रिलेशनशिप के ये रूल्स तोड़ना होता है आपके लिये फायदेमंद

By:Rahul Sharma, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Dec 11, 2015

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

रिलेशनशिप कोई गणित नहीं है, जिसमें फॉमुला लगाया जाए और सही-सही परिणाम आ जाए। जिंदगी के कई नियम खुद बनाए जाते हैं और वे परिस्थितियों के हिसाब से थोड़े-बहुत बदले भी जा सकते हैं।
  • 1

    तोड़ दें ये रिलेशनशिप रूल्स


    हर रिश्ते के कुछ कायदे, कुछ रूल्स होते हैं, और ऐसा माना जाता है कि अगर इन नियमों को ईमानदारी से मानें तो रिश्ता सही चलेगी और परेशानियां नहीं आएंगी। लेकिन ये कोई गणित नहीं है, जिसमें फॉमुला लगाया जाए और सही-सही परिणाम आ जाए। जिंदगी के कई नियम खुद बनाए जाते हैं और वे परिस्थितियों के हिसाब से थोड़े-बहुत बदले भी जा सकते हैं। रिलेशनशिप पर भी ये बात लागू होती है। कई लोग आंखें मूंद कई पढ़े या किसी से सुने नियमों को ज़िन्दगी में लागू कर लेते हैं, और फिर कहानी खराब होने लगती है। आज हम ऐसे ही कुछ रिलेशनशिप रूल्स की बात करने जा रहे हैं जिन्हें तोड़ना बहुत ज़रूरी है ताक़ि रिश्ते में ताज़गी बनी रहे। -
    Images source : © Getty Images

  • 2

    लड़ाई को सुलझाकर ही सोना है



    कई लोग मानते हैं कि अगर आपका आपके साथी के साथ किसी बात को लेकर हल्का-फुल्का झगड़ा हो गया है तो उसे किसी भी हाल में सुलझा के ही सोना चाहिए। लेकिन ऐसा हमेशा ज़रूरी नहीं होता है। कई बार हम झगड़ा सुलझाने के चक्कर में उसे और ज़्यादा उलझा देते हैं। तो बेहतर ये होगा कि  औप रात को सो जाएं, अपने साथी को थोड़ा समय दें और अगले दिन शांत दिमाग से बात कर विवाद को सुलझाएं।
    Images source : © Getty Images

  • 3

    किसी भी हाल में सच ही बोलना है


    रिश्ते में ईमानदार होगा जरूरी है, लेकिन इसका मतलब ये भी नीं कि हमेशा ही आपको सच बोलना है। क्योंकि ऐसा करना न तो मुमकिन है और न ही इसमें भालाई है। कई चीज़ों को मेनेज करने के लिये आपको कई बार छोटी-मोटी बात छुपानी या झूट बोलनी पड़ती है। इसके अलावा ज़िन्दगी में कई राज़ ऐसे होते हैं जिन्हें राज़ ही रखने में सबकी भलाई होती है।
    Images source : © Getty Images

  • 4

    रिश्ते में आने के बाद पार्टनर ही सबसे अच्छा दोस्त होता है



    कई लोगों का मानना है कि रिश्ते में आने के बाद उनका पार्टनर ही उनका सबसे अच्छा दोस्त होता है, लेकिन ये सच नहीं है। कई लोगों के लिये उनके बचपन के दोस्त ही सबसे अच्छे दोस्त होते हैं। साथी के जीवन में आने के बाद पुराने दोस्तों को छोड़ दें और ज़बरदस्ती साथी को ही अपना दोस्त बनाएं ऐसा ज़रूरी नहीं है।
    Images source : © Getty Images

  • 5

    रिश्ते में सब कुछ सौ प्रतिशत नहीं मिलता





    अगर आप ऐसा सोचते हैं तो ये शायद आपकी गलतफ़मी से ज्यादा कुछ भी नहीं है। अगर आप रिश्ते को प्रतिशत में तौलेंगे तो कभी भी आपको खुशी नहीं मिल पाएगी। अपना बेस्ट दीजिये, अगर आपकी भावनाएं और प्रयास सच्चे हैं तो यकीनन आपको उतना ही प्यार वापस भी मिलेगा।
    Images source : © Getty Images

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर