आप रोज करते हैं इन खतरनाक 10 केमिकल्‍स का सेवन

By:Pooja Sinha, Onlymyhealth Editorial Team,Date:Oct 07, 2014

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

कई विषाक्त केमिकल हवा, आहार और दैनिक आधार पर इस्‍तेमाल उत्‍पादों में मौजूद होते हैं। और इस तरह के केमिकल आम घरेलू उत्‍पाद में नियमित आधार पर हमारे संपर्क में आते हैं।
  • 1

    केमिकल्‍स का सेवन

    कई विषाक्त केमिकल हवा, आहार और दैनिक आधार पर इस्‍तेमाल उत्‍पादों में मौजूद होते हैं। इन केमिकल में से कुछ दूसरों की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं और कुछ के जोखिम का खतरा कई वर्षों बाद पता लगता है। इन केमिकल के बारे में यह पता लगाना आसान नहीं हैं कि कौन सा सुरक्षित है और किससे हमें बचना चाहिए। आइए ऐसे ही कुछ संभावित खतरनाक रसायनों के बारे में जानें, जो आम घरेलू उत्‍पाद में नियमित आधार पर आपके संपर्क में आता है।

  • 2

    बिस्फेनॉल ए (बीपीए)

    बिस्‍फेनॉल प्‍लास्टिक की बोतलों, बच्‍चों की बोतलों और भोजन के डिब्‍बे के अस्‍तर में पाया जाता है। शिकागो के इल्लिनोइस यूनिवर्सिटी में शरीर विज्ञान के प्रोफेसर गेल प्रिंस के अनुसार, ''बिस्फेनॉल ए या बीपीए कहा जाने वाला रसायन नर्म और मुलायम प्लास्टिक के निर्माण में प्रयोग किया जाता है। इस रसायन को पूरी तरह निष्प्रभाव करना लगभग असंभव है।'' सबसे चिंताजनक बात यह है कि गर्भाशय में पल रहे भ्रूण के लिए बीपीए से संपर्क जोखिमभरा हो सकता है। कनाडा के गुएल्फ विश्वविद्यालय के शोधकर्ता नील मैकलस्की के अनुसार, यह पदार्थ धीरे-धीरे शरीर में एकत्रित होकर मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है। image courtesy : getty images

  • 3

    डाइऑक्सिन

    डाइऑक्सिन पर्यावरण केमिकल है, इसका उत्‍पादन घरेलू और औद्योगिक अपशिष्‍ट के जलने पर होता है। यह मिट्टी, सतही जल और पौधे और पशु ऊतक में पाया जाता है। मानव में डाइऑक्सिन का प्राथमिक जोखिम दूषित भोजन के माध्यम से होता है, जो आमतौर पर पशु उत्‍पादों में पाया जाता है, क्‍योंकि यह रासायनिक वसा ऊतकों में जम जाता है। इससे हमारे शरीर में, संभावित, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन का प्रभाव बदल जाता है और यह कुछ तरह के कैंसर के खतरे को बढ़ जाता है। image courtesy : getty images

  • 4

    पारा

    मछली मानव आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड का स्वस्थ स्रोत है, लेकिन मछली में उच्‍च मात्रा में मिनरल पारे की मौजूदगी कई प्रकार की समस्‍याएं पैदा कर सकती है। इसकी उच्‍च मात्रा कुछ विशेष प्रकार की मछलियों जैसे ट्यूना, शार्क, टाइलफिश, स्वोर्डफ़िश, मैकरील में पाई जाती है। पारा जहरीला हो सकता है। पोषण और डायटेटिक्स प्रवक्ता के अमेरिकन अकादमी और पंजीकृत आहार विशेषज्ञ हीथ मांगिएरी की रिपोर्ट के अनुसार, गर्भवती महिलाओं के भ्रूण में समस्याओं को रोकने के लिए मछली के सेवन के बारे में सावधान रहना चाहिए। image courtesy : getty images

  • 5

    परफ्लूओरिनेटेड यौगिक (पीएफसीएस)

    यह यौगिक नॉनस्टिक पैन में पाया जाता है। अगर आप अभी भी पुराना नॉनस्टिक पैन का उपयोग कर रहे हैं तो इसे इस्‍तेमाल न करने का विचार बना लें। नॉनस्टिक के बर्तनों के निर्माण में उपयोग किया जाने वाला परफ्लूओरिनेटेड यौगिक आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए ह‍ानिकारक हो सकता है। इसके अधिक और निरंतर इस्तेमाल का प्रभाव भ्रूण पर पड सकता है, जिससे बच्चे के थायरॉयड हॉर्मोन का स्तर गिरता है और इससे ब्रेन का विकास अवरुद्ध होता है। image courtesy : getty images

  • 6

    एट्राजिन

    पीने का पानी एट्राजिन का प्रमुख स्रोत है, यह सबसे आम कीटनाशको में से एक है जो मक्का, ज्‍वार और शुगरकेन की खेती में वीड्स को नियंत्रित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे आम पीने के पानी को दूषित कर स्‍तन ट्यूमर और प्रोजेक्ट कैंसर के साथ जोड़ा जाता है। image courtesy : getty images

  • 7

    ओर्गनोफॉस्फेट्स

    कृषि के क्षेत्र में सबसे आम और सबसे जहरीले कीटनाशकों में से एक है और इसके संभावित खतरे, जवान बच्‍चों में अधिक देखने को मिलते हैं। क्‍योंकि यह बच्चों के भोजन में पाया जाने वाला पारंपरिक उत्पादों पर प्रयुक्त कीटनाशक है। पर्यावरण कार्य समूह के मुताबिक लगभग 1 लाख से अधिक बच्‍चे 6 साल की उम्र के आसपास प्रत्‍येक दिन असुरक्षित राशि में इसका उपयोग करते हैं। ओर्गनोफॉस्फेट्स का अधिक मात्रा में सेवन करने से बच्‍चों के मस्तिष्‍क पर बुरा असर पड़ता है और प्रजनन समारोह पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ता है। image courtesy : getty images

  • 8

    ग्लाइकोल एथेर्स

    पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के अनुसार, ग्‍लाइकोल ए‍थेर्स आमतौर पर सफाई उत्पादों, तरल साबुन, सौंदर्य प्रसाधन, पेंट और इत्र में मिलाया जाता है। इन के‍मिकल के ज्‍यादा संपर्क में आने से अस्‍थि क्षय और किडनी और लीवर की गंभीर रूप से क्षति हो सकती है। लंबी अवधि के जोखिम में थकान, उल्‍टी, रक्ताल्पता, झटके और एनोरेक्सिया शामिल है। image courtesy : getty images

  • 9

    फ्तहालेटेस

    प्‍लास्टिक का लचीलापन बढ़ाने के लिए इसको इस्‍तेमाल कई प्रकार के प्‍लास्टिक उत्‍पादों जैसे प्‍लास्टिक के कंटेनर, सौंदर्य प्रसाधन, लोशन और प्लास्टिक के खिलौने में पाया जाता है। विषविज्ञानी डॉ पेट्रीसिया रोजेन के अनुसार, फ्तहालेटेस स्रावी डिसरुप्टर्स है, इसका अर्थ यह शरीर में पुरुष और महिला हार्मोंन को दबाने कर कैंसर को जन्‍म देता है। यह विशेष रूप से हार्मोन के प्रति संवेदनशील कैंसर स्‍तन कैंसर का कारण बनता है। साथ ही बच्‍चों के प्‍लास्टिक के खिलौने से एलर्जी, अस्थमा, कमजोरी या फेफड़ों में गड़बड़ी जैसी बीमारियां हो सकती हैं। image courtesy : getty images

  • 10

    आर्सेनिक

    अनियमित पानी की आपूर्ति और चावल में निम्न स्तर में मिला, आर्सेनिक - स्वाभाविक रूप से पाया जाने वाला मिनरल तत्व - यह बड़ी मात्रा में त्वचा की समस्याओं, मतली, उल्टी और दस्त, पेट दर्द, पक्षाघात, अंधापन और अकड़ना पैदा कर सकता है। image courtesy : getty images

  • 11

    परक्लोरेट

    दोनों मानव निर्मित और प्राकृतिक रूप से उत्पन्न परक्लोरेट रॉकेट ईंधन में इस्‍तेमाल होता है, और यह खेतों की मिट्टी, सतह ऊपर और सतह के अंदर पानी में पाया जाता है। परक्‍लोरेट थायराइड के कार्य में हस्तक्षेप कर भ्रूण और नवजात शिशुओं में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के विकास को प्रभावित करता है। पीने के पानी में इसका इस्‍तेमाल होने के कारण यह मानव स्वास्थ्य के लिए एक संभावित खतरा बन गया है।  image courtesy : getty images

Related Slideshows
Post Comment
X
Post Your comment
Disclaimer +
Though all possible measures have been taken to ensure accuracy, reliability, timeliness and authenticity of the information; Onlymyhealth assumes no liability for the same. Using any information of this website is at the viewers’ risk. Please be informed that we are not responsible for advice/tips given by any third party in form of comments on article pages . If you have or suspect having any medical condition, kindly contact your professional health care provider.
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर