उम्र बढ़ने से जुड़े दस आकर्षक तथ्‍य

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 17, 2014

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उम्र तेजी से बढ़ती है, और कुछ ही समय में आप अपने बचपन को पार कर वयस्‍कता की ओर बढ़ने लगते हैं। हालांकि उम्र बढ़ने का अनुभव सभी के लिए अलग-अगल होता हैं लेकिन इससे जुड़ें तथ्‍य हमेशा अपरिवर्तित ही रहेंगे। यहां उम्र से जुड़े कुछ दिलचस्‍प बातों की बात की जा रही है।
  • 1

    उम्र का बढ़ना

    आपको ऐसा नहीं लगता कि अभी पिछला जन्‍मदिन गया ही था कि आज आप अपना एक और जन्‍मदिन केक पर मोमबत्ती के साथ मना रहे हैं। चेहरे पर उभरती इन झुर्रियों को देखकर आपको पता लगा कि उम्र कैसे तेजी से उड़ान भर रही है। उम्र बढ़ने के साथ सुख और आश्चर्य और बीच के वर्षों में बढ़ने का अनुभव आपके मित्रों या पत्नी की तुलना में अलग हो सकता है, लेकिन कुछ सार्वभौमिक सत्य हर किसी पर लागू होते है। image courtesy : getty images

  • 2

    हड्डियों की संख्या में कमी

    जब हम पैदा होते हैं तो हमारे स्केलेटन में 350 हड्डियों होती है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों कम होकर 206 हो जाती है। हम इन 144 हड्डियों को खोते नहीं है, लेकिन उम्र के साथ-साथ हड्डियां जुड़ने लगती है। image courtesy : getty images

  • 3

    रक्त की राशि का बढ़ना

    एक बच्‍चे के शरीर में केवल 250 मिली ब्‍लड होता है जो शरीर के माध्‍यम से संचारित होता है। यह एक कप के बराबर होता है। लेकिन एक वयस्‍क के शरीर के माध्‍यम से लगभग चार लीटर ब्‍लड की मात्रा संचारित होती है। यह रक्त एक मिनट में लगभग 75 बार धड़कते हुए दिल से सभी ऊतकों को पंप करता है। image courtesy : getty images

  • 4

    पसीना में कमी

    उम्र बढ़ने के साथ आप डिओडोरेंट पर खर्च होने वाले पैसे को बचा सकते हैं क्‍योंकि उम्र के साथ अंडरआर्म में पसीना आना कम हो जाता है। इसकी जगह, स्वेटिंग हॉट फ्लैशेस के रूप में होने लगती हे। उम्र बढने के साथ, एक्‍क्रिन ग्रंथियां, जो शरीर में पसीने की ग्रंथियों के रूप में जानी जाती है, कम संवेदनशील हो जाती है और अंडरआर्म में उनका कार्य घटने लगता है। image courtesy : getty images

  • 5

    त्वचा का झड़ना

    हर घंटे, हम लगभग त्‍वचा के औसत 6 लाख कणों को खो देते हैं, जो साल भर में लगभग 750 ग्राम होता है। समय के साथ जब व्‍यक्ति 70 साल की उम्र तक पहुंचता है, वे त्‍वचा के लगभग 47 किलोग्राम तक खो देते हैं। image courtesy : getty images

  • 6

    दांतों का कम संवेदनशील होना

    उम्र के साथ आपको दांतों की संवेदनशीलता यानी ठंडे या गर्म लगने की भावना से राहत मिलती है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि आंतरिक हार्ड ऊतक को जिसे डेंटिन कहा जाता है, दांतों के इनेमल और नर्वस के बीच विकसित हो जाते हैं। डेटिन अतिरिक्त इन्सुलेशन प्रदान करने के साथ-साथ दर्द प्रतिक्रिया को घटता है। image courtesy : getty images

  • 7

    मस्तिष्क कोशिकाओं को पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता

    हमारे शरीर में सिर्फ कोशिका है, जिसे मस्तिष्क और तंत्रिका कोशिकाओं को पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता हैं। एक बार मस्तिष्‍क की को‍शिकाओं के क्षतिग्रस्‍त होने के बाद उसे बदला नहीं जा सकता है। क्‍योंकि वास्‍तव में, हम सभी मस्तिष्‍क कोशिकाओं के साथ पैदा होते हैं और मानव सिर की जन्‍म के समय कुल लंबाई एक चौथाई होती है लेकिन वयस्‍कता तक पहुंचने पर इसकी कुल लंबाई केवल आठवीं रह जाती है। image courtesy : getty images

  • 8

    सर्दी के कम शिकार

    मध्‍यम आयु तक पहुंचने तक, ठंड के कारण उत्‍पन्‍न वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो जाती है। इस प्रकार से आप कम बीमार पड़ते हैं। अमेरिकन लंग एसोसिएशन के अनुसार, छोटे बच्‍चों एक वर्ष में छह या आठ बार जुकाम शिकार होते हैं, जबकि वयस्‍क के साथ ऐसा एक वर्ष में दो या चार बार ही होता है। image courtesy : getty images

  • 9

    खर्राटों का प्रारंभ

    उम्र बढ़ने के साथ हमारी सांस लेने की दर धीमी हो जाती है, और 60 की उम्र तक पहुंचने पर तो सांस लेने में भी मुश्किल होती है। बुढ़ापे में खर्राटे पुरुषों को 60 प्रतिशत और महिलाओं को 40 प्रतिशत प्रभावित करते हैं। आमतौर पर खर्राटे 60 डेसीबल के शोर स्तर पर होते हैं, जो सामान्‍य बातचीत के रूप में होता है। लेकिन कभी-कभी यह ऊंचा होकर 80 डेसीबल तक हो जाता है, जो एक वायवीय ड्रिल की ठोस आवाज के बराबर होता है। 85 डेसीबल से अधिक शोर का स्तर मानव कान को नुकसान पहुंचा सकता हैं। image courtesy : getty images

  • 10

    महिलाओं में गायब माइग्रेन

    रजोनिवृत्ति बुरी हो सकती है लेकिन कुछ मामलों में य‍ह लाभ प्रदान करती है। जैसे यह माइग्रेन से ग्रस्‍त लोगों की सिरदर्द की समस्‍या को लगभग 67 प्रतिशत तक कम कर सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि रजोनिवृत्ति हार्मोन स्तर को लगातार कम रखने का कारण बनती है। image courtesy : getty images

  • 11

    पाचन संबंधी समस्‍या

    एक वयस्‍क हर साल लगभग 500 किलो भोजन खाता है और इस भोजन को प्रोसेस करने के लिए प्रत्‍येक दिन लगभग 1.7 लीटर प्रत्‍येक दिन पैदा करता है। पाचन तंत्र हर दिन पचे हुए भोजन का 11.5 लीटर, तरल पदार्थ और पाचक रस प्रवाह के माध्‍यम से चलता है, जिसमें से केवल 100 मिली मल में खो जाता है। सभी भोजन के लिए उचित पाचन सुनिश्चित करने के लिए काफी मजबूत एसिड की जरूरत होती है और इस तरह से नए पेट अस्‍तर का शरीर द्वारा हर तीन से चार दिन में उत्‍पादन होता है। image courtesy : getty images

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