कैसे करें बच्चों के हाथों की देखभाल

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 20, 2013
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • बच्‍चों को अच्‍छी तरह हाथ धोना जरूर सिखायें।
  • भोजन से पहले और शौच के बाद हाथ धोना जरूरी।
  • हाथ धोने से रहती हैं कई संक्रामक बीमारियां दूर।
  • हाथ और पैर के नाखूनों की सफाई भी है जरूरी।

हाथों की सही देखभाल के लिए उनका साफ और स्‍वच्‍छ रहना जरूरी है। हाथ धोना उसी की एक हिस्‍सा है। आइए जानें कैसे आप अपने बच्‍चों के हाथों की सही देखभाल कर सकते हैं।

kid hand washingहाथों की देखभाल के लिए हाथ धोना और सही प्रकार से हाथ धोना बहुत जरूरी होता है। आप अपने बच्‍चे को यह सेहतमंद आदत सिखा सकते हैं। कीटाणुओं से बचने के लिए यह सबसे आसान उपाय माना जाता है। बच्‍चे आपको देखकर ही सीखते हैं। आपको चाहिये कि आप बच्‍चों के साथ हाथ धोयें, ताकि वह अच्‍छी तरह हाथ धोने का तरीका सीख सकें। और साथ ही उन्‍हें इस आदत की महत्ता का भी पता चल सके।


लिक्‍विड सोप है बेहतर

अच्‍छा रहेगा अगर आप हाथ धोने के लिए लिक्विड सोप का इस्‍तेमाल करें। यह सामान्‍य साबुन के मुकाबले कीटाणुओं से लड़ने में अधिक शक्तिशाली होते हैं। अपने बच्‍चे को सिखायें कि कम से कम 15 सेकेण्‍ड हाथ जरूर धोने चाहिये। आप अपने बच्‍चो को कोई राइम, जैसे दो बार हैप्‍पी बर्थडे गाते हुए हाथ धोने को कहें, इससे वह हाथ धोने में पर्याप्‍त समय लगाएगा।


हाथ धोने का सही तरीका

इस बात का ध्‍यान रखें कि हाथ धोते समय आपका बच्‍चा अच्‍छी तरह झाग बनाये। और अपने हाथों को पर्याप्‍त समय तक धोये। इस दौरान वह हाथों को दोनों ओर से नाखूनों और उंगलियों के बीच से भी अच्‍छी तरह साफ करे। इसके बाद पानी से अच्‍छी तरह से हाथ धोये और एक साफ व सूखे तौलिये से हाथ साफ करे। उसे उंगलियों के बीच से भी हाथ साफ करना सिखायें।


इस बात का रखें ध्‍यान

शौचालय, विशेषकर सार्वजनिक शौचालय के दरवाजे के हैंडल पर भी काफी कीटाणु होते हैं। अपने बच्‍चे को सिखायें कि वह हाथ धोने के बाद सीधा इस हैंडल को न छुये। ऐसा करने से उस पर मौजूद कीटाणु बच्‍चे के हाथ पर लग जाएंगे और फिर हाथ धोने का कोई फायदा नहीं होगा। बेहतर होगा कि तौलिये अथवा टिशू पेपर को हाथ में पकड़कर ही शौचालय का दरवाजा खोला जाए।

 

सेनेटाइजर

जब आसपास साबुन और पानी मौजूद न हों, तो अपने बच्‍चे को हाथ साफ करने के लिए हैंड सेनेटाइजर दें। यह भी कीटाणुओं के खात्‍मे में बहुत उपयोगी होते हैं। यह फौरन सूख जाते हैं इसलिए इसके बाद आपके बच्‍चे को हाथ पोंछने की भी जरूरत नहीं होती।

कब-कब धोयें हाथ

अपने बच्‍चे को सिखायें कि शौच के बाद, खाने से पहले और बाद में हाथ साबुन से जरूर धोयें। यह एक अच्‍छी आदत है और इससे उसका स्‍वास्‍थ्‍य भी अच्‍छा रहेगा।

नाखूनों की देखभाल है जरूरी

नाखून हमारी उंगलियों के ऊपरी हिस्‍से के लिए सुरक्षा कवच की भांति काम करते हैं। आपके नाखून आपकी आदत और सेहत के बारे में काफी कुछ बता देते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप अपने और अपने बच्‍चे के नाखूनों का सही खयाल रखें। उन्‍हें साफ और सही आकार में रखें।



आपके लिए जरूरी है कि आप अपने बच्‍चे को नाखूनों की देखभाल के बारे में कुछ जरूरी बातों से अवगत करायें। आपके बच्‍चे में नाखूनों से जुड़ी कुछ बुरी आदतें हो सकती हैं, जैसे-

  • मुंह से नाखून काटना और चबाना
  • लंबे नाखून रखना
  • अपने हाथों को लंबे समय तक पानी में रखना या गीले हाथ रखना।



नाखूनों के जरिये संक्रमण फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। भोजन करते समय नाखूनों पर बैठे बैक्‍टीरिया हमारे पेट में चले जाते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपने बच्‍चों को नाखूनों की सही प्रकार से देखभाल करने के टिप्‍स बतायें।

कैसे करें बच्‍चों के नाखूनों की सही देखभाल-

  • अगर आपका बच्‍चा बड़ा है, तो अपने बच्‍चे को नाखूनों के बीच सही प्रकार से सफाई करने का तरीका जरूर सिखायें।
  • पालतू जानवर से खेलने, कूडा फेंकने और खांसने व छींकने के बाद भी बच्‍चों के हाथ जरूर धोयें।
  • बच्‍चे को हाथ पोंछने का सही तरीका सिखायें।
  • बच्‍चे के पैरों के नाखूनों का भी पूरा ध्‍यान रखें। नाखूनों को छोटा रखने के लिए उन्‍हें काटते रहें।
  • बच्‍चे को अच्‍छी तरह पैर साफ करना सिखायें और हाथ पैरों पर माश्‍चराइजर लगाते रहें।
  • नाखून सीधे काटें। और कभी नाखूनों को बहुत छोटा न काटें।

बाल रोग विशेषज्ञ ऐसी सलाह देते हैं कि ऐसे नेलकटर्स का इस्तेमाल करें जो सिर्फ बच्चों  के लिए बनाये गये हों कुछ ऐसी बातें जिनका आपको ख्याल रखना चाहिए

  • नवजात शिशु के नाखून बहुत ही जल्दी बढ़ते हैं और इन्हें हफ्ते में कम से कम दो बार जरूर काटना चाहिए जिससे कि वह स्वयं को स्क्रैच करने से बच सकें ।
  • नेल फाइल के सहारे नाखून के नुकीले किनारों को समतल बनाने की कोशिश करें ।
  • ऐसी सलाह दी जाती है कि नाखूनों को तभी काटें जबकि बच्चा  सो रहा हो या तुरंत नहाने के बाद इस्तेमाल करें ।
  • ध्यान रखें कि आप ठीक प्रकार से नाखून काटें जिससे की बच्चे की त्वचा को किसी भी प्रकार की क्षति ना होने पाये।
  • बच्चों के अंगूठे के नाखूनों को काटना थोड़ा मुश्किल होता है क्यों कि उसके आसपास की त्वचा थोड़ी सख्त होती है।
  • शिशुओं के अंगूठों के नाखून सामान्य नाखूनों की तुलना में धीमी गति से बढ़ते हैं और इन्हें महीने में कम से कम दो बार काटना चाहिए ।
  • नाखूनों को काटने के लिए मोटे किनारों वाले नेलकटर या कैंची का इस्तेमाल करें ।

 

Read More Articles on Hand Care in Hindi

 

Write a Review
Is it Helpful Article?YES5 Votes 12537 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर