रोजमर्रा के रेडिएशन के ये स्रोत कैसे पहुंचाते हैं नुकसान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 03, 2015
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • घरों मे पाये जाते है रेडिएशन के कारक।
  • माइक्रोवेव, सिगरेट, स्कैन होता है स्रोत।
  • कैंसर, बांझपन जैसी बीमारियों का खतरा
  • सावधानी ही रेडिएशन का बचाव होती है।

रेडियोधर्मी पदार्थों से निकलने वाले मैग्नेटिक तरंगों से न केवल हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है वरन् परमाणु संयंत्रों से फैलने वाले विकिरण से गंभीर बीमारियों की आशंका दिखाई देने लगी है।यूं तो रेडिएशन को मुख्यत परमाणु संयंत्र से ही जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हम रोजमर्रा की जिंदगी में कहीं ज्यादा रेडिएशन झेल रहे हैं।
Radiation in Hindi

घरों मे विकिरण के स्रोत

मोबाइल, माइक्रोवेव, सिगरेट, सीटी स्कैन, वॉशिंग मशीन, डिश वॉशर, वैक्यूम क्लीनर, लैपटॉप से लेकर साधारण से दिखने वाले हेयर ड्रायर से भी इलेक्ट्रिक मैग्नेटिक तरंगे निकलती हैं।  यहां तक कि अपने शरीर और केला खाने से भी हम विकिरण को अपने शरीर पर झेल रहे हैं। रेडिएशन यानी रेडियोधर्मी पदार्थों से निकलने वाली मैग्नेटिक तरंगों से होने वाला विकिरण है। यह विकिरण हमारे शरीर के लिए खतरनाक है। रेडिएशन के कारण रेडियोधर्मी तत्व मिट्टी पर बैठ जाते हैं और पानी में घुल जाते हैं। इसके प्रभाव वाले इलाके में पौधे नहीं पनप पाते। दुनिया में गर्मी बढ़ जाती है। अर्थात् रेडिएशन से ग्लोबल वार्मिंग की प्रक्रिया तेज हो जाती है।

Radiation in Hindi

किस मात्रा मे रेडिएशन

वैज्ञानिक रेडिएशन की मात्रा को Millisieverts यानी mSv1 में मापते हैं। केले - .0001,डेंटल एक्स - रे - 0.005,एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र के 50 मील की दूरी के भीतर रहते हैं - 0.01 (प्रति वर्ष),लॉस एंजिल्स के लिए न्यूयॉर्क से उड़ान - 0.04,सिगरेट का एक पैक - 0.08,चेस्ट एक्स रे - 0.1
समुद्र के स्तर पर रहते हैं - 0.25 (प्रति वर्ष),मेमोग्राम - 0.3,एबडॉमिनल (पेट का) सीटी स्कैन - 14 मे रेडिएशन की मात्रा पायी जाती है।

इससे होने वाली बीमारियां

मोबाइल के रेडिएशन से  कैंसर, आर्थराइटिस, अल्जाइमर और हार्ट डिसीज का खतरा बढ़ गया।रेडिएशन की लगातार ज्यादा मात्रा स्वास्थ्य को गंभीर रूप से खराब कर सकती है। इसके दुष्प्रभावों में कैंसर से लेकर तो बांझपन और गर्भपात तक होने के प्रारंभिक सबूत हैं। जिस तरह माइक्रोवेव ओवन में पकाए जाने वाले भोजन में मौजूद पानी इस विकिरण के असर से सूख जाता है, उसी तरह मोबाइल फोन का रेडिएशन खून की क्वालिटी और दिमाग की कोशिकाओं को प्रभावित करता है। यही नहीं मोबाइल टॉवरों के नजदीक रहने वाली गर्भवती महिलाओं के होने वाले बच्चों पर भी रेडिएशन का गहरा असर पड़ता है। रेडिएशन के कारण सेल्स और टिश्यूज़ का विकास प्रभावित होता है और इसका सबसे ज्यादा असर गर्भवती महिलाओं, नवजात और बढ़ते बच्चों पर पड़ता है।

सावधानी ही रेडिएशन का बचाव होती है।घर के बेहद नजदीक लगे मोबाइल टॉवरों से निकलने वाला रेडिएशन लोगों को बीमार बना रहा है।

Image Source- Getty Images

Read More Article on Cancer in Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES11 Votes 2617 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर