आंखों की रोशनी कम करने वाला जीन

By  ,  दैनिक जागरण
Nov 02, 2011
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Short sighted man-दुनिया में सबसे ज्यादा लोग ग्लूकोमा की वजह से अंधे होते हैं

स्कैंडेनेविया की एक शोध टीम को उस जीन का पता लगाने में सफलता मिली है जिसकी वजह से आदमी की आंखों की रोशनी कम होने लगती है। वह धीरे-धीरे अंधा हो जाता है।

एक्सफोलिएशन ग्लूकोमा (एक्सएफजी) अंधेपन की मुख्य बीमारी ग्लूकोमा का एक ही प्रकार है। अध्ययन के मुताबिक एलओएक्सएल-1 जीन में उत्परिवर्तन करके ग्लूकोमा के कई प्रकार से बचा जा सकता है। डिकोड जेनेटिक्स इंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कारी स्टीफैंसन ने बताया कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा लोग ग्लूकोमा के कारण अंधे होते हैं। अध्ययन इस खतरनाक बीमारी का मुख्य कारक और इसके इलाज की संभावना को सामने लाता है। इस दृष्टि से शोध के परिणाम उत्साहवर्धक है।


उन्होंने बताया कि यह जीन ही दरअसल सभी तरह के एक्सफोलिएशन ग्लूकोमा का मुख्य कारक है। यदि एलओएक्सएल-1 जीन को निष्कि्रय कर दिया जाए तो इस बीमारी को खत्म किया जा सकता है।


स्टीफैंसन ने बताया कि यह जीन आदमी की दृष्टि में सहायक शिराओं को क्षतिग्रस्त कर देते हैं। इसके चलते आदमी के देखने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। सबसे खतरनाक बात तो यह है कि इस बीमारी का कोई प्रारंभिक लक्षण नहीं होता। मरीज को पता तक नहीं चल पाता कि वह अंधा हो रहा है।


एक्सएफजी आमतौर पर 60 साल से ऊपर के लोगों को होता है। यह इस उम्र के 10 से 20 प्रतिशत लोगों के अंधे होने का सबसे मुख्य कारण है। एक बार एक्सएफजी हो जाने के बाद इसमें कोई दवा कारगर नहीं होती।

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