इन 7 तरह के दर्द को न करें नजरअंदाज

By:Nachiketa Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:May 16, 2015

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शायद ही कोई ऐसा हो जिसने दर्द का एहसान न किया हो या उसे दर्द न हुआ हो, लेकिन दर्द को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, इसलिए दर्द के इन प्रकारों को कभी भी नजरअंदाज न करें।
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    क्‍यों होता है दर्द

    शायद ही कोई ऐसा हो जिसे दर्द का एहसास न हो, सभी कभी न कभी सामान्‍य और खतरनाक तरह के दर्द से गुजर चुके हैं। दरअसल शरीर में नसें बिजली की तारों की तरह आपस में जुड़ी होती हैं, जो किसी भी हिस्से में दर्द या फिर चोट का संदेश दिमाग तक तुरंत पहुंचाती हैं। इन नसों के क्षतिग्रस्त होने, रक्त का संचरण बाधित होने या फिर नस के फटने के कारण दर्द होता है। लेकिन इनको नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, इसलिए ऐसे दर्द को कभी भी नजरअंदाज न करें।
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    सामान्‍य नहीं सिरदर्द

    हम सभी यही जानते हैं कि सिरदर्द दुनिया की सबसे आम बीमारी है। हालांकि इसके लिए जिम्‍मेदार प्रमुख कारकों का पता नहीं चल पाया है लेकिन तनाव, अवसाद, एल्कोहल का अधिक सेवन, कब्ज, थकान, शोरगुल या तंत्रिका तंत्र की गड़बड़ी, ब्रेन ट्यूमर आदि के कारण सिरदर्द हो सकता है। यह पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अधिक होती है। दूसरा सबसे ज्यादा मिलने वाला सिरदर्द माइग्रेन है। इसे बिलकुल भी नजरअंदाज न करें, क्‍योंकि बाद में यह और भी घातक बन सकता है।
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    दिल में दर्द

    दिल में दर्द होना सामान्‍य नहीं है और अगर यह दिल की धमनियों में दर्द हो रहा है तो इसे बिलकुल भी नजरअंदाज न करें। दिल की धमनियों के दर्द को पेरिफेरल वैस्कुलर डिजीज (पीवीडी) कहा जाता है। हृदय से जुड़ने वाले शरीर के आंतरिक अंग और मस्तिष्क को खून पहुंचाने वाली धमनियों में खून का संचरण बाधित होने से दर्द होता है। इससे हृदयघात हो सकता है।
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    साइकोजेनिक पेन

    इस तरह के दर्द की उत्पत्ति ऊतकों के नष्ट होने या तंत्रिकाओं के क्षतिग्रस्त होने पर होती है, पर इसके कारण जो दर्द होता है, वह भय, अवसाद, तनाव या उत्तेजना के कारण और अधिक बढ़ जाता है। कुछ मानसिक रोगों में लोग ठीक तरह से नहीं खाते और पूरी नींद नहीं ले पाते, जिससे विभिन्न हिस्सों में दर्द होता है। ऐसे में इसको नजरअंदाज करना ठीक नहीं।
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    टेल बोन पेन

    बैक पेन होना एक सामान्‍य समस्‍या देखी जाती है, लेकिन अगर टेल बोन पेन हो रहा है तो यह घातक है। गर्दन से कूल्हे को जोड़ने वाले मेरूदंड के निचले हिस्से में जो दर्द होता है उसे टेल बोन पेन कहते हैं। शारीरिक रूप से कमजोर लोगों में दर्द की यह समस्‍या अधिक होती है। एक ही जगह बैठे रहने से यह दर्द अधिक होता है। इसके लिए आनुवांशिक कारण भी जिम्‍मेदार हो सकते हैं।
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    जोड़ों का दर्द

    पूरा शरीर कई जोड़ों से जुड़ा है, लेकिन अगर इन जोड़ों में दर्द हो रहा है तो कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ी जरूर है। जोड़ों का दर्द बोन फ्लड या मेम्ब्रेन में बदलाव आने, चोट लगने या शरीर के अंदर किसी बीमारी के पनपने से हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों के बीच के कार्टिलेज कुशन को लचीला और चिकना बनाए रखने वाला लुब्रीकेंट कम होने लगता है। लिगामेंट्स भी क्षतिग्रस्त होते हैं, जिससे जोड़ अकड़ जाते हैं। इसका उपचार तुरंत करायें।
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    कमर दर्द


    वर्तमान लाइफस्‍टाइल में बैकपेन यानी कमरदर्द की समस्‍या एक आम समस्‍या मानी जा रही है। रीढ़ की हड्डी में 32 वर्टिब्रे होती हैं, जिनमें से 22 गति करती हैं, जब इनकी गति ठीक नहीं होती तो कई समस्याएं होने लगती हैं। रीढ़ की हड्डी के अलावा हमारी कमर की बनावट में कार्टिलेज (डिस्क), जोड़, मांसपेशियां, लिगामेंट आदि शामिल होते हैं। इसमें किसी के भी समस्‍याग्रस्‍त होने से कमर दर्द हो सकता है। इससे खड़े होने, झुकने, मुड़ने में बहुत तकलीफ होती है।
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    यूरीनेशन में दर्द


    यूरीन के जरिये हमारे शरीर के विषाक्‍त पदार्थ बाहर निकलते हैं। लेकिन जब भी यूरीन के दौरान दर्द होने लगे तो समझिये ब्‍लैडर में किसी तरह की समस्‍या है। दर्द के साथ यूरीन होना ब्‍लैडर कैंसर की तरफ इशारा करता है। ऐसे में चिकित्‍सक से मिलकर इसका उपचार करना ही बेहतर है।
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