अल्‍जाइमर का खतरा कम करती हैं ये 7 स्‍वस्‍थ आदतें

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Jun 19, 2014

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अल्‍जाइमर डिमेंशिया के कारण होता है इसमें व्यक्ति की याददाश्त में कमी आने लगती है, जिससे रोगी धीरे-धीरे सब कुछ भूलने लगता है। उसका स्‍वभाव बदलने लगता है यहां तक कि वह तर्क या संवाद करने में भी असमर्थ हो जाता है।
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    अल्जाइमर से नुकसान

    अल्‍जाइमर से पीड़ि‍त की सबसे कठिन हिस्‍सा वह है जब वह अपने साथ सारा जीवन बिताने वाले लोगां को भी भूल जाता है। अल्‍जाइमर डिमेंशिया के कारण होता है इसमें व्यक्ति की याददाश्त में कमी आने लगती है, जिससे रोगी धीरे-धीरे सब कुछ भूलने लगता है। उसका स्‍वभाव बदलने लगता है यहां तक कि वह तर्क या संवाद करने में भी असमर्थ हो जाता है। कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्‍याओं की तरह, जीवन शैली में बदलाव और कुछ स्वस्थ आदतों का पालन अल्जाइमर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता हैं। यहां पर कुछ स्‍वस्‍थ सुझाव दिये गये है जो इस रोग से पीड़ित होने का खतरा कम कर सकते हैं। image courtesy : getty images

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    स्वस्थ मिडलाइफ

    अल्जाइमर के खतरे को कम करने के लिए आपकी मिडलाइफ जीने का तरीका सबसे ज्‍यादा मायने रखता है। अगर आप अपने जिंदगी के प्रौढ़ावस्‍था में स्‍वस्‍थ खान-पान लेगें और खुद को फिट रखेंगे तो आपके डिमेंशिया के विकसित होने का जोखिम नाटकीय रूप से कम हो जाता है।


    इसे भी पढ़ें : प्राकृतिक तरीकों से करें अल्‍जाइमर का उपचार

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    नई-नई चीजें सीखना

    कई शोधों ने यह साबित किया है कि मस्तिष्‍क भी मांसपेशियों के समान ही कार्य करता है। जितना ज्‍याद आप इसका इस्‍तेमाल करेंगे, उतना ही यह शक्तिशाली होगा। मानसिक व्‍यायाम नई मस्तिष्‍क कोशिकाओं के निर्माण में मददकर मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को दुरुस्‍त रखता है। नई जटिल चीजें जैसे नई भाषा या चुनौतीपूर्ण खेल व्‍यक्ति में डिमेंशिया के खतरे को जबर्दस्त रूप से विलंब कर सकता है। image courtesy : getty images

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    दिमाग को उत्तेजित करने के साथ आराम देना

    जब आप 8 घंटे से अधिक या 6 घंटे से कम सोने, मस्तिष्‍क की गतिविधियां जैसे पढ़ने से दूर रहने से डिमेंशिया के विकसित होने का अधिक खतरा होता है। इसलिए इस समस्‍या से बचने के लिए भरपूर नींद लें और सोने से पहले पढ़ने की आदत को अपने अंदर विकसित करें। यह आपको अल्‍जामइर से दूर रखेंगा।

    इसे भी पढ़ें : अल्‍जाइमर के कारणों को भी जानें

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    हिप्पोकैंपस को स्वस्थ रखें

    हिप्पोकैंपस एक जटिल तंत्रिका संरचना है जिसका आकार समुद्र के घोड़े की तरह होता है। आपकी उम्र में आपके मस्तिष्‍क का आकार सिकुड़ता है और इस प्रक्रिया में मस्तिष्क के सबसे कमजोर हिस्से हिप्पोकैम्पस पर असर पड़ता है। जब अल्जाइमर का हमला होता है तो मस्तिष्‍क का यह भाग सबसे अधिक प्रभावित होता है। इसलिए, इसे स्वस्थ रखने और बीमारी से बचाने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। image courtesy : getty images

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    मस्तिष्क पंप करने के लिए एक्‍सरसाइज करें

    वजन और प्रतिरोध प्रशिक्षण अभ्‍यास, आपको शार‍ीरिक रूप से फिट रखने के अलावा, आपके मस्तिष्‍क को भी स्‍वस्‍थ रखते हैं। हर हफ्ते 2-3 शक्ति प्रशिक्षण सत्र करने से अल्जाइमर के खतरे को आधा किया जा सकता हैं। image courtesy : getty images

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    ट्रांस और संतृप्त वसा बचें

    कई अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य विकारों की तरह, ट्रांस और संतृप्त वसा आपको अल्‍जाइमर के खतरे में भी डाल सकता है। इसलिए अपने दैनिक आहार में ट्रांस और संतृप्त वसा को शामिल न करें। image courtesy : getty images

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    तनाव से बचें

    तनाव उपायों और मरम्मत से दूर आपके शरीर को नुकसान पहुंचाकर स्मृति हानि के जोखिम में डालता हैं। जब भी आप स्‍वयं को तनावपूर्ण स्थिति में पाये तो तनाव से बचने के लिए मस्तिष्क को ऑक्सीजन का स्वस्थ प्रवाह दें, स्‍वयं को मुक्त करें और गहरी सांस लेना शुरू करें। image courtesy : getty images

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