त्वचा कैंसर को बढ़ावा देने वाले जीन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 14, 2011
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Twacha cancer ko badhawa dene vale gene in hindiवैज्ञानिकों ने त्वचा कैंसर के संबंध में अहम सफलता हासिल करने का दावा किया है। उन्होंने तीन नए असामान्य जीन की पहचान की है, जो त्वचा कैंसर के विकसित होने का खतरा 30 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं। गोरी त्वचा, नीली या हरी आंखें, सुनहरे या लाल बाल, ज्यादा तिल वाले लोगों के अलावा जिनके परिवार में त्वचा कैंसर का इतिहास रहा है, उन्हें मेलानोमा होने का खतरा ज्यादा होता है।

 

मेलानोमा त्वचा कैंसर का सबसे घातक रूप है। लीड्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के एक दल ने डीएनए से त्वचा कैंसर के संबंध को खोजने का दावा किया है। इस खोज से मेलानोमा के जोखिम से जूझ रहे लोगों के इलाज का मार्ग प्रशस्त होगा।

 

ब्रिटिश अखबार डेली एक्सप्रेस ने वैज्ञानिकों के हवाले से बताया कि यह पहला मौका है कि जब उन्होंने जींस में ऐसे कारणों को खोजा है जो व्यक्ति के बालों, त्वचा और आंखों के रंग से संबंधित नहीं है।

 

यह शोध नेचर जेनेटिक्स में प्रकाशित हुआ है। शोध के लिए वैज्ञानिकों ने मेलानोमा से पीडि़त यूरोप के तीन हजार लोगों के खून के नमूनों में जीन की जांच की। इसकी तुलना आम लोगों के रक्त के नमूनों से की गई।

 

Write a Review
Is it Helpful Article?YES1 Vote 12703 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर