अच्‍छी पैरेंटिंग के दस नियम

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:May 28, 2014

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

बेहतर परवरिश बच्‍चों के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करती है। आप भी बच्चों की परवरिश के दौरान कुछ बातों को ध्यान में रखकर उनका बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।
  • 1

    अच्‍छी पैरेंटिंग के नियम

    हर कोई चाहता हैं कि उसके बच्‍चे सबसे अच्‍छे हो, हर जगह उनका नाम हो, लेकिन ऐसा तभी हो सकता है जब आप उनमें ऐसे गुण पैदा करेंगे। यह तो सभी जानते हैं कि बच्‍चे माता-पिता का ही प्रतिनिधित्‍व करते है, और बच्चों की बेहतर परवरिश उनके बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करती है। बच्चों की परवरिश के दौरान कुछ बातों को ध्यान में रखकर आप उनका बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं। image courtesy : getty images

  • 2

    स्‍वयं को बदलें

    बच्‍चों को अच्‍छे संस्‍कार या उनसे किसी भी तरह की उम्‍मीद करने से पहले अपनी बुरी आदतों को बदलें, यानी जो आप बच्‍चों से चाहते हैं, पहले उसे स्‍वयं करके दिखाये। क्‍योंकि बच्‍चा वही करता है जो अपने आसपास देखता है। इसके लिये किताबों के साथ कुछ समय गुजारना, देर रात तक टीवी न देखना, चीजों को सही जगह पर रखना, बच्‍चों के समाने कभी भी झगड़ा न करना आदि जैसे कुछ अच्छी आदतों को खुद में विकसित करनी होगी।  image courtesy : getty images

  • 3

    सच्चा प्यार दें

    अकसर लोग समझते हैं कि अपने बच्‍चों को प्‍यार करने का मतलब, उनकी हर मांग पूरी करना है। लेकिन अगर आप उनकी हर डिमांड को पूरा करते हैं तो यह आपकी सबसे बड़ी बेवकूफी हैं। अगर आप अपने बच्चे को प्यार करते हैं तो उसे वही दें जो लिये सही और जरूरी है।  image courtesy : getty images

  • 4

    जिद करने पर प्‍यार से समझाएं

    बच्चो के नखरे दिखाने या किसी चीज के लिए जिद करने पर आमतौर पर आप उन्‍हें डांटते-फटकारने लगते हैं, लेकिन इसका असर बच्चों पर उल्टा पड़ता है। ऐसे में आपके जोर से चिल्‍लाने से बच्चा भी तेज आवाज में रोने व चिखने लगता है। इसलिए इस स्थिति में अपने बच्‍चों को शांत तरीके से समझाये कि वह जो कर रहा है वो गलत हो।  image courtesy : getty images

  • 5

    परवरिश में अनुशासन है जरूरी

    अनुशासन के बिना परवरिश अधूरी होती है। लेकिन बच्‍चों को अनुशासित करना या मतलब बच्‍चों को डराना नहीं है। आपको अनुशासन और डर में अंतर पता होना चाहिए। कई पैरेंट बच्चों को अनुशासित करने के लिए उन्‍हें मारते पीटते हैं। लेकिन यह सही नहीं है। इससे बच्चा अनुशासित न होकर विद्रोही हो जाता है।  image courtesy : getty images

  • 6

    बातचीत बहुत जरूरी है

    बच्‍चों के साथ किसी भी विषय पर खुलकर बात करें। उनके साथ हर खुशी और दुख को बांटें। ऐसा करने से बच्‍चे आपको और घर की परिस्थितियों को समझने लगेगें, और साथ ही आपके करीब रहेगा। image courtesy : getty images

  • 7

    बच्‍चों को समय दें

    आजकल ज्‍यादातर माता-पिता दोनों वर्किंग होने के कारण अपने बच्‍चों को पर्याप्‍त समय नहीं दे पाते। हाल ही में हुए एक शोध में भी यह बात समाने आई है, कि आजकल शहरों में पैरेंट वर्किंग होने के नाते अपने बच्चों के साथ औसतन चार घंटे ही गुजार पाते हैं, जो बच्‍चों के विकास के लिए काफी नहीं हैं। इसलिए अपने बच्‍चों को ज्‍यादा से ज्‍यादा समय देने की कोशिश करें।  image courtesy : getty images

  • 8

    बच्‍चों से दोस्‍ती करें

    अपने बच्‍चों पर खुद को थोपना छोड़ दें। उनके लीडर बनकर उनपर हुक्‍म चलाने की बजाय उनके अच्‍छे दोस्‍त बन जाये। ऐसा करने से बच्‍चे आपसे आसानी से और बेझिझक अपनी सारी बात को कर सके।  image courtesy : getty images

  • 9

    इच्‍छाओं को थोपे नहीं

    अपनी इच्‍छाओं को बच्‍चों पर थोपे नहीं बल्कि वह जो बनना चाहते हैं उनको बनने दें। जरूरी नहीं कि आपने अपनी जिंदगी में जो किया आपका बच्चा भी वहीं करें। बल्कि अपने बच्‍चे को ऐसा कुछ करने के लिए प्रोत्‍साहित करें जिसके बारे में सोचने तक की हिम्मत जिंदगी में नहीं की हो। image courtesy : getty images

  • 10

    खुद फैसला लेने दें

    पैरेंट को लगता हैं कि मेरे बच्‍चे को सही-गलत का फर्क नहीं पता, इसलिए वह उन्‍हें अपनी मर्जी से कोई फैसला नही लेने देते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं ऐसा करने से आप उसकी निर्णय की क्षमता को कमजोर कर रहे हैं। यदि आप चाहते हैं कि भविष्य में आपका बच्चा अपने फैसले स्‍वयं लेने में सक्षम बने, तो अभी से कुछ छोटे-मोटे फैसले उसे लेने दें।  image courtesy : getty images

  • 11

    अन्‍य बच्‍चों से तुलना न करें

    हर बच्‍चे में अपने अलग और अनोखे गुण होते है। उसकी तुलना दूसरे बच्‍चों से करके उसके आत्‍मविश्वास को कमजोर ना करें। हो सकता हैं कि आपके पडोसी का बच्चा पढाई-लिखाई में अव्वल हो और आपका बच्चा खेलकूद में।  image courtesy : getty images

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर