थकान, बेचैनी और नींद न आने से राहत पाने का चमत्कारिक तरीका

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 14, 2017
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Quick Bites

  • वर्तमान में हर कोई है थकान और नींद न आने से परेशान।
  • ऐसे में परिवृत्त जानू शीर्षासन कर पाएं इससे छुटकारा।
  • ये शीर्षासन पुराने से पुराने कब्ज से भी दिलाती है राहत।

स्मार्टफोन, लैंपटॉप, दोस्तों के साथ हैंगआउट, सुबह ऑफिस जाना, शाम को ऑफिस से आना... आदि ये सारी शहरी जीवन के लक्षण है। ये लाइफ हर युवा की पसंदीदा लाइफ है। लेकिन आपको मालुम है इस लाइफ ने लोगों की पूरी जिंदगी को बीमारी का घर बना दिया है। कैसे?


ऐसे...


क्या आप हमेशा थकावट महसूस करते हैं?
अचानक से आप बेचैन हो जाते हैं?
क्या आप आधी रात तक बिस्तर में करवट बदलते रहते हो और सुबह तक ही नींद आ पाती है?


इन तीन सवालों का जवाब अगर हां है तो आप बीमार हो। वर्तमान में अधिकतर लोगों की सबसे बड़ी शिकायत नींद ना आना है। हमेशा लोगों को थकावट रहती है और अचानक से बेचैन हो जाते हैं। ये तीनों लक्षण बीपी, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण है जिन पर समय रहते कंट्रोल नहीं किया तो बीमारी को दावत दे देते हैं। तो इन बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए इन लक्षणों पर रोक लगाए।

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कैसे?


आसान सा उपाय है। परिवृत्त जानू शीर्षासन करें। इस शीर्षासन के बारे में इस लेख में विस्तार से पढ़ें।


परिवृत्त जानू शीर्षासन के फायदे

  • इस शीर्षासन से कंधे और रीढ़ की मांसपेशियों में खींचाव पैदा होता है जिससे कंधे के दर्द और रीढ़ की मांसपेशियों में दर्द की समस्या नहीं होती।
  • इस शीर्षासन को करने से किडनी और लीवर उत्तेजित होते हैं जिससे लिवर और किडनी की समस्या नहीं होती।
  • पाचनशक्ति सक्रिय करता है जिससे पुराने से पुराने कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।
  • पसलियों व डायाफ्राम मांसपेशियों के तनाव को कम करता है जिससे श्वसन प्रणाली ठीक होती है।
  • थकान  और चिंता से मुक्त करता है और दिमाग को शांति प्रदान करता है जिससे अनिद्रा से राहत मिलती है।
  • सिरदर्द और पीठदर्द भी ठीक करता है।

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इस तरह से करें परिवृत्त जानू शीर्षासन

  • इस शीर्षासन को करने के लिए बद्धकोणासन से शुरु करें। सबसे पहले बाहर की तरफ अपने बाएं पैर को फैलाएं।
  • दाएं पैर को कुछ इस तरह से मोड़ें जिससे की वो जांघ का अंदरुनी हिस्से के पास हो।
  • अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए कंधों को पीछे की तरफ इस तरह से झुकाएं कि वो पैरों के घुटनों को टच करे।
  • फिर एक हाथ की कोहनी को जमीन पर रखे व दूसरे हाथ को सिर के ऊपर से ले जाएं और इस स्थिति में ही दोनों हाथों से बाएं पैर की एड़ी को पकड़े।
  • अब इसी स्थिति में 30 सेकंड्स से 1 मिनट तक रहें।
  • उसके बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आएं और फिर दूसरी तरफ से ये प्रक्रिया दोहराएं।


नोट- एक बार किसी योगा मास्टर से ये योगा करना सीख लें। क्योंकि गलत तरीके से योगा करने से फायदे की जगह नुकसान हो जाता है।


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