इन 7 प्रभावी घरेलू नुस्‍खों से करें सर्वाइकल स्‍पॉडिलोसिस का उपचार

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Apr 14, 2015

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

सर्वाइकल स्‍पॉडिलोसिस गर्दन के हिस्‍से में स्थित जोड़ों को प्रभावित करता है, इसके कारण गर्दन के आसपास हमेशा दर्द बना रहता है, कुछ घरेलू उपचार को अपनाकर इससे आसानी से निजात मिल सकता है।
  • 1

    सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस

    सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस ऐसी समस्‍या है जो गर्दन के हिस्‍से में स्थित जोड़ों को प्रभावित करती है। आमतौर पर यह समस्‍या उम्र से संबंधित होती है और सर्वाइकल स्‍पाइन की हड्डियों और कार्टिलेज के समय के साथ कमजोर होने के कारण विकसित होती हैं। हालांकि अन्‍य कई कारक जैसे गर्दन दर्द किसी पुरानी चोट या स्वास्‍थ्‍य संबंधी जटिलताओं जैसे लंबे समय तक डेस्क का काम, उठने-बैठने, सोने की गलत स्थिति या कठोर तकिए का इस्तेमाल और हड्डियों का अपने स्थान से खिसक जाना, ट्यूमर या मांसपेशियों में मोच, गर्दन के स्पाइन में अर्थराइटिस, भारी वस्तु्ओं को उठाने का काम आदि से भी यह समस्‍या बढ़ सकती हैं। अगर आप भी सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के दर्द से परेशान हैं तो यहां दिये कुछ घरेलू उपाय आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 2

    ठंडी या गर्म सिकाई

    सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की समस्‍या से पीड़ि‍त व्‍यक्ति गर्दन के आस-पास की मांसपेशियों में दर्द, कठोर और दर्दनाक महसूस करता है। लेकिन कोल्‍ड और हीट पैड का इस्‍तेमाल कर वह सूजन को कम, मांसपेशियों को आराम और दर्द से कुछ राहत प्राप्‍त कर सकता है।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 3

    गाय का घी है फायदेमंद

    आयुर्वेद के अनुसार, गाय के घी में जोड़ों को लुब्रिकेट करने के गुण होते हैं। इसके अलावा, यह सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लिए जिम्मेदार वात तत्‍व को शांत करने के लिए भी जाना जाता है। साथ ही कब्‍ज इस समस्‍या को बढ़ाने वाले कारकों में से एक माना जाता है और गाय का घी नियमित रूप से मुलायम दस्‍त पारित करने में मदद करता है। इसलिए गाय का घी सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लिए सबसे अच्‍छे घरेलू उपचारों में से एक माना जाता है।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 4

    कुछ खाद्य पदार्थों से बचें

    आयुर्वेद के अनुसार, नमकीन या खट्टे, तेल में डीप फ्राई, दालें, सूजी और मैदे जैसे खाद्य पदार्थों के सेवन से सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस से पीड़ि‍त व्‍यक्ति को बचना चाहिए क्‍योंकि इसके सेवन से वात दोष बढ़ जाता है। इसकी बजाय अपने आहार में गेहूं, नीम के फूल, करेला, ड्रम स्टिक को शामिल करें। और दर्द के लक्षणों से राहत पाने के लिए और कब्‍ज की समस्‍या से बचने के लिए नियमित रूप से पानी और फाइबर का सेवन बढ़ायें।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 5

    जड़ी-बूटियों का प्रयोग

    जड़ी-बूटी जैसे हल्‍दी, अदरक, मेथी, अश्‍वगंधा और गुग्‍गुल को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। इन जड़ी-बूटियों में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुणों के कारण यह सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के दर्द को कम करने में मददगार साबित होते हैं। लेकिन इस बात को ध्‍यान में रखें कि कुछ जड़ी-बूटी जैसे मेथी, अदरक, हल्‍दी जैसी जड़ी-बूटी को अपने दैनिक आहार का हिस्‍सा बनाया जा सकता है लेकिन गुग्‍गुल और अश्‍वगंधा को विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 6

    योगासन

    कुछ योग मुद्राएं जैसे लोट्स पोज (पद्मासन), स्टिक पोज (यष्टिकासन), पाम ट्री पोज (ताड़ासन) सर्वाइकल स्‍पोंडिलोसिस के दर्द को कम करने में बहुत मददगार होती हैं। इसलिए सर्वाइकल स्‍पोंडिलोसिस के दर्द और गर्दन के तनाव को कम करने के लिए इसे नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 7

    मालिश करें

    आमतौर पर जोड़ों और मांसपेशियों में राहत पाने के लिए दर्द वाले स्‍थान पर औषधीय तेलों से मालिश करने से सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिलती है। हालांकि सर्वाइकल स्‍पोंडिलोसिस में कुछ प्रकार की मालिश से बचना चाहिए क्‍योंकि दबाव से कई बार समस्‍या सुलझने की बजाय बढ़ जाती है। इसलिए मालिश करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्‍य लें।
    Image Courtesy : Getty Images

  • 8

    अन्‍य उपाय भी हैं कारगर

    इसके अलावा कुछ गर्दन की एक्‍सरसाइज की मदद से भी आप सर्वाइकल स्‍पोंडिलोसिस की समस्‍या को कम कर सकते हैं। साथ ही सोते, बैठते, और पढ़ते समय आरामदायक मुद्रा को बनाये रखना और ठंडी हवा से बचने के लिए गर्दन के चारों ओर ऊनी स्‍कार्फ का उपयोग करने से भी सर्वाइकल स्‍पोंडिलोसिस में होने वाली परेशानी को कम करने में मदद मिलती है।
    Image Courtesy : Getty Images

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर