हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

चुपके से आती हैं ये सात बीमारियां

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 12, 2014
शीघ्र निदान प्रभावी उपचार के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए आपको मूक बीमारियों को रोकने और पकड़ने के लिए नियमित रूप से अपनी चिकित्सा जांच करवानी चाहिए।
  • 1

    साइलेंट बीमारी

    प्रारंभिक दौर में लक्षणों के अभाव के कारण कुछ बीमारियां बहुत खतरनाक हो सकती है। चेतावनी संकेत या गैर विशिष्ट लक्षणों के अभाव के कारण इस बीमारी का पता लगाना बहुत मुश्किल होता हैं। शीघ्र निदान प्रभावी उपचार के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए आपको इन मूक बीमारियों को रोकने और पकड़ने के लिए नियमित रूप से अपनी चिकित्सा जांच करवानी चाहिए।
    image courtesy : getty images

    साइलेंट बीमारी
  • 2

    मधुमेह

    मधुमेह को 'मूक हत्‍यारा' के रूप में भी जाना जाता है ऐसा इसलिए क्‍योंकि इसके कभी कोई लक्षण प्रकट नहीं होते हैं। ज्‍यादातर मामलों में, अस्‍पष्‍ट लक्षणों जैसे अत्यधिक प्यास, अक्सर पेशाब, और चिड़चिड़ापन के कारण इसका समय पर निदान भी नहीं होता है।  
    image courtesy : getty images

    मधुमेह
  • 3

    ऑस्टियोपोरोसिस

    ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों की एक बीमारी है। इस समस्‍या के होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और आसानी से उनमें फ्रैक्चर आ जाता है। इसका सबसे प्रमुख कारण बोन मिनरल डेन्सिटी कम होना है। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों से कैल्शियम का क्षरण होने लगता है, जिससे हड्डियां झिरझिरी हो जाती हैं और कमजोर होकर आसानी से टूटने लगती हैं। और आगे चलकर विकलांगता का कारण बन सकती है। ऑस्टियोपोरोसिस के कोई लक्षण नहीं होते है। ऑस्टियोपोरोसिस का प्रभाव सबसे ज्यादा नितंब, रीढ़ की हड्डी और कलाई की हड्डियों पर होता है।
    image courtesy : getty images

    ऑस्टियोपोरोसिस
  • 4

    ह्यूमन इम्यूनो वायरस (एचआईवी)

    ह्यूमन इम्यूनो वायरस (एचआईवी) शुरू में कोई लक्षण नहीं दर्शाता है; यह वायरस एक्वायर्ड इम्यूनो सिंड्रोम (एड्स) के कारण होता है। वायरस से संक्रमित व्‍यक्ति में कुछ फ्लू जैसे लक्षण दो से चार हफ्ते के बाद दिखाई देते हैं लेकिन अक्‍सर इन्‍हें अन्‍य बीमारियों के लक्षण मान लिया जाता है।
    image courtesy : getty images

    ह्यूमन इम्यूनो वायरस (एचआईवी)
  • 5

    अग्नाशय का कैंसर

    अग्नाशय का कैंसर, कैंसर के घातक रूपों में से एक है, उन्नत स्तर तक पहुंचने तक इसके कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते है। उन्नत चरण पर पहुंचकर पीलिया, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द और अस्पष्टीकृत तरीके से वजन का घटना जैसे लक्षण दिखाई देते है।
    image courtesy : getty images

    अग्नाशय का कैंसर
  • 6

    साइलेंट मायोकॉर्डियल इन्फार्कशन (एमआई)

    एमआई दिल के दौरे का एक और नाम है, यह दिल के हिस्‍से में रक्‍त की आपूर्ति बाधित होने पर होता है। यह बहुत अधिक साइलेंट होता है, यानी इसके कोई लक्षण नहीं होते हैं। अन्‍यथा, सीने में दर्द से लेकर सांस की तकलीफ और चक्‍कर तक अलग-अलग हो सकते हैं।
    image courtesy : getty images

    साइलेंट मायोकॉर्डियल इन्फार्कशन (एमआई)
  • 7

    डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी)

    खून की नसों में खून के थक्‍के जमा होने को थ्रोम्बोसिस कहते हैं। लेकिन अगर यह शरीर के भीतरी नसों में होता है, तो उसे डीप वेन थ्रोम्बोसिस कहते हैं। यह अकसर पैर के नसों में होता है। अगर यह जमा हुआ खून का थक्का, पैर से निकल कर फेफड़ों तक पहुंच जाये तो यह भयानक बीमारी का रूप ले सकता है, गंभीर अंग क्षति या फिर जानलेवा भी हो सकता है। केवल कुछ मामलों में दर्द, सूजन और गर्म सनसनी जैसे चेतावनी संकेत पैर में दिखते है, अन्‍यथा इसके कोई लक्षण नहीं होते हैं।    
    image courtesy : getty images

    डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी)
  • 8

    किडनी रोग

    किडनी की बीमारी के लक्षणों की पहचान प्रारंभिक अवस्‍था में होने से आने वाली समस्‍याओं से बचा जा सकता है। लेकिन समस्‍या यह है कि प्रारंभिक किडनी की बीमारी के लक्षण स्‍पष्‍ट नहीं होते और अकसर ही किडनी के बेकार हो जाने की स्थिति आ जाने के पहले तक मरीज को यह पता ही नहीं चलता कि उसे किडनी की बीमारी है। यह डायबिटीज से ग्रस्‍त लोगों में आम होता है, इसलिए ऐसे लोगों को अपने स्‍वास्‍थ्‍य प्रदाता की देखभाल में यूरीन माइक्रोएलब्युमिन परीक्षण करवाना चाहिए।
    image courtesy : getty images

    किडनी रोग
Load More
X
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर