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सात कारण जो आपकी माहवारी को बनाते हैं पीड़ादायी

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 13, 2014
माहवारी ऐंठन, सूजन और चिड़चिड़ापन जैसे आम समस्‍याओं की हिस्सेदारी के साथ आती है। अगर आपके मासिक धर्म में दर्द अधिक होता है, तो चिकित्‍सक से परामर्श करना चाहिए क्‍योंकि मासिक धर्म में होने वाला दर्द किसी गंभीर समस्‍या का संकेत हो सकता है।
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    क्‍या आपकी माहवारी का समय पीड़ादायी है?

    माहवारी या मासिक धर्म के दौरान आपको ऐंठन, सूजन और चिड़चिड़ापन जैसी समस्‍यायें होती हैं। इनमें कोई हैरानी की बात नहीं यह सब पूरी तरह सामान्‍य माना जाता है। लेकिन, इन समस्‍याओं के लक्षण अगर गंभीर हो जाएं तो आपको सोचने की जरूरत होती है। अगर आपके मासिक धर्म में दर्द गंभीर समस्‍या का संकेत हो सकता है और इन हालात में आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिये।image courtesy : getty images

    क्‍या आपकी माहवारी का समय पीड़ादायी है?
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    एंडोमेट्रिओसिस

    एंडोमेट्रिओसिस वह स्थिति होती है जब गर्भाशय का अस्‍तर (एंडोमेट्रियम) गर्भाशय के बाहर आकर श्रोणि क्षेत्र की अन्‍य संचरनाओं को प्रभावित करता है। इसके सा‍थ ही यह अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, मूत्राशय, पेल्विक फ्लोर आदि तक भी फैल जाता है। कई गंभीर मामलों में यह आंत्र, डायाफ्राम, लीवर, फेफड़े, और यहां तक ​​कि मस्तिष्क को भी प्रभावित करता है। हालांकि एंडोमेट्रिओसिस के कारण माहवारी में दर्द के कारण का पता अभी नहीं चला है, लेकिन माना जाता है कि यह एंडोमेट्रिओसिस के आकार और प्रकार के कारण पर निर्भर करता है। जब एंडोमेट्रियम अपनी जगह से हिल जाता है तो इससे तेज सूजन, भीतरी रक्‍तस्राव, अल्‍सर और अन्‍य कई समस्‍यायें हो सकती हैं। इन सब कारणों से श्रोणि क्षेत्र में तेज दर्द होता है। image courtesy : 1.bp.blogspot.com

    एंडोमेट्रिओसिस
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    एडेनोमायोसिस

    एडेनोमायोसिस भी एंडोमेट्रिओसिस की तरह गर्भाशय के बाहर पट्टी पर होता है। लेकिन यह गर्भाशय मांसपेशियों के भीतर गहरे तक प्रभावित करता है। अगर किसी महिला को एडेनोमायोसिस है, तो उसका गर्भाशय एक चोटिल मांसपेशी की तरह कार्य करता है। इस परिस्थिति में महिला को दर्द के साथ ऐंठन होती है साथ ही उसे संभोग के दौरान भी भीषण दर्द होता है। यह दर्द एक या दो दिन तक परेशान करता है। एडेनोमायोसिस आमतौर पर 30 वर्ष की आयु से ऊपर की मांओं को प्रभावित करता है। हालांकि किशोरियों में भी यह समस्‍या देखने को मिलती है।
    image courtesy : getty images

    एडेनोमायोसिस
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    यूटरिन फाइब्रॉएड

    75 फीसदी महिलाओं को गर्भाशय या यू‍टरिन फाइब्रॉएड हो सकता है। हालांकि ज्‍यादातर में कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। फाइब्रॉएड किसी भी आकार का हो सकता है। यह बेहद सूक्ष्‍म और काफी बड़ा भी हो सकता है। यह खून के बहाव को बढ़ाने के साथ मासिक धर्म में दर्द की गंभीरता को बढ़ा सकता है। इसमें गर्भाशय अधिक मात्रा में रक्त के थक्के को निष्कासित करता है जिससे दर्द होने लगता है। इससे रक्‍तस्राव भी बढ़ जाता है।
    image courtesy : www.medindia.net

    यूटरिन फाइब्रॉएड
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    कॉपर आईयूडी

    कॉपर आईयूडी का उपयोग गर्भनिरोधक के रूप में किया जाता है। इसका उपयोग करने के बाद दस वर्ष तक अनचाहे गर्भ से बचा जा सकता है। अंग्रेजी अक्षर 'टी' के आकार का प्‍लास्टिक से बना यह उपकरण बेहद कारगर होता है। यह शुक्राणु को गतिहीन और अंडे को आरोपण से बचाता है। लेकिन इससे आपके मासिक धर्म में बहुत अधिक रक्तस्राव और दर्द हो सकता है, विशेष रूप से प्रविष्टि के बाद पहले कुछ चक्रों में। image courtesy : shs.osu.edu

    कॉपर आईयूडी
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    श्रोणि सूजन बीमारी (पीआईडी)

    श्रोणि सूजन बीमारी का सबसे प्रमुख कारण अनुपचारित यौन संचारित संक्रमण है। इस रोग में महिला के प्रजनन पथ में संक्रमण हो जाता है। इलाज के अभाव में यह सूजन, जख्म, दर्दनाक मासिक धर्म और बांझपन का कारण बन सकती है। मासिक धर्म के दौरान, हार्मोन गर्भाशय, स्‍कॉर टिश्‍यु और आस-पास की संरचनाओं को प्रभावित करता हैं- जो खून के बहाव, दर्द और सूजन को बढ़ा सकता है। image courtesy : getty images

    श्रोणि सूजन बीमारी (पीआईडी)
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    गर्भाशय दोष

    महिला भ्रूण जब मां के गर्भ में होता है तब उसका विकास दो संरचनाओं मुल्लेरियन नलिकाओं द्वारा विकसित किया जाता है। और अगर गर्भाशय सही ढंग से फार्म नहीं होता है, तो यह बांझपन, दर्दनाक मासिक धर्म, और दर्दनाक संभोग का कारण बन सकता है। image courtesy : upload.wikimedia.org

    गर्भाशय दोष
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    प्राइमरी डिस्‍मेर्नोरहोइआ

    एक संरचनात्मक दोष के रूप में जाना जाने वाला प्राइमरी डिस्‍मेर्नोरहोइआ, कुछ महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान असहनीय ऐंठन का कारण बनता है। 'अमेरिकन कॉलेज ऑफ आब्स्टिट्रिशन और गाइनाकोलॉजिस्ट' का कहना है कि प्रास्टाग्लैंडिनों हार्मोंस, जैसे फैटी एसिड के स्‍तर में बढ़ोत्‍तरी अथवा असंतुलन के कारण गर्भाशय में इस प्रकार की ऐंठन उत्‍पन्‍न होती है। image courtesy : getty images

    प्राइमरी डिस्‍मेर्नोरहोइआ
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