अनजानी चीजें आपकी याद्दाश्‍त को पहुंचाती हैं नुकसान

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Aug 28, 2014

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आधुनिक जीवनशैली, आहार में पोषण की कमी, नींद की कमी, कुछ दवाएं, तनाव आदि आपकी याददाश्त को प्रभावित करती हैं। लेकिन कुछ और आश्चर्यजनक चीजें भी आपकी याद्दाश्‍त को प्रभावित करती है।
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    याद्दाश्त को नूकसान पहुंचाने वाली विचित्र बातें

    कार की चाभी रखकर भूल जाना या पर्स अकसर कार के अंदर ही छोड़ देना। कभी-कभार ऐसा होना तो कोई हैरानी की बात नहीं, लेकिन अगर आप अकसर ऐसा करते हैं, तो यह याद्दाश्‍त के कमजोर होने की निशानी है। एमडी पीएचडी फाउंडर एंड चीफ मेडिकल ऑफिसर ऑफ नेउरएक्सपैंड ब्रेन सेंटर इन लुटेरविल्ले एमडी एंड को-ऑथर ऑफ 'द मेमोरी क्योर' मजीद फोटूही के अनुसार, नींद की कमी, कुछ दवाएं, और यहां तक कि तनाव आपकी स्‍मरण शक्ति को प्रभावित करता हैं। डॉक्‍टर फोटूही के अनुसार "सौभाग्य से दिमाग बहुत लचीला होता है, इसका अर्थ इसमें परिवर्तन और बेहतर बनाया जा सकता है। और कुछ सरल उपायों को अपनाकर बढ़ाया जा सकता है।" यहां पर आपकी याद्दाश्‍त को प्रभावित करने वाली कुछ आश्चर्यजनक चीजों के बारे में बताया गया है। image courtesy : getty images

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    थायराइड

    थायराइड की समस्‍या की बढ़ने पर व्‍यक्ति बहुत अधिक ठंड और गर्मी लगती है। वह उत्‍सुक और उदास महसूस करने लगता है। जिसका असर मस्तिष्‍क पर भी होता है। हालांकि थायराइड की मस्तिष्‍क में कोई विशिष्‍ट भूमिका नहीं होती। लेकिन थायराइड के सामान्‍य रूप से कार्य बंद होने पर व्‍यक्ति में याद्दाश्‍त की कमी नोटिस की जाती है। डॉक्‍टर फोटूही के अनुसार, थायराइड का उच्‍च या कम स्‍तर जो बहुत आम है, लोगों में खासतौर पर महिलाओं में स्‍मृति और एकाग्रता पर बुरा असर डालता है। image courtesy : getty images

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    हॉट फ्लैशस

    हॉट फ्लैशेस को महिलाये रजोनिवृति के दौरान महसूस करती है, इस दौरान किसी भी चीज यहां तक कि नाम को याद करने की क्षमता भी कमतर हो जाती है। डॉक्‍टर फोटूही के अनुसार, "सौभाग्य से, हॉट फ्लैशेस किसी भी तरह से मस्तिष्क को नुकसान नहीं पहुंचाती है। और हॉट फ्लैशेस के शांत होने पर याददाश्त में सुधार आता है।" अन्य रजोनिवृत्ति से संबंधित लक्षण अनिद्रा और स्लीप एपनिया सहित स्मृति हानि, के लिए योगदान देती है। image courtesy : getty images

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    नींद की कमी

    कम सोना मस्तिष्क के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। हाल में ही किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कम सोने से मस्तिष्क में स्थित कोशिकाओं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जो व्यक्ति की याद्दाश्त से संबंधित सूचनाओं के लिए प्रभावशाली होता हैं। मेडिकल डायरेक्टर ऑफ न्यूयॉर्क न्यूरोलॉजी और स्लीप मेडिसिन के एमडी एलन टोफिघ् के अनुसार, सोने का अभाव और नींद संबं‍धी विकार से पी‍ड़‍ित व्‍यक्ति की याद्दाश्‍त पर असर के साथ थकान, ध्‍यान में कमी और प्रतिक्रिया के समय में कमी पाई जाती है।  image courtesy : getty images

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    चिंता और अवसाद

    तनाव में रहने से समय से पहले ही आपकी याद्दाश्‍त कमजोर होने लगती है। डॉक्‍टर फोटूही के अनुसार, लंबी अवधि तक हर रोज होने वाला तनाव मस्तिष्‍क में कोर्टिसोल के स्‍तर में वृद्धि करता है। जिससे मस्तिष्‍क की कोशिकाओं से सिनैप्स (मस्तिष्क कोशिकाओं को एक दूसरे से कनेक्ट करने वाला पुल) खोने लगता है और याद्दाश्‍त को कमजोर बना देता है। image courtesy : getty images

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    दवाओं का सेवन

    अपनी दवा कैबिनेट की जांच करें: कई आम दवाओं का सेवन आपको भुलक्कड़ बना सकता हैं। चिंता विकार के लिए ली जाने वाली दवाएं अल्पकालिक से दीर्घकालिक स्मृति खोने का कारण बनती है। इसके अलावा दिल के लिए ली जाने वाली दवाएं स्‍टैटिन और बीटा ब्‍लॉकर्स को याद्दाश्‍त खाने के साथ जोड़ा जा सकता है। साथ ही मादक दर्द निवारक, असंयम दवाएं, नींद की गोलियां का भी मस्तिष्‍क पर बुरा असर पड़ता है। image courtesy : getty images

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    धूम्रपान

    धूम्रपान करना सेहत के लिए तो हानिकारक होता ही है लेकिन इस आदत से आपकी याद्दाश्‍त पर भी बुरा असर पड़ता है। डॉक्‍टर फोटूही के अनुसार, सिगरेट पीने से असामान्‍य प्रोटीन को संचय को बढ़ावा मिलता है, जिससे मस्तिष्‍क की क्षमता क्षीण होने लगती है। image courtesy : getty images

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    उच्च वसा आहार

    चीज से भरपूर बर्गर और फ्रेंच फ्राइज में बहुत अधिक फैट होता है, जो न केवल आपके दिल बल्कि आपकी याद्दाश्‍त पर भी बुरा असर डालता है। चूहों पर किए गए एक अध्‍ययन से पाया कि किशोर चूहों को आठ सप्‍ताह तक उच्‍च वसा युक्त आहार खिलाने से उनकी याद्दाश्‍त कमजोर होने लगी। जबकि दूसरा अध्‍ययन मध्‍यम आयु वर्ग के चूहों पर करके पाया कि हिप्पोकैम्पस (अल्पकालिक स्मृति के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क के हिस्से) उच्च वसा वाले आहार के प्रभाव से विशेष रूप से कमजोर हो जाते है।  image courtesy : getty images

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    तनाव

    तनाव का बार-बार होना या पुराना तनाव आपके लिए हानिकारक हो सकता है। क्‍योंकि नियमित रूप से उन्नत ग्लुकोकॉर्टिकॉइड्स (अधिवृक्क ग्रंथि द्वारा जारी एक हार्मोन) भी रिसेप्टर्स को कम करने के लिए हमारे मस्तिष्क की कोशिकाओं का कारण बनता है। जिससे मस्तिष्क कोशिकाओं नयूरोचेमिकल के संकेतों (मस्तिष्क रसायन) का जवाब देने में कम सक्षम बनती है। इसलिए तनाव से छुटकारा पाने के तरीकों को खोजना चाहिए। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सांता बारबरा से एक अध्ययन के अनुसार, ध्‍यान का अभ्‍यास तनाव को कम करने और याद्दाश्‍त में सुधार करने में मदद करता है। image courtesy : getty images

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    रोगाणु

    न्यूरोलॉजी में एक 2013 के अध्ययन के अनुसार, एक बुरा पीड़ादायक कोल्‍ड में आप स्‍वयं के प्रति सजग हो जाते है यह आपकी याद्दाश्‍त के साथ खिलवाड़ कर सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग दाद सिंप्लेक्स टाइप 1 (कोल्‍ड सोर वायरस) के रूप में कई कीटाणुओं के संपर्क में आते है, उनमें अपने जीवन काल में कम कीटाणुओं के संपर्क में आने वाले लोगों की तुलना में याद्दाश्‍त कम होने की संभावना अधिक होती है। image courtesy : getty images

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    ग्रीन टी

    यूनिवर्सिटी बासेल के अध्‍ययन के अनुसार, ग्रीन टी में पाया जाने वाला केमिकल याददाश्त में सुधार करने में मदद करता हैं।  डॉक्‍टर फोटूही के अनुसार, "ग्रीन टी में मौजूद कई यौगिकों जैसे इजीसीजी और एल-थिनाइन न्यूरोजेनेसिस (नए मस्तिष्क कोशिकाओं के विकास) में हिप्पोकैम्पस में वृद्धि करते है। अल्पकालिक स्मृति और सीखने की नई चीजों के लिए इस्तेमाल मस्तिष्क का हिस्सा है।" image courtesy : getty images

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    एक्सरसाइज करें

    एक्सरसाइज शरीर के साथ-साथ दिमाग के लिए भी जरूरी है। एक्सरसाइज से दिल की धड़कन तेज होने से खून बिना रुकावट के तेजी से शरीर में दौड़ता है। इस तरह दिमाग को ऊर्जा पहुंचाने वाला कीमती ईंधन और ऑक्सीजन दिमाग के कोने-कोने तक पहुंचाता है। दि आप अपने दिमाग को दुरुस्त रखना चाहती हैं तो सप्ताह में तीन बार एक्सरसाइज जरूर करें। image courtesy : getty images

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