गोट योग, योग करने का एक नया तरीका

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 11, 2017
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

- गोट योगा तनाव को दूर करता है।
- गोट योगा थैरेपी के माफिक है।
- गोट योगा दुनिया से इतर है।

हालांकि यह अविश्वसनीय लगता है कि गोट यानी बकरी और हम दोनों ही योगा लविंग सोसाइटी का हिस्सा है। शायद यही वजह है कि गोट योगा की यह अवधारणा तेजी से फैल रही है। दिलचस्प बात यह है कि लोग इसे धड़ल्ले से स्वीकार भी कर रहे हैं। जैसा कि आलिंगन हमारे लिए नया नहीं है इसी तरह गोट योगा भी है। यह भी उतना ही कारगर है जितना कि आलिंगन।

goat yoga

विशेषज्ञों की मानें तो गोट योगा बेहतरीन है। सिर्फ इसलिए नहीं कि इसके तहत हम योगा करते हैं बल्कि इसलिए भी क्योंकि प्रकृति का मिश्रण भी है। इसमें योग के दौरान गोट हमारे साथ होता है। गोद यानी बकरी एक जानवर होने के साथ साथ प्राकृति का अभिन्न हिस्सा भी है। इसका मतलब यह है कि हम योगा करते हुए प्रकृति से जुड़े होते हैं।

इसे भी पढ़ेंः स्‍त्री रोग और मधुमेह में फायदेमंद है गोमुखासन


सवाल ये उठता है कि गोट योगा की शुरुआत कहां से हुई? एल्बेनी से ताल्लुक रखने वाली लेनी मोर्से की देन है गोट योगा। गोट योगा की शुरुआत लेनी मोर्से ने अपने छोटे से फार्म से की थी जहां वह एक रोज बच्चे का जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही थी। वहीं उसे उसकी मां ने सुझाव दिया कि वह चाहे तो यहां योगा क्लासेस को बढ़ावा दे सकती है। लेकिन उसके सुझाव में यह भी जुड़ा था कि वह इसमें कुछ नया शामिल करे। कुछ ऐसा शामिल करे जो योगा भी और प्रकृति से जुड़ाव का भी अहसास दे। लेनी मोर्से के पास अपनी आठ बकरियां थीं जिन्होंने उन्हें कुछ अलग करने की प्रेरणा दी।

लेनी मोर्से के मुताबिक, हां मुझे योगा क्लासेस शुरु करनी चाहिए। लेकिन साथ में अपनी बकरियों को भी रखना चाहिए जो कि हमें प्राकृति से जुड़ाव का अहसास देगी।’ इस अवधारणा को हवा लगते ज्यादा समय नहीं लगा। मोर्से कहती है कि इस सेशन की शुरुआत होने के बाद से लेकर अब तक तमाम लोगा इसमें शामिल हो चुके हैं और रोजाना ऐसे लोगों में इजाफा हो रहा है जो गोट योगा में शामिल होने की चाह से आ रहे हैं। मोर्से कहती है, ‘ गोट योगा करते हुए जब लोगों के पास बकरी आती है तो उनका चेहरा देखने लायक होता है। हालंाकि यह योगा के दौरान अटकन होती है। लेकिन इसे हम प्यारी अटकन का नाम दे सकते हैं।’

इसे भी पढ़ेंः खर्राटे आना बंद हो जाएंगे, अगर करेंगे ये 2 योग

गोट योगा उन लोगों के लिए भी असरकारक है जो डिप्रेशन, तनाव और फ्रस्ट्रेशन का शिकार हैं। मोर्से के शब्दों में, ‘मैं उन लोगों को गोट योगा के लिए खास हिदायत देती हूं जो अकसर तनाव से ग्रस्त रहते हैं। प्रकृति के नजदीक आने का अहसास तनाव को कम करता है।’ इसके अलावा जिन लोगों के किसी न किसी तरह का विकार है या फिर कोई शारीरिक कमी है, वे भी इसकी मदद ले सकते हैं। इससे उन्हें खुशी का अहसास होगा। हालंाकि यह किसी भी तरह की बीमारी को जड़ से खत्म नहीं करता और न ही बीमारी को ठीक करने में इसकी कोई खास भूमिका है। लेकिन जो खुशी गोट योगा देता है, उसकी कोई तुलना नहीं है। मोर्से गोट योगा का सुझाव इसलिए देती है ताकि लोग खुश रहें और आने वाली बीमारी उनसे कोसो दूर जा सके।

मोर्से गोट योगा को निजी स्तर पर अलग अलग ढंग से देखने को कहती हैं। वह कहती हैं, ‘ डेढ़ साल पहले जब मैं आटोइम्यून डिस्आर्डर से गुजर रही थी तब वह समय मेरे लिए काफी टफ था। मेरे लिए सहज रहना आसान नहीं था। उन्हीं दिनों में रोजाना घर जाती थी और घंटों अपनी बकरियों के साथ रहती थी। सही मायनों में उन बकरियों ने मेरे जीवन में थैरेपी का काम किया। जो असर दवाएं नहीं दिखा पा रही थीं, वही असर उन बकरियों ने दिखाया था। यही कारण है कि मेरे लिए गोट योगा बहुत महत्व रखता है। मेरा इसीलिए मानना है कि यह पूरी तरह से निजी स्तर पर लोगों की अपनी सोच हो सकती है कि गोट योगा उन्हें कितना पसंदहै और कितना नहीं।’

गोट योगा के तहत योगा करने वाले व्यक्ति के ऊपर बकरी का बच्चा या फिर बकरी उछलती है या फिर चलती है। इससे योगा करता हुआ व्यक्ति बकरी के नजदीक खुद को महसूस करता है और कुछ देर के लिए सही लेकिन दुनिया के तमाम तनाव से दूर हो जाता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Yoga Related Articles In Hindi

Write a Review
Is it Helpful Article?YES999 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर