भी स्त्री या पुरुष को यह हो सकता है, इसका प्रमाण अधेड़ और वृद्धों में काफी कम पाया जाता है। इसके लक्षणों में नाभि के आसपास तेज दर्द, जी मचलाना, उल्‍टी आना, भूख कम लगना, जीभ के ऊपर सफेद आवरण का होना, हल्‍का बुखार, गैस पारित करने में असमर्थता आदि लक्षण शामिल है।
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    अपेंडिक्स के लक्षण
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    अपेंडिक्स के लक्षणों में दवाओं से परहेज

    यदि आपको अपेंडिक्स के लक्षण है, तो कब्ज से राहत के लिए एनीमा या जुलाब: कि दवाईयां नही लेनी चाहिये क्योंकि इससे अपेंडिक्स के फटने कि संभावना में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, दर्द निवारक दवाईयां अपने चिकित्सक से बिना पूछे लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इनसे अपेंडिक्स के लक्षण छिप सकते है, और निदान करना कठिन हो जाता है।
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    अपेंडिक्स के लक्षणों में दवाओं से परहेज
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    अपेंडिक्स का निदान

    चूंकि हमारे पेट में कई अंग होते हैं, इन अंगों की अनेक बीमारियों में पेटदर्द, बुखार, उल्टी आदि लक्षण समान ही होते हैं। साथ ही पेट के अनेक अंगों व दूसरे रोगों के भौतिक परीक्षण और पूर्व इतिहास भी मिलते-जुलते होते हैं इसलिए अपेंडिक्स को सुनिश्चित करने तथा इसके अंतिम निदान की समस्या प्रायः बनी ही रहती है। फिर भी पूरी तरह परीक्षण किए बगैर मामूली से या अन्य किसी कारण से होने वाले पेटदर्द के निदान के लिए इस अवशेषी अंग को निकाल फेंकना गलत है।
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    अपेंडिक्स का निदान
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    अपेंडिक्स में डाक्‍टर से संपर्क

    अपेंडिक्स एक आपातकालीन रोग है, और इसपर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। इसलिए आपको या आपके परिवार के किसी सदस्‍यों में अपेंडिक्‍स के लक्षण दिखने पर फटने के खतरे से बचने के लिये, अपने चिकित्‍सक से तुरंत संपर्क करें।
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    अपेंडिक्स में डाक्‍टर से संपर्क
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    अपेंडिक्स का उपचार

    यह दर्द पेट के दाएं भाग में नीचे की तरफ होता है। इस स्थान पर छूने से रोगी को तीव्र दर्द होता है। यहां तक की दायां पैर आगे बढ़ाने तक से रोगी का दर्द बढ़ सकता है। ऐसे में रोगी की नब्ज तेज चलने लगती है और उसे तेज बुखार भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में अगर उचित उपचार न मिले तो पेट के दाएं भाग में गोला बन सकता है अथवा अपेंडिक्स फट भी सकता है। पेट में बना हुआ गोला तो तीन-चार सप्ताह से सामान्य हो जाता है परन्तु अपेंडिक्स फटने से पेट की झिल्ली भी संक्रमित हो जाती है, जो कि एक गंभीर स्थिति है।
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    अपेंडिक्स का उपचार
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    अपेंडिक्स की चिकित्‍सा

    अपेंडिक्‍स की चिकित्‍सा के दौरान चिकित्‍सक आपके चिकित्सा इतिहास, विशेष रूप से किसी भी तरह की पाचन बीमारियों की समीक्षा करेंगे। साथ ही आपके वर्तमान पाचन के लक्षणों के बारे में पूछेंगे। आपके डॉक्टर आपके पेट के निचले दाहिने भाग में दर्द की जांच करेंगे। और बच्चों की जांच करते समय चिकित्सक देखते है कि क्या बच्चे दर्द वाली जगह पूछने पर नाभि पर हाथ रखते है। शारीरिक परीक्षण के बाद, आपके चिकित्सक रक्त परीक्षण करके संक्रमण के लक्षण और मूत्रपरिक्षण करके मूत्र पथ के कार्य में समस्या की जांच करेंगें। आपके डॉक्टर निदान की पुष्टि में मदद करने के लिए अल्ट्रासाउंड या अभिकलन टोमोग्राफी (सीटी) परिक्षण करने के लिए भी कह सकते है।
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    अपेंडिक्स की चिकित्‍सा
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