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विकसित इंसान होने की सूचक हैं आपकी ये 5 चीजें

By:Gayatree Verma , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Nov 16, 2015
विकसित इंसान में बहुत सारे गुण होते हैं। अगर आपके अंदर ये कुछ चीजें हैं तो आप भी विकसित इंसान हैं, इनके बारे में इस स्‍लाइडशो में पढ़ें।
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    इंसान में फर्क

    इवोल्व और कॉन्शस या फिर हिंदी में कहें तो विकसित और सतर्क इंसान में बहुत सारे अंतर होते हैं। विकसित इंसान कर्मठता की श्रेणी में आता है जबकि सतर्क इंसान सतर्क रहकर अपनी जिंदगी बनाता है। कर्मठता, मतलब अपनी चाहत को पूरा करने में जी-जान लगाने वाला इंसान। वहीं सतर्क इंसान आस-पास से सतर्क रहता है और विकसित इंसान जो मौके छोड़ते हुए आगे बढ़ता है उन मौकों को लपककर अपनी जिंदगी बनाता है। ऐसे में हर कोई विकसित इंसान होने की चाहत रखता है। अगर आपमें ये 5 चीजें हैं तो आप विकसित इंसान हैं।

    इंसान में फर्क
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    आपकी चाहत

    आपको मालुम है कि आप जिंदगी से क्या चाहते हैं। आप अपनी चाहत के प्रति काफी ईमानदार हैं और उसे पाने के लिए हर वो कोशिश कर रहे हैं जो आप कर सकते हैं और आपको मालुम है कि आप अपनी ये चाहत पूरी कर के रहेंगे।

    आपकी चाहत
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    सेट है लाइफ

    आप हर दिन वही करते हैं जो आप चाहते हैं। उन लोगों के साथ रहते हैं जिनके साथ आपको अच्छा लगता है। आप उतने पैसे कमा रहे हैं जितना आप चाहते हैं। आपकी पूरी लाइफ कंट्रोल में है और आपको अपनी लाइफ सेट लगती है।

    सेट है लाइफ
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    आसान है लाइफ

    लियोनार्डो द विंची ने कहा है कि - “सादगी ही सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञता है।” और इस वाक्य का अर्थ आपको मालुम है। इस वाक्य की ही तरह आपकी लाइफ सुलझी हुई और आसान है क्योंकि आपने इसे ऐसा बनाने के लिए काफी मेहनत की है। साथ ही आपने हर उस चीज को अपने आप से दूर किया हुआ है जो आपको आपकी मंजिल तक पहुंचने से आपको डिस्ट्रैक्ट करती है।

    आसान है लाइफ
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    परफेक्ट टाइमिंग, परफेक्ट गोल

    आपने जिस भी गोल को पाने की जो भी टाइमिंग सेट की है वो आपको उसी टाइम पर मिलती है। इसे ही कहते हैं परफेक्ट टाइमिंग और परफेक्ट गोल और यही आपकी सफल जिंदगी का राज है।

    परफेक्ट टाइमिंग, परफेक्ट गोल
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    “ना” कहना आता है

    लोगों की समस्या होती है कि वे किसी को जल्दी ना नहीं बोल पाते। कोई किसी का दिल ना दुखाने की वजह से ना नहीं बोलता और कोई मन के आगे हार कर ना नहीं बोलता। वैसे भी पार्टी और मस्ती को कम लोग ही ना बोलने की हिम्मत रखते हैं और आपमें ये “ना” बोलने की हिम्मत है।

     

    “ना” कहना आता है
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