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खुद से बनायें चिंता से बचने के तरीके

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Sep 20, 2014
व्यर्थ की चिंता आगे चलकर एक बीमारी का रूप ले लेती है, जो लोग चिंता से दूर रहते हैं वे कठिन से कठिन परिस्थिति में भी संभावना ढूंढ ही लेते हैं, बस खुद से चिंता से बचने के तरीके बनाने पड़ते हैं।
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    खुद से करें चिंता को दूर

    पूर्णरूप से तनाव मुक्त जीवन एक कल्पना ही है, फिर भी प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए इसका होना काफी हद तक जरूरी भी है। लेकिन जब तनाव एक सीमा से पार हो जाता है, तो चिंता बहुत ज्यादा हो जाती है और इसका दुष्प्रभाव शरीर पर भी पड़ता है। चिंता होना स्वभाविक है, लेकिन व्यर्थ की चिंता आगे चलकर एक बीमारी का रूप ले लेती है। हालांकि ये सब हमारे सोचने के तरीके और मन की उपज होती है, और इससे खुद ही बाहर आया जा सकता है। और जीवन को सरल और आसान बनाया जा सकता है। तो चलिये जानें खुद से चिंता से बचने के तरीके कैसे बनाएं।    
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    खुद से करें चिंता को दूर
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    आकलन करना सीखें

    आपकी उपस्थिति वातावरण को जैसे प्रभावित करती है, आप भी आंकलन कर उस प्रकार से चीजों को व्यवस्थित कर लें, क्योंकि हम अपने भीतर को ही बाहर विस्तारित और काफी हद तक प्रदर्शित भी करते हैं। हमारे भीतर की हलचल या हमारे भीतर का स्थिर रहना बाहर को बेहद प्रभावित करता है।
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    आकलन करना सीखें
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    शारीरिक शांति

    खुद के शरीर का सम्मान करें। उस पर तत्कालिक बुरी आदतें को न थोपें। उसकी सेहत का पूरा खयाल रखें। पवित्रता और नियम बनाए रखने से शरीर शांत रहता है। बेहतर खाएं और बेहतर सोचें। तन स्वस्थ रहेगा तो मन को भी सकारात्मकता मिलेगी।
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    शारीरिक शांति
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    मन की शांति

    मन को शांत रखने के लिए प्राणायाम और ध्यान का नियमित अभ्यास करने से बेहद लाभ होता है। इससे मन के भीतर चल रही अशांत करने वाली उठा-पटक दूर होती है। मन की अशांति के कारण शरीर की सेहत भी खराब होती है।
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    मन की शांति
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    थोड़े अनुशाषित बनें

    काम को टालने की आदत से बचें, आगे के कामों की एक अग्रिम सूची बना लें, और फिर सूची के अनुसार कार्य करें। हां, अपने पास उतना ही काम लें, जितना कि आप आराम से और पूरी गुणवत्ता के साथ कर पाएं। समय का प्रबंधन सही से करें, क्योंकि समय अमूल्य है, इसका उपयोग ध्यानपूर्वक करें।
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    थोड़े अनुशाषित बनें
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    खुल कर जीना सीखें

    शोध से पता चलता है कि पालतू पशु के साथ समय बिताने या मछलियों को टैंक में देखने से मन को शांति होता है। इसके अलावा कुछ मनपसंद गतिविधि जैसे-बागवानी, घूमना, मनपसंद खेल, टीवी देखना, संगीत, समाचार, पत्र-पत्रिका वाचन, लेखन आदि शौक पूरे करें। कुछ समय बाहर बिताएं, छोटी-छोटी अच्छी बातों पर गौर करें, आपको महसूस होगा कि जिंदगी में खुश होने और जीने लायक कितना कुछ है।
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    खुल कर जीना सीखें
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    नियमित व्यायाम

    नियमित व्यायाम करें, व्यायाम अवसाद और चिंता को दूर करने का अच्छा तरीका है। इससे न केवल एक अच्छी सेहत मिलती है बल्कि शरीर में सकारात्मक उर्जा का संचार होता है। व्यायाम करने से शरीर में सेरोटोनिन और टेस्टोस्टेरोन हारमोंस का स्राव होता है जिससे मन स्थिर बनता है। जरूरी नहीं की आप कमर तोड़ व्यायाम ही करें, थोड़ी बहुत एक्सरसाइज भी काफी होती है।  
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    नियमित व्यायाम
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    संभावनाओं की तलाश

    जो लोग चिंता से दूर रहते हैं वे कठिन से कठिन परिस्थिति में भी संभावना ढूंढ ही लेते हैं। जबकि चिंता से घिर जाने वाले सिर्फ नकारात्मक स्थिति में ही घिरे रहते हैं। जिस कारण आशंकित होकर उस स्थिति में श्रेष्ठ प्रयास की योग्यता भी वे खो देते हैं। तो बेहतर होगा कि नई संभावनाओं की तलाश करते हुए चिंतित स्वभाव को एक तरफ रख सकारात्मक जियें।
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    संभावनाओं की तलाश
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    अच्छे और सकारात्मक दोस्त बनायें

    अच्छे और सकारात्मक दोस्त न सिर्फ आपको आवश्यक सहानुभूति देते हैं, बल्कि तिंता के समय आपको सही निजी सलाह भी दे पाते हैं। इसके अलावा, जरूरत के समय एक अच्छा श्रोता साथ होना नकारात्मकता और संदेह को दूर करने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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    अच्छे और सकारात्मक दोस्त बनायें
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