स्‍वाइन फ्लू से जुड़े 10 तथ्‍यों के बारे में जानें

By:Aditi Singh , Onlymyhealth Editorial Team,Date:Feb 19, 2015

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स्‍वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, जिसका असर ठंड के मौसम में अधिक देखने को मिलता है, ऐसे में लोगों को थोड़ी सी सावधानी बरतनी चाहिए, नहीं तो इसकी चपेट में आप भी आ सकते हैं।
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    स्वाइन फ्लू से जुडी बातें

    स्वाइन फ्लू जो सबसे पहले मैक्सिको में देखा गया और धीरे-धीरे सारी दुनिया में फैल गया। यह एक प्रकार का वायरस होता है। क्या आप इस बीमारी के बारे में जानते है? यह किस प्रकार आपको अपनी चपेट में ले सकती है। इससे जुड़े कई तथ्‍य हैं जिसके बारे में आपको जानना जरूरी है, इसके लिए आगे की स्‍लाइड को पढ़ें।

    Courtesy @gettyimages

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    स्‍वाइन फ्लू क्‍या है?

    स्वाइन फ्लू या एच1एन1 एक संक्रमण है जो इन्‍फ्लूएंजा ए वायरस के कारण होता है। इस प्रकार का वायरस अधिकतर सुअर में पाया जाता है इसलिए इसे स्‍वाइन फ्लू कहा जाता है। अच्छी तरह से साफ करके पकाया गया मांस भी खाने से कोई समस्या नहीं होती हैं। ये संक्रमित बीमारी होने की वजह से बहुत जल्दी एक-दूसरे मे फैल जाती है। इसमें एंटीबॉयटिक दवाओं के सेवन से उपचार नहीं होता है बल्कि स्थिति बदतर हो सकती है। इससे संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें।
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    स्‍वाइन फ्लू के लक्षण

    उल्‍टी, दस्‍त, थकान, पेट में दर्द आदि स्‍वाइन फ्लू के लक्षण हैं। स्वाइन फ्लू और फ्लू के लक्षण समान होने की वजह से कई बार इसके बीच अंतर कर पाना मुश्किल होता है, इसलिए अगर आपको दो दिन से ज्यादा बहुत तेज बुखार हो और सांस लेने मे दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
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    कब तक रहता है वायरस

    एच1एन1 वायरस स्टील, प्लास्टिक में 24 से 48 घंटे, कपड़े और पेपर में 8 से 12 घंटे, टिश्यू पेपर में 15 मिनट और हाथों में 30 मिनट तक एक्टिव रहते हैं। इन्हें खत्म करने के लिए डिटर्जेंट, एल्‍कोहल, ब्लीच या साबुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। किसी भी मरीज में बीमारी के लक्षण इन्फेक्शन के बाद 1 से 7 दिन में विकसित हो सकते हैं। लक्षण दिखने के 24 घंटे पहले और 8 दिन बाद तक किसी और में वायरस के ट्रांसमिशन का खतरा रहता है।
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    कमजोर प्रतिरक्षी तंत्र पर ज्यादा असर

    स्वाइन फ्लू के शिकार सामान्य लोगों की तुलना में छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, शुगर के मरीज, ह्दय रोगी आदि में ज्यादा होते है। क्‍योंकि इनकी प्रतिरक्षा प्रणाली सामान्‍य लोगों की तुलना में कमजोर होता है। हांलाकि यह एक घातक बीमारी होती है। अगर इसका शीघ्र उपचार नहीं किया जाता है तो मरीज की मृत्‍यु हो सकती है।
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    मास्क से होता है बचाव

    मरीज के पास जाने से पहले मास्‍क लगाएं। अपने हाथों को अच्‍छी तरह धुलें। किसी भी संक्रमित वस्‍तु को न छुएं। संक्रमित लोगों से दूरी बनाएं। स्‍वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, तो इसमें मास्‍क लगाना लाभदायक होता है। आप इसकी मदद से सुरक्षित रह सकते है। अपनी सेहत का ख्याल रखें और अच्छा खाएं, ढंग से सोए और तनाव ना ले। अगर हो सके तो भीड़-भाड़ वाले इलाकों मे ना जाएं।
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    एंटीवायरल ड्रग फायदेमंद है

    संक्रमण के लक्षण प्रकट होने के दो दिन के अंदर ही एंटीवायरल ड्रग देना जरूरी होता है। इससे एक तो मरीज को राहत मिल जाती है तथा बीमारी की तीव्रता भी कम हो जाती है। तत्काल किसी अस्पताल में मरीज को भर्ती कर दें ताकि इसका उपचार शुरू हो जाये और तरल पदार्थों की आपूर्ति भी पर्याप्त मात्रा में होती रह सकें। अधिकांश मामलों में एंटीवायरल ड्रग तथा अस्पताल में भर्ती करने पर सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है।
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    वैक्‍सीन नहीं होती

    किसी को स्‍वाइन फ्लू हो गया है तो दवाएं काफी कारगर होती हैं। यह व्‍यक्ति को सामान्‍य और स्‍वस्‍थ बना सकती हैं। लेकिन अभी तक स्‍वाइन फ्लू की कोई भी वैक्‍सीन नहीं बनी है। आपको डॉक्‍टर के पास ही जाना होगा। हालांकि जिस गति से शोध किया जा रहा है उम्‍मीद है कि अगले कुछ ही सालों में स्‍वाइन फ्लू का स्‍थाई इलाज मिल जाएगा।
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    ठंड में अधिक फैलता है

    स्वाइन फ्लू का ज्यादा असर ठंड में रहता है। गर्मियों में इसका असर कम पड जाता है। ठंड और नमी के मौसम स्वाइन फ्लू के वायरस एन1एच1 सक्रिय हो जाते हैं और बारिश के कारण खतरा दो-तीन गुना बढ़ जाता है। ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।  
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    योग से लाभ

    शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली और श्वसन तंत्र को मजबूत रखने में योग मददगार साबित होता है। कपालभाति, ताड़ासन, महावीरासन, उत्तानपादासन, पवनमुक्तासन, भुजंगासन, मंडूकासन, अनुलोम-विलोम और उज्जायी प्राणायाम तथा धीरे-धीरे भस्त्रिका प्राणायाम या दीर्घ श्वसन और ध्यान आदि आसन किए जाएं, तो फ्लू पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले अभ्यास करें।
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Comments
  • sandeep25 Feb 2015
    Very good information related with swine flu. Thanx for valuable suggetion to prevent from swine flu.
  • sandeep25 Feb 2015
    Very good and onformative article and it help us to prevent from swine flu.
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