हार्मोन की वृद्धि से जुड़े तथ्‍यों के बारे में जानें

By:Meera Roy, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Dec 21, 2015

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ग्रोथ हार्मोन (जीएच) मस्तिष्क के केंद्र में स्थित है, जो पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा स्रावित हार्मोन है। सामान्यतः पिट्यूटरी ग्रंथि में 10 मिलिग्राम ग्रोथ हार्मोन होता है जो कि हमारी नब्ज के हिसाब से रिलीज होते हैं। बहरहाल ग्रोथ हार्मोन क्या करते हैं, क्या हमें ग्रोथ हार्मोन से जुड़े सप्लीमेंट लेने चाहिए? वगैरह-वगैरह। ये तमाम तथ्य हमारे लिए जानने आवश्यक हैं।
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    ग्रोथ हार्मोन क्या करते हैं

    ग्रोथ हार्मोन के कई कार्य हैं। यह हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ साथ मांसपेशियों और क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करते हैं। यह मांसपेशियों को बढ़ाने के लिए भी जिम्मेदार हैं। साथ ही वसा कम करते हैं, प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर करते हैं। यही नहीं ग्रोथ हार्मोन रक्त चाप, कोलेस्ट्रोल के स्तर को भी सामान्य बनाए रखते हैं। उम्र के साथ साथ ग्रोथ हार्मोन में गिरावट आने लगती है। 60 साल के बाद ग्रोथ हार्मोन महज एक तिहाई काम करता है। मतलब यह है कि ग्रोथ हार्मोन का सीधा सम्बंध हमारी उम्र से जुड़ा है। ग्रोथ हार्मोन की कमी के चलते त्वचा में झुर्रियां आना, कमजोरी का एहसास होना, स्किन टोन में बदलाव आना। ये सभी कारक देखने को मिलते हैं।

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    जीएच सप्लीमेंट

    जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि उम्र के साथ साथ ग्रोथ हार्मोन में कमी आती है। फिर चाहे आप 30 के हों या फिर 80 के। ग्रोथ हार्मोन में कमी आना स्वभाविक बदलाव है। बहरहाल यदि आप अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को सही बनाए रखना चाहते हैं और कार्डिओवैस्कूलर से सम्बंधित समस्याओं से दूर रहना चाहते हैं तो जीएच सप्लीमेंट आपकी सहायता कर सकता है। इसके अतिरिक्त वसा कम करनी हो, आकर्षक दिखना हो, उम्र को मात देनी है तो जीएच सप्लीमेंट अवश्य लें। लेकिन जीएच सप्लीमेंट लेने से पहले विशेषज्ञों की राय अवश्य लें।

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    ग्रोथ हार्मोन और उम्र

    ग्रोथ हार्मोन का उम्र के साथ बहुत गहरा रिश्ता है। इसकी हम अनदेखी नहीं कर सकते। असल में ग्रोथ हार्मोन के कारण ही शरीर में आ रहे बदलाव का पता चलता है। यही कारण है कि विशेषज्ञ इस अतिरिक्त ग्रोथ हार्मोन सप्लीमेंट की सलाह देते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि ग्रोथ हार्मोन के सप्लीमेंट लेने से आपकी जिंदगी के वर्ष भी बढ़ सकते हैं। जिन लोगों में ग्रोथ हार्मोन नहीं होते उनकी जिंदगी सामान्य लोगों की तुलना में छोटी होती है। यही कारण है कि अतिरिक्त ग्रोथ हार्मोन सप्लीमेंट आवश्यक है।

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    ग्रोथ हार्मोन और कार्डिओवैस्कूलर समस्या

    जिन लोगों में ग्रोथ हार्मोन की कमी होती है उन्हें कार्डिओवैस्कूलर समस्याएं होने का खतरा भी बना रहता है। जहां एक तरफ ग्रोथ हार्मोन की कमी के चलते हृदय सम्बंधी बीमारी भी चपेटे में ले लेती है। यही नहीं मरीज की मृत्यु तक हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ ग्रोथ हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी की मदद से रक्तचाप नियंत्रित किया जा सकता है, कोलेस्ट्रोल का स्तर भी प्रभावित होता है।

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    जीएच रिलीजर

    जैसा कि यह सर्वविदित है कि हर चीज की अति बुरी होती है। इसी तरह यदि आपमें ग्रोथ हार्मोन की मात्रा ज्यादा हो जाए तो यह आपके शरीर के लिए बुरा साबित हो सकती है। ऐसे में यह जरूरी है कि आप जीएच रिलीजर की मदद लें। उपयुक्त मात्रा में ही ग्रोथ हार्मोन आपकी मदद कर सकते हैं।

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    रोजाना जीएच सप्लीमेंट लेना सही नहीं

    शोध अध्ययनों से इस बात का पता चला है कि रोजाना जीएच सप्लीमेंट लेने से हमारी प्राकृतिक वृद्धि प्रभावित होती है। जरूरी यह है कि रोजाना जीएच सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए। हालांकि रोजाना सप्लीमेंट लेने से बच्चों में वृद्धि दिखती है लेकिन सप्लीमेंट बंद करने से बच्चों या सामान्य लोगों में नकारात्मक बदलाव देखे जाते हैं। अतः रेजाना जीएच सप्लीमेंट लेने से बचें।

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    ग्रोथ हार्मोन और लम्बाई

    जैसा कि पहले ही जिक्र किया जा चुका है कि ग्रोथ हार्मोन हमारे शरीर के लिए हिस्सों को प्रभावित करता है। इन्हीं में एक लम्बाई भी है। ग्रोथ हार्मोन के सप्लीमेंट लेने से बच्चों की लम्बाई में वृद्धि की जा सकती है।

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    ग्रोथ हार्मोन कैसे रिलीज होते हैं

    पौष्टिक आहार लेने से, तनाव कम लेने से, नियमित एक्सरसाइज करने से, व्रत रखने से और पर्याप्त नींद लेने से ग्रोथ हार्मोन रिलीज होते हैं। अतः फिट रहना है तो उपरोक्त सभी बातों का अच्छे से ख्याल रखें।

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    यूरिडिन और ग्रोथ हार्मोन

    यूरिडिन एक प्राकृतिक न्यूक्लिक एसिड है जो कि न्यूरोट्रांसमीटर में मुख्य भूमिका अदा करता है। शोध अध्ययनों से पता चला है कि यूरिडिन ग्रोथ हार्मोन रिलीज करने के लिए जिम्मेदार न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन में सहायक है। माना जाता है कि न्यूरोट्रांसमीटर की कार्यप्रणाली बढ़ते उम्र में ग्रोथ हार्मोन में आयी कमी की बदौलत काफी हद तक गिरावट आ सकती है।

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    क्या जीएच सप्लीमेंट सुरक्षित है

    हालांकि जीएच सप्लीमेंट निर्देशानुसार लिये जाए तो यह सुरक्षित हैं। इसके अलावा कैंसर और डायबिटीज के मरीज भी इसे ले सकते हैं बशर्ते वे चिकित्सक की सलाह ले रहे हैं। जीएच सप्लीमेंट में किसी भी प्रकार का अंतर्विरोध नहीं है। लेकिन यदि आप जीएच सप्लीमेंट लेना बंद करना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको नियमित निर्देशों का पालन करना पड़ेगा।

     

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