गर्भावधि मधुमेह में लें ये आहार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 10, 2011
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Quick Bites

  • जेस्टेशनल मधुमेह में संतुलित आहार बच्चे के विकास के लिए जरूरी।
  • समय पर भोजन ग्लूकोज के स्तर को कम या अधिक होने से रोकता है।
  • रोज 300 अतिरिक्त कैलोरी बच्चे के गर्भ में विकास के लिए पर्याप्त।
  • चीनी के खाद्य पदार्थों जैसे शीतल पेय, फलों के रस, और पेस्ट्री से बचें।

यदि किसी को जेस्टेशनल डायबिटीज़ है तो उसे किस प्रकार का आहार लेना चाहिए?

सभी गर्भवती महिलाओं को एक अच्छा संतुलित आहार खाने की जरूरत है। यह दोनों माँ और गर्भ में बढ़ रहे और विकसित हो रहे बच्चे के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। आहार जेस्टेशनल मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में और अधिक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन जाता है। संतुलित आहार और सही समय पर लेने से आपकी रक्त शर्करा (ग्लूकोज) के स्तर को बहुत अधिक या बहुत कम होने से रोक सकते हैं। अच्छी तरह से भोजन करने से भी आप रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन की जरूरत से बचने में मदद  कर सकते हैं।

Healthy Food
आपका चिकित्सक और आहार विशेषज्ञ आपको खाद्य पदार्थों या आप के लिए सही आहार के बारे में आपका मार्गदर्शन कर सकते हैं।
•    गर्भावस्था के पहले और दौरान आपका वजन (आमतौर पर सामान्य वजन या कम वजन वाली महिलाओं की तुलना में मोटी गर्भवती महिलाओं को कम कैलोरी के आहार की जरूरत होती है)
•    आपकी गर्भावस्था के सप्ताह (गर्भावस्था की दूसरी या तीसरी तिमाही की तुलना में गर्भावस्था के शुरुआती हिस्से में महिलाओं को कम कैलोरी की जरूरत होती है)
•    आपके बच्चे का विकास
•    आपकी गतिविधि और व्यायाम का स्तर

आपको याद रखना चाहिए कि जब आप गर्भवती हैं तो आपको "दो के लिए" या "दोगुनी जितनी हो सके कैलोरी" खाने की जरूरत नहीं है। लगभग 300 अतिरिक्त कैलोरी प्रतिदिन आपके स्वस्थ वजन और आपके बच्चे के गर्भ में विकास के लिए पर्याप्त हैं।


जेस्टेशनल डायबिटीज़ से पीड़ित महिलाओं के लिए आहार की सलाह

स्वस्थ भोजन की विभिन्न किस्में खाएं। सामान्य रुप से, वसा और प्रोटीन में संतुलित हो और कार्बोहाइड्रेट के नियंत्रित स्तर में हों। आपके आहार में फल, सब्जियां और जटिल कार्बोहाइड्रेट जैसे (रोटी, अनाज, पास्ता, और चावल) में बहुल होना चाहिए। चीनी में समृद्ध खाद्य पदार्थों जैसे शीतल पेय, फलों के रस, और पेस्ट्री से बचें।

  • कार्बोहाइड्रेट: आपके आहार में कार्बोहाइड्रेट को कैलोरी आपकी जरूरत के आधे से कम प्रदान करनी चाहिए। खाद्य पदार्थ जैसे रोटी, चावल, पास्ता, अनाज, आलू, मटर, मक्का, फल, फलों का रस, दूध, दही, कुकीज़, कैंडी कार्बोहाइड्रेट में समृद्ध होती हैं। आपको अधिमानतः उच्च फाइबर, पूरे अनाज वाले कार्बोहाइड्रेट खाने चाहिए। ये खाद्य पदार्थ धीरे पचते हैं, अधिक स्वस्थ होते हैं और रक्त शर्करा के स्तर में तीव्र वृद्धि को रोकते हैं। कुछ सब्जियां जैसे गाजर, ब्रोकोली, और पालक में कार्बोहाइड्रेट होते हैं, लेकिन ये फाइबर में प्रचुर होते हैं, अपने स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं और आपके रक्त शर्करा में जुड़ते नहीं हैं।
  • अनाज, सेम और स्टार्चयुक्त सब्जियां:  रोटी, अनाज, सेम, चावल, और स्टार्चयुक्त सब्जियां आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आपको एक दिन में इन खाद्य पदार्थों की 6 या अधिक सर्विंग्स जरूरत है। एक सर्विंग - 1 टुकड़ा रोटी, 1 औंस खाने के लिए तैयार अनाज, 1/2 कप पके हुए चावल के बराबर होती है। ये खाद्य पदार्थ विटामिन, फाइबर, खनिज, और स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट में प्रचुर होते हैं। कार्बोहाइड्रेट जिनमें फाइबर प्रचुर हो जैसे पूरे अनाज की रोटी, ब्राउन चावल, या सेम उन्हें वरीयता दें।
  • सब्जियां: आपको प्रतिदिन 3-5 सब्जियों की सर्विंग्स की जरूरत है। एक सर्विंग है एक कप पकी या कच्ची पत्तेदार सब्जियां कटी हुई; 3/4 कप सब्जी का रस, या 1/2 कप कटी हुई सब्जियां, कच्ची या पकी हुई। गहरे हरे और पीले रंग की सब्जियां जैसे पालक, ब्रोकोली, गाजर, टमाटर खाएं।
  • फल: आपको प्रतिदिन फलों की 2-4 सर्विंग्स की जरूरत है। एक सर्विंग है 1 मध्यम साइज का पूरा फल जैसे एक केला, सेब, या संतरा, 1/2 एक कप कटे, जमे, पके हुए या डिब्बा बंद फल; 3/4 कप किसी भी फल का रस। अधिमानतः फलों का रस के बजाय पूरे फल खाएं क्योंकि पूरे फलों में अधिक फाइबर होता है। फलों के रस जिनमें मिठास या सिरप जोड़ा गया हो, से बचें, फ्रोजन या डिब्बा बंद फलों की तुलना में ताजा फलों को वरीयता दें क्योंकि उनमें अधिक पोषक तत्व बरकरार रहते हैं।
  • दूध और डेयरी: आपको प्रतिदिन दूध या दूध से बने उत्पादों की 4 सर्विंग्स की जरूरत है। एक सर्विंग 1 कप दूध या दही है, लगभग 40 ग्राम प्राकृतिक पनीर, या 2 ऑउंस संसाधित पनीर। अधिमानतः कम वसा वाला दूध या दही लें। दूध और दूध से बने उत्पाद प्रोटीन, कैल्शियम और फास्फोरस के प्रचुर स्रोत हैं।
  • प्रोटीन (मीट, मछली, सूखी फलियाँ, दाल, अंडे, और गिरीदार फल): आपको इस समूह की प्रतिदिन 2-3 सर्विंग्स की जरूरत है। एक सर्विंग 2-3 ऑउंस पका मांस, मुर्गी, या मछली; 1/2 कप पकी हुई सेम; 1 अंडा; 1 कप दाल/दलहन। मछली और मुर्गी की बजाए मीट को वरीयता दें। ये खाद्य पदार्थ विटामिन बी , प्रोटीन, लौह और जस्ता के प्रचुर स्रोत हैं।  
  • मिठाई: मिठाई का सेवन सीमा में करें क्योंकि इनमें वसा और शर्करा अधिक होती है।
  • वसा: तेल, घी, मक्खन, मार्जरीन, सलाद ड्रेसिंग, और डेसर्ट का सेवन सीमा में करें। लेकिन उन्हें अपने आहार से पूरी तरह से हटाएं नहीं क्योंकि वे आपके बच्चे के विकास और भ्रूण के मस्तिष्क के विकास के लिए आवश्यक हैं।



खाने का समय कैसे महत्वपूर्ण है

गर्भवती महिलाओं को उसकी पोषण की जरूरत और बढ़ते भ्रूण की जरूरत को पूरा करने के लिए स्वस्थ और पौष्टिक खाद्य पदार्थ खाने चाहिए। आहार की जेस्टेशनल मधुमेह में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में एक प्रमुख भूमिका है। जिन महिलाओं में जेस्टेशनल मधुमेह को ठीक से नियंत्रित नहीं किया जाता उनमें गर्भावस्था और डिलीवरी में जटिलताओं का जोखिम बढ़ जाता है। एक गर्भवती महिला भ्रूण पर और अपने ऊपर जेस्टेशनल मधुमेह के प्रभाव को खाने की आदतों को नियंत्रित करके कम कर सकती है।

•    यह महत्वपूर्ण है कि आप भोजन को खाना न छोड़ें। यह और अधिक महत्वपूर्ण है यदि आप इंसुलिन पर हैं। इंसुलिन का उपयोग करने का एक महत्वपूर्ण जोखिम ‘निम्न रक्त शर्करा’ या हॉयपोग्लायसीमिया है। हॉयपोग्लायसीमिया के खतरा और बढ़ जाता है यदि आप अच्छी तरह खाना नहीं, एक बार खाना छोड़ दें, या दिन के सही समय पर खाना न खाएं।

•    छोटे से मध्यम मात्रा के भोजन दिन में तीन बार खाएं और प्रतिदिन एक या अधिक स्नैक लें। अपने भोजन और स्नैक एक उचित या स्वीकार्य समय पर खाएं और हर बार भोजन की मात्रा में सामंजस्य रखें। रक्त शर्करा के स्तर को अधिक स्थिर स्तर पर बनाए रखा जाता है यदि आप दिन भर में समान रूप से खाते रहें।

नाश्ते में अन्य भोजन की तुलना में कम कार्बोहाइड्रेट खाएं क्योंकि सुबह में इंसुलिन प्रतिरोध सबसे अधिक होता है। प्रतिदिन एक समनुरुप कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भोजन और स्नैक में खाएं।

 

आहार जेस्टेशनल मधुमेह में इंसुलिन की जरूरत कम कर देता है

अच्छा पोषण में किसी भी गर्भावस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन यह और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है यदि आपको जेस्टेशनल मधुमेह है। मधुमेह में शरीर इंसुलिन को बना या कुशलतापूर्वक उपयोग नहीं कर पाता है। इंसुलिन अग्न्याशय द्वारा उत्पादित किया जाता है और यह आपकी कोशिकाओं को रक्त में चीनी (ग्लूकोज) का उपयोग ऊर्जा के लिए करने की अनुमति देता है। मधुमेह में ग्लूकोज बड़ी मात्रा में रक्त में संचित हो जाता है, लेकिन कोशिकाओं के पास अपनी जरूरतों के लिए पर्याप्त ईंधन नहीं होता है। जेस्टेशनल मधुमेह में उच्च रक्त शर्करा का स्तर मां और भ्रूण दोनों को प्रभावित कर सकता है। जेस्टेशनल मधुमेह की जटिलताओं में से अधिकांश को रोका और अच्छी तरह से प्रबंधित किया जा सकता है यदि रक्त शर्करा के स्तर अच्छी तरह से नियंत्रित किया जाए।

रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रण में रखने का एक महत्वपूर्ण तरीका स्वस्थ खाना है। अपने चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ की विशिष्ट भोजन योजना का पालन करें। आपका चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ आप के लिए अपने वजन, ऊंचाई, शारीरिक गतिविधि, रक्त शर्करा के स्तर और आपके बच्चे की जरूरतों पर आधारित एक भोजन योजना बना देगा। लेकिन याद रखें कि यदि आहार और व्यायाम आपके रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, तो आपको इंसुलिन की भी सलाह दी जाएगी।

आपका आहार विशेषज्ञ आकलन करेगा कि आपको प्रतिदिन कितनी कैलोरी की जरूरत है। इसके और आपके शर्करा के स्तर के आधार पर वह आपकी की जरूरत के हिसाब से भाग की मात्रा के बारे में बताएगा     और एक संतुलित भोजन कैसे बनाएं जिसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा और पर्याप्त विटामिन और खनिज की सही मात्रा हो।

आहार के लिए कुछ सुझाव जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में आपकी मदद करेंगे;

 

  • ब्रेड और अनाज: अधिक फाइबर वाले, पूरे अनाज वाले कार्बोहाइड्रेट जैसे ब्रेड, भूरे चावल खाएं। ये खाद्य पदार्थ धीरे पचते हैं, अधिक स्वस्थ होते हैं और रक्त शर्करा के स्तर में तीव्र वृद्धि को रोकते हैं। फाइबर में प्रचुर भोजन, जैसे पूरे अनाज की रोटी, ब्राउन चावल, ताजा फल और सब्जियां, सूखे मटर, सेम, और लेग्यूम्स सरल कार्बोहाइड्रेट से अधिक धीरे टूटते और अवशोषित होते हैं। यह भोजन के बाद रक्त शर्करा के स्तर को तेजी से बढाने में मदद करते हैं।
  • फल और सब्जियां: फल और सब्जियों में प्रचुर आहार खाएं क्योंकि उनमें खूब विटामिन, खनिज और फाइबर होता है। फ्रोजन या डिबाबंद की तुलना में ताजा फलों और सब्जियों को वरीयता दें।
  • डेयरी उत्पाद: कम वसा या बिना वसा का दूध, दही या अन्य डेयरी उत्पाद खाएं। दूध और दूध से बने उत्पाद प्रोटीन, कैल्शियम और फास्फोरस के प्रचुर स्रोत हैं।
  • मांस, मछली और मुर्गी: ये खाद्य पदार्थ विटामिन बी, प्रोटीन, लौह और जस्ते के अच्छे स्रोत हैं। मीट की बजाए मछली और मुर्गी को वरीयता दें।
  • तेल और वसा: वसा और तेलों जैसे खाना पकाने का तेल, घी, मक्खन, मार्जरीन, सलाद ड्रेसिंग और डेसर्ट के सेवन को सीमित करें।
  • मिठाई: मिठाई के सेवन को सीमित करें क्योंकि इनमें वसा और शर्करा अधिक होती है। उच्च सरल शर्करा वाले खाद्य पदार्थ और पेय जैसे सोडा, फलों का रस, फ्लेवर्ड चाय, सबसे अधिक डेसर्ट से बचें। ये खाद्य पदार्थ खाने के बाद आपकी रक्त शर्करा में तेजी से वृद्धि करते हैं।
  • नाश्ता में सीमित कार्बोहाइड्रेट खाएं क्योंकि रक्त शर्करा के स्तर सुबह में अधिक होने की संभावना है।
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