मलेरिया के स्वास्‍थ्‍य जोखिम

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 27, 2011
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mosquitoमलेरिया जैसी बीमारी प्राणघातक भी सकती है। आज चिकित्सा पद्धति में हर बीमारी का कोई न कोई इलाज खोज लिया गया है, फिर चाहे वह बहुत ज्यादा कामयाब हो या नहीं। लेकिन एकबारगी राहत देने के लिए काफी है। मौसम बदलते ही हर वर्ष कोई न कोई नई बीमारी पनपने लगती है ऐसे में बीमारियों का समाधान भी जल्द से जल्द करना जरूरी है। मलेरिया स्वास्‍थ्‍य के लिए बहुत खतरनाक बीमारी है। आइए जानें मलेरिया स्वास्‍थ्‍य के लिए कितना जोखिम भरा है।

 

  • मलेरिया खून की लाल रक्त कणिकाओं पर असर डालता है। ऐसे में सेल में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। शरीर के जिस अंग में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, वहीं इसका असर दिखाई देता है।
  • मलेरिया से ब्रेन हैमरेज, लीवर फेल, गुर्दों का खराब होना, लकवा, फेफड़े खराब होना, खूनी दस्त जैसे असर भी हो सकते है।
  • मलेरिया के लक्षणों का पता चलने पर सही समय पर इलाज न कराने से मरीज की मौत भी हो सकती है।
  • जैसे मलेरिया के प्रकार अलग है, वैसे ही मलेरिया के अलग-अलग प्रकारों का इलाज भी अलग ढंग से किया जाता है। ऐसे में गलत इलाज भी मरीज के लिए घातक हो सकता है।
  • आमतौर पर मच्छरों का प्रजनन बढ़ने से मलेरिया का फैलाव होता है। मलेरिया एक परजीवी से फैलने वाला संक्रमण है, जो संक्रमित मच्छर द्वारा लोगों को काटने से होता है। जब मच्छर इंसान की त्वचा से खून चूसता है, ये परजीवी शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। फिर ये लीवर में चले जाते हैं और वहाँ पर बिना कोई लक्षण प्रकट किए अपनी संख्या बढ़ाने लगते हैं।
  • 8-9 दिनों के बाद जब परजीवी बड़े हो जाते हैं तब लाल रक्त कोशिकाओं पर हमला कर देते हैं। यहां ये फिर और तेजी से अपनी संख्या बढ़ाते हैं और लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करना आरंभ कर देते हैं।
  • मलेरिया परजीवी हर व्यक्ति पर अलग-अलग रूप में प्रभाव डालते है। इन प्रभावों का असर मलेरिया से ग्रसित होने वाले रोगी की उम्र और उसकी प्रतिरक्षा क्षमता पर निर्भर करता है।
  • पांच साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चे, 65 साल या उससे अधिक उम्र के वृद्व, एड्स ग्रसित मरीज, लंबे समय से बीमार लोगों में मलेरिया का अधिक जोखिम होता है।
  • मलेरिया से शरीर का कोई भी अंग लकवाग्रस्त तक हो सकता है। इतना ही नहीं समय से इलाज न मिलने पर मरीज को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ सकता है।


समय रहते मलेरिया की चिकित्सा ना होने पर मलेरिया बढ़ सकता है। यदि आप मलेरिया के जोखिम से बचना चाहते हैं, तो आपको समय रहते सही देखभाल और इलाज की जरूरत है।

 

 

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