गर्भावस्‍था के तीसरे ट्राइमेस्‍टर में व्‍यायाम करना बंद कर देना चाहिए

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 19, 2012
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Quick Bites

  • गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही में व्‍यायाम करना मुश्किल हो जाता है।
  • पावर योगा और सूर्य नमस्‍कार जेसे योगा के पोस्‍चर करने से बचें।
  • तीसरी तिमाही में भ्रूण के विकसित होने से पेट ज्‍यादा निकल जाता है।
  • व्‍यायाम बंद करने के बाद हल्‍की जागिंग करके फिट रह सकती हैं आप।

गर्भधारण करने के बाद महिलाएं अक्‍सर काम करना या तो बंद कर देती हैं या‍ फिर कम कर देती हैं। घरवाले भी प्रेगनेंसी के बाद आराम करने की सलाह देते हैं। लेकिन गर्भधारण के बाद अगर ज्‍यादा आराम किया जाए तो मां और गर्भस्‍थ शिशु दोनों को दिक्‍कत हो सकती है। गर्भावस्‍था के दौरान व्‍यायाम करने के बहुत फायदे है।

Stop Exercise During Pregnancyप्रेगनेंसी में व्‍यायाम करते रहने से डिलीवरी में ज्‍यादा समस्‍या नहीं होती है। लेकिन गर्भावस्‍था में एक समय ऐसा भी आता है जब व्‍यायाम बिलकुल बंद कर देना चाहिए। आइए हम आपको बताते हैं कि गर्भावस्‍था के दौरान कब तक व्‍यायाम किया जा सकता है।

 [इसे भी पढ़ें : गीर्भावस्‍‍था में डांस के फायदे]


कब बंद करें गर्भावस्‍था में व्‍यायाम

  • गर्भावस्‍था में व्‍यायाम करने से मां और गर्भस्‍थ शिशु दोनों स्‍वस्‍थ्‍य रहते हैं। गर्भाधारण करने के बाद शिशु और मां के फिटनेस के लिए व्‍यायाम करते रहना चाहिए।
  • गर्भावस्‍था की पहली और दूसरी तिमाही में आसानी से व्‍यायाम किया जा सकता है, लेकिन गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही में भ्रूण का विकास ज्‍यादा हो जाता है जिसके कारण आपका पेट ज्‍यादा आगे निकल जाता है।
  • गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही में व्‍यायाम करना मुश्किल हो जाता है। इस दौरान गर्भवती महिला को भरपूर आराम की आवश्‍यकता होती है।
  • गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही में महिला को घर का काम करने से पूरी तरह बचना चाहिए।
  • गर्भावस्‍था के दूसरी तिमाही में व्‍यायाम किया जा सकता है, लेकिन एनर्जेटिक व्‍यायाम करने से बचना चाहिए। इसके अलावा पीठ के बल सीधे लेटना, या‍ फिर पीठ के बल लेटकर किये जाने व्‍यायाम से बचना चाहिए।
  • गर्भावस्‍था के दौरान किसी भी प्रकार के खेल में भाग लेने से बचना चाहिए। क्‍योंकि अक्‍सर खेल के दौरान बॉल आपके पेट में लग सकता है जिससे मां और बच्‍चे दोनों को नुकसान हो सकता है।
  • गर्भावस्‍था के दौरान सीढि़यों का कम से कम इस्‍तेमाल करन चाहिए इसके अलावा घुड़सवारी करने से पूरी तरह से बचना चाहिए।
  • पावर योगा और सूर्य नमस्‍कार जेसे योगा के पोस्‍चर से बिलकुल बचना चाहिए।

 

[ इसे भी पढ़ें : गर्भावस्‍था में सावधानी]


गर्भावस्‍था में व्‍यायाम बंद करने के बाद

  • गर्भावस्‍था के तीसरे ट्राइमेस्‍टर में व्‍यायाम बंद करने के बाद भी आप अपने को फिट रख सकती हैं।
  • व्‍यायाम बंद करने के बाद हल्‍की जागिंग की जा सकती है, घर के बाहर या फिर पार्क में टहलना मां और शिशु दोनों के लिए फायदेमंद है।
  • जमीन पर बैठकर हल्‍के व्‍यायाम करना चाहिए।
  • गर्भावस्‍था के तीसरी तिमाही में व्‍यायाम बंद करने के बाद हल्‍का वर्क आउट करने से लेबर के समय ज्‍यादा दिक्‍कत नही होती है।

 

गर्भावस्‍था के दौरान व्‍यायाम मां और शिशु दोनों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जरूरी है। लेकिन दूसरी तिमाही के बाद अकेले व्‍यायाम करने से बचें। अगर आप तीसरी तिमाही में भी व्‍यायाम करते रहना चाहती हैं तो डॉक्‍टर से संपर्क अवश्‍य कीजिए।

 

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