सेहत से जुड़े 10 तथ्‍य जो आपके पैर कर देते हैं जाहिर

By:Bharat Malhotra, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Mar 31, 2014

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यदि आप अपने पैरों पर नजर रखें, तो ये स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी कई शिकायतों के बारे में पता चल सकता है। आपके पैर डायबिटीज से लेकर पोषण संबंधी समस्‍याओं तक के बारे में बता सकते हैं।
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    पैर बता सकते हैं सेहत का राज

    यदि आप अपने पैरों पर नजर रखें, तो ये स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी कई शिकायतों के बारे में पता चल सकता है। आपके पैर डायबिटीज से लेकर पोषण संबंधी समस्‍याओं तक के बारे में बता सकते हैं। नाखूनों का बदरंग होना भी कई गंभीर समस्‍याओं का कारण हो सकता है। चलिये जानते हैं कि पैर किस तरह आपकी बिगड़ती सेहत के प्रति चेता सकते हैं।

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    डायबिटीज

    डायबिटीज का आपके पैरों पर बहुत बुरा असर पड़ता है। डायबिटीज से आपके पैरों में कई खरोंच, कट और जलन आदि हो सकती है। ऐसा नसों को होने वाले नुकसान से होता है। ग्‍लूकोज की अधिक मात्रा नसों को क्षतिग्रस्‍त कर देती है। यदि कट लंबे समय तक न ठीक हों, तो यह डायबिटीज का कारण हो सकता है।

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    बाल उड़ना

    आप आपके पैरों के रोमछिद्रों में रक्‍त प्रवाह सुचारू नहीं होता तो ऐसी समस्‍या हो सकती है। इसका संबंध पैरों के तापमान से भी हो सकता है। यह हाथ-पैर को रक्‍त पहुंचाने वाली रक्‍तवाहिनियों में समस्‍या का संकेत हो सकता है। रक्‍त-प्रवाह सुचारू न होने का संबंध दिल से भी हो सकता है। यह भी संभव है कि दिल पर्याप्‍त मात्रा में रक्‍त पंप न कर पा रहा हो।

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    एड़ी में दर्द

    पैरों में खासतौर पर सुबह के वक्‍त एडि़यों में तेज दर्द होना और दिन के समय यह दर्द बढ़ता चला जाता है, तो यह समस्‍या प्‍लांटर फेस्‍सिटिस के कारण हो सकता है। इस बीमारी में पैरों को जोड़ने वाले उत्‍तकों में सूजन आ जाती है। ऐसा उत्‍तकों पर क्षमता से अधिक खिंचाव पड़ने से होता है।

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    क्रैंप

    आपके पैर संभावित डिहाइड्रेशन का भी इशारा करते हैं। इसके साथ ही आपके पैरों की रंगत कई जरूरी मिनरल्‍स की कमी के बारे में भी बताते हैं। पैरों में क्रैंप कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्‍नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्‍स के कारण हो सकते हैं। गर्भवती महिलाओं में यह समस्‍या अधिक देखी जाती है।

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    पैरों में पसीना

    आपके पैरों में करीब पांच लाख पसीना बाहर निकालने वाली ग्रंथियां होती हैं। कुछ लोगों को सामान्‍य से अधिक पसीना आता है। वहीं, दूसरी ओर यह बात भी सत्‍य है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को अधिक पसीना आता है। हालांकि, इसका सीधा आपकी सेहत पर असर न पड़ता हो, लेकिन जूतों और जुराबों में बदलाव लाकर इस परेशानी से बचा जा सकता है।

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    त्‍वचा पर झुर्रियां

    यदि आपके पैरों की त्‍वचा और सफेद हो गयी है और साथ ही इस पर झुर्रियां भी नजर आ रहीं हैं, तो आपको रेनॉड बीमारी हो सकती है। आमतौर पर यह बीमारी सर्दियों में होती है। इस बीमारी में पैरों की रक्‍तवाहिनियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं, जिससे त्‍वचा की रंगत में बदलाव आता है।

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    पंजों में सूजन

    क्‍या कभी आपने पंजों के जोड़ पर सूजन और अकड़न महसूस की है। यदि ऐसा है तो आप रहेयूमेटेड अर्थराइटिस के संभावित शिकार हो सकते हैं। हालांकि, यह समस्‍या एक साथ दोनों पैरों अथवा दोनों पैरों की अनामिका में हो सकती है।

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    चलते समय दर्द

    यदि सामान्‍य रूप से चलते समय भी आपके पैरों में तेज हो, तो यह अनैदानिक स्‍ट्रेस फ्रेक्‍चर के कारण हो सकता है। इससे पैरों के दोनों ओर और तलवों में भी काफी परेशानी होती है। मिनरल और विटामिन के कारण यह समस्‍या और बढ़ जाती है। खासतौर पर यदि आप विटामिन डी और कैल्शियम का सेवन नहीं करते हैं, तो आपकी समस्‍या और बढ़ सकती है।

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    पैर सुन्‍न हो जाना

    आपके पैर सुन्‍न हो जाते हैं। ऐसा लगता है जैसे कोई पैरों में सुइयां चुभो रहा हो। यह समस्‍या परिधीय न्‍यूरोपेथी के कारण हो सकती है। इसके पीछे मुख्‍य रूप से डायबिटीज अथवा अल्‍कोहल का अधिक इस्‍तेमाल हो सकता है। इस प्रकार की समस्‍या हाथों मं भी हो सकती है।

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    खड़े नाखून

    सोरायसिस के कारण पैरों के नाखून लंबवत होने लगते हैं। सोरिटिक अर्थराइटिस के कारण लोगों के नाखून कई भागों में बंटे नजर आते हैं। तो, अगली बार जब आप अपने पैरों को देखें तो समझ जाइए कि इसके पीछे कौन से कारण हो सकते हैं।

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