गर्भावधि मधुमेह का गर्भावस्था पर प्रभाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 17, 2011
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Quick Bites

  • मधुमेह या पिछले तीन महीने मे शर्करा नियंत्रण के स्तर की जांच जरूरी।
  • गर्भावधि मधुमेह का कोई पुराना इतिहास हो सकता है इसका बढ़ा कारण।
  • हिमोग्लोबिन, रक्त समूह और टाइपिंग संक्रमण की जांच भी है जरूरी।
  • रक्त शर्करा के स्तर के नियंत्रण व उचित देखभाल कर संभव है सामान्य प्रसव। 

गर्भावधि मधुमेह मां और गर्भस्थ शिशु दोनो को प्रभावित कर सकता है। गर्भावधि मधुमेह गर्भावस्था के दौरान शिशु के विकास में जटिलताएं उत्पन्न कर सकता है। आइये जानें गर्भावधि मधुमेह और गर्भावस्था पर इसका प्रभाव।

Gestational Diabetes and Pregnancy

बिना सभी परिक्षण और चांच के यह दावे से कहना संभव नही है कि आपको गर्भावस्था मधुमेह विकसित होगा या नही। हां कुछ बातें इसकी संभावना को जरूर बढ़ा देती हैं। जैसे गर्भावधि मधुमेह का कोई पुराना इतिहास या गर्भवती का अधिक वजन आदि। कई महिलाओं में गर्भावधि मधुमेह होने के सभी जोखिम कारको की पहचान नहीं हो पाती। इसी तरह कई महिलाओं में गर्भावधि मधुमेह होने के कई कारक हो सकते हैं, जो बिमारी के रूप में विकसित नहीं होते हैं।

गर्भावस्था के दौरान गर्भावधि मधुमेह के खतरे को विकसित करने के निम्न कारक हो सकते है:-

 

  • अधिक वजन होना या गर्भावस्था से पहले मोटापा (अगर आपके शरीर का वजन जितना होना चाहिए उससे 20 प्रतिशत अधिक है)।
  • कुछ प्रजातिय या सजातीय समुदाय की महिलाओं में बढ़ते खतरे (हिसपेनिक, काला, मूल अमेरिकी या एशियाई)।
  • आपके यूरिन में शर्करा की उपस्थिति।
  • परिवार में पहले किसी को मधुमेह का इतिहास (जैसे कि आपके माता–पिता या भाई बहन मे से पहले किसी को मधुमेह हो)।
  • एक बच्चे का जन्म लेते ही मर जाना या पहले बच्चे के जन्म के समय कोई समस्या होना।
  • पिछली गर्भावस्था में गर्भावस्था मधुमेह का कोई इतिहास।  

   

अगर आप गर्भधारण करने की योजना बना रही है तो अपने रक्त शर्करा की जांच करवाएं। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि गर्भधारण के दौरान उच्च रक्त शर्करा का स्तर तीन महीनो में कई जन्म त्रुटियां और गर्भपात होने की संभावना बढ़ा सकता है। अगर आप गर्भवती है तो डॉक्टर जांच करवाने की सलाह दे सकता है। पहले या दूसरे तीन महीनो में इसकी जांच करवाई जा सकती है। अगर भोजन से पहले या भोजनोपरांत जांच में शर्करा अनियमित रूप से उच्च है तो जांच के परिणामों के आधार पर इसका उपचार किया जाता है।

गर्भावधि मधुमेह के लिए कुछ अन्य परिक्षण -

 

  • मधुमेह या पिछले तीन महीने मे शर्करा नियंत्रण के स्तर की जांच।
  • गुर्दा या गुर्दा संबंधी कार्य परिक्षण जांच।
  • पेशाब कार्य प्रणाली संबंधी जांच।
  • अल्ट्रासाउण्ड, गर्भस्थ शिशु की अत्याधिक वृद्धि और विकास या भ्रूण के आंकलन या तंदरूस्ती की जांच।

 

गर्भावधि मधुमेह के कारण मां को कुछ जटिलताओं का समाना करना पड़ सकता है, जैसे-

  • मां में संभावित जटिलताएं
  • प्रीकाम्पसीआ (एक स्थिति है जिसमें रक्तचाप बढ़ जाता है और गर्भावस्था के 20 सप्ताह के बाद मूत्र मे अतिरिक्त प्रोटिन की उपस्थिति हो जाती है)।
  • मूत्र संबंधी संक्रमण
  • प्रसव में जटिलताएं
  • प्रसव के लिए सिजेरियन

 
 
अगर आप अपने प्रसूति विषेशज्ञ के अलावा अन्य स्वास्थ्य विषेशज्ञों से गर्भावधि मधुमेह का उपचार कराना चाहती है तो अपने स्वास्थ्य प्रबंधन में एक आहार विषेशज्ञ, एक पेशेवर नर्स व एक एंडोस्रीनोलॉजिस्ट या डायबिटोलॉजिस्ट विषेश रूप से टीम में होने चाहिए। अगर आप इंसुलिन ले रही हैं तो एक एंडोस्रीनोलॉजिस्ट या डायबिटोलॉजिस्ट का अपकी चिकित्सा टीम में होना जरूरी हो जाता है। आपके प्रसूति विशेषज्ञ आपको ग्लूकोज़ मीटर के साथ रक्त की जांच करना सिखाएंगे। डायटिशियन आपके आहार और गर्भावधि मधुमेह पर इसके प्रभाव के विषय में मार्ग दर्शन करेगा। प्रसव के दौरान एक न्यूनोटोलोजिस्ट (नवजात की देखभाल में विशेषज्ञ) बच्चे की देखभाल में मदद करता है।


गर्भावस्था के दौरान आधारभूत जांच पड़ताल जिसमें नियमित मूत्र जांच, अल्ट्रासाउण्ड, रक्त में हिमोग्लोबिन की जांच, रक्त समूह और टाइपिंग संक्रमण जांच आदि सभी महिलाओं में होती है। यह सभी परिक्षण सुनिष्चित रूप से मां और गर्भस्थ शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के लिए किये जाते हैं। इसके अतिरिक्त रक्त शर्करा का परिक्षण (भोजन से पहले और भोजनोपरांत) सभी महिलाओ में मधुमेह की जांच के लिए होता है। यह परिक्षण गर्भावस्था में पहले और दूसरे तीन महीनो में किए जाते हैं। अगर भोजन से पहले और भोजनोपरांत में रक्त शर्करा की जांच में यह उच्च है तो ग्लूकोज सहिश्णुता परिक्षण द्वारा पुष्टि करें। विषेशज्ञों के अनुसार सभी गर्भवती महिलाओं को उनकी उम्र और जोखिम कारकों का विचार किए बिना गर्भावधि मधुमेह की जांच करवानी चाहिए। क्योंकि गर्भावधि मधुमेह के सभी मामलों के निदान के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है। गर्भावधि मधुमेह प्रसव और प्रसव क्रिया को कैसे प्रभावित कर सकता है।


 
गर्भावधि मधुमेह की अधिकतर महिलाए एक सामान्य गर्भावस्था के साथ और बिना किसी समस्या के बच्चे को जन्म दे सकती हैं। गर्भावधि मधुमेह की ज्यादातर समस्याओं को रोका जा सकता है यदि रक्त शर्करा के स्तर का नियंत्रण कर उचित देखभाल की जाए।

 


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