जीवन में धन्‍यवाद कहने का कैसे करें अभ्‍यास

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 02, 2014
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Quick Bites

  • धन्‍यवाद कहने के लिए नियमित इसका अभ्‍यास करें।
  • आभार प्रकट करने वाले अच्‍छे शब्‍दों को जरूर लिखें।
  • विभिन्‍न तरह की पत्रिकाओं के जरिये शब्‍दों को तलाशें।
  • संभलकर बोलिये और खुद को प्रेरित भी कीजिए।

आभार प्रकट करना, धन्‍यवाद देना ऐसी स्‍वाभाविक प्रक्रिया है जो हमारे व्‍यवहार के साथ हमारे अवचेतन मन पर भी असर करता है। अगर हम रोजमर्रा की जिंदगी में आभार का अभ्‍यास करें तो इससे अच्‍छी नींद आयेगी और इम्‍यून सिस्‍टम भी मजबूत होगा। कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिक विभाग द्वारा किये गये शोध में यह बात सामने आयी कि रोजमर्रा की जिंदगी में धन्‍यवाद कहने के लिए अभ्‍यास करने से नींद अच्‍छी आती है और इम्‍यून कि क्रिया प्रणाली बेहतर होती है। इस लेख में विस्‍तार से जानें कैसे करें धन्‍यवाद कहने का अभ्‍यास।

 

Gratitude in Hindi
अच्‍छे शब्‍दों को लिखें

धन्‍यवाद लिखने का अभ्‍यास कीजिए। केंट स्‍टेट यूनिवर्सिटी द्वारा 2011 में किेये गये शोध की मानें तो जो लोग आभार और धन्‍यवाद जैसे शब्‍दों को लिखने का अभ्‍यास करते हैं वे अधिक खुश रहते हैं और उनके परिवार और दोस्‍तों के साथ उनके रिश्‍ते भी मधुर होते हैं। इसलिए अगर आप धन्‍यवाद जैसे शब्‍दों की अहमियत को बेहतर तरीके से समझना चाहते हैं तो नियमित रूप से 15-20 मिनट तक इसे लिखने का अभ्‍यास कीजिए।

पत्रिकाओं के जरिये

ऐसी पत्रिकाओं को पढ़ने का अभ्‍यास कीजिए जिसमें धन्‍यवाद और आभार प्रकट कराने वाले लेख हों। ऐसी कहानियां हो जिनको पढ़ने के बाद आपको खुशी मिले ओर उनसे आप प्रोत्‍साहित हों। ऐसी पत्रिकाओं से आभार और धन्‍यवाद से जुड़े शब्‍दों को निकालकर उन्‍हें अपने शब्‍दों में लिखने की कोशिश करें। इससे आपके आभार प्रकट करने वाले शब्‍दों की संख्‍या बढ़गी।

संभलकर बोलें

जो भी बोलें संभलकर बोलें, ऐसे शब्‍दों का प्रयोग करें जिससे व्‍यक्ति को दुख न हो। बल्कि आपसे बात करने के बाद आप और उस इनसान दोनों को खुशी मिले। आप एक-दूसरे को उनकी सही भावनाओं और अच्‍छे विचारों के लिए याद रखें।
Practice Gratitude in Hindi

खुद को प्रेरित करें

दूसरे के प्रति सम्मान की भावना लाने के लिए जरूरी है खुद को प्रेरित कीजिए। इसके लिए आप किताबों का सहारा ले सकते हैं, ऐसी किताबें पढ़ें जिसमें प्रेरणादायी जानकारी हो। ऐसे व्‍यक्ति की जीवनी पढि़ये जिसके विचार और आचरण से लोगों को प्रेरणा मिली हो, जिसने अपने व्‍यवहार से लोगों का दिल जीता हो।

एक बार आपने अगर अपने अंदर आभार प्रकट करने की भावना का विकास कर लिया, तो यह आपकी दिनचर्या का हिस्‍सा बन जायेगा। इससे आपकी पूरी जिंदगी खुशहाल हो जायेगी।

image source - getty images

 

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